विनाश के 39 सेकंड: दो भीषण भूकंपों ने वेनेजुएला को झकझोरा, मलबे में बदलीं बस्तियां, हजारों जिंदगियां खतरे में

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Image: Bloomberg

वेनेजुएला ने बुधवार शाम कुछ ही सेकंड के भीतर ऐसी तबाही देखी, जिसे वहां के लोग शायद कभी भूल नहीं पाएंगे। स्थानीय समयानुसार शाम करीब छह बजे आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने पूरे देश को दहला दिया। दोनों झटकों की तीव्रता क्रमशः 7.2 और 7.5 मापी गई और इनके बीच महज 39 सेकंड का अंतर था।

राजधानी कराकस सहित कई इलाकों में इमारतें हिलने लगीं, सड़कें फट गईं और देखते ही देखते कई भवन धराशायी हो गए। भूकंप के बाद उठे धूल और मलबे के गुबार ने शहर को ढक लिया। लोग अपने प्रियजनों को बचाने के लिए टूटे हुए ढांचों के बीच दौड़ते नजर आए, जबकि हर तरफ चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल था।

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार अब तक 32 लोगों की मौत और लगभग 700 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक नुकसान का आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है। भूकंप के बाद कई बार आफ्टरशॉक भी महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता 4.9 से 6.4 के बीच दर्ज की गई।

कराकस की रहने वाली मारिया एलेजांद्रा ने उस भयावह पल को याद करते हुए बताया कि पूरा शहर किसी प्रलयकारी फिल्म के दृश्य जैसा लग रहा था। धूल का इतना घना गुबार था कि सामने कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। जब लोग इमारतों से बाहर निकले तो उन्हें मलबे के ढेरों को पार करके सुरक्षित स्थानों तक पहुंचना पड़ा।

सबसे ज्यादा नुकसान राजधानी कराकस और तटीय राज्य ला ग्वाइरा में दर्ज किया गया। कई आवासीय इमारतें धराशायी हो गईं, जबकि अनेक भवनों में बड़ी दरारें पड़ गईं। बचाव दल, पुलिस और स्वयंसेवक रातभर मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए अभियान चलाते रहे।

कराकस के अल्तामीरा इलाके में एक आवासीय इमारत गिरने के बाद दर्जनों परिवार अपने परिजनों की तलाश में मौके पर जमा हो गए। 61 वर्षीय जोस मोरिलो अपने परिवार के सदस्यों के फंसे होने की खबर मिलते ही मोटरसाइकिल से घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने कहा कि अनिश्चितता सबसे बड़ा दर्द है और उन्हें उम्मीद है कि उनके प्रियजन सुरक्षित मिल जाएंगे।

तबाही के बीच उम्मीद की एक किरण भी दिखाई दी, जब रात करीब नौ बजे बचावकर्मियों ने मलबे से एक किशोरी को जीवित बाहर निकाला। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखों में खुशी और राहत के आंसू आ गए।

स्थानीय नागरिक भी राहत कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते नजर आए। कई स्वयंसेवक घंटों तक मलबा हटाने और फंसे लोगों की तलाश में जुटे रहे। लोगों का कहना है कि झटके इतने तेज थे कि ऐसा महसूस हो रहा था मानो पूरी इमारत किसी भी क्षण उनके ऊपर गिर जाएगी।

तटीय शहर ला ग्वाइरा में भी भारी तबाही देखने को मिली। यहां स्थित समुद्र तटों के पास कई इमारतों को गंभीर नुकसान पहुंचा। देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी संरचनात्मक क्षति पहुंचने की खबरों के बाद अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी है। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि मलबे में अब भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए अभियान लगातार जारी है।

रात गहराने के साथ हजारों परिवार अपने लापता परिजनों की खबर का इंतजार करते रहे। कई लोगों के लिए यह सिर्फ प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि जिंदगी को हमेशा के लिए बदल देने वाला दर्दनाक अनुभव बन गया है। फिलहाल पूरे देश की निगाहें राहत और बचाव कार्यों पर टिकी हैं, जबकि उम्मीद की जा रही है कि मलबे के नीचे दबे अधिक से अधिक लोगों को जिंदा निकाला जा सके।

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