अहसास दिल से | चिट्ठियों से वीडियो कॉल तक का सफर, कहां खो गया अपनापन ? | World Post Day 2026 | TNC |
कभी डाकिए की घंटी सुनकर दिल धड़क उठता था, आज फोन की हर घंटी पर नजर जाती है… लेकिन क्या संदेशों की बढ़ती रफ्तार में रिश्तों का अपनापन पीछे छूट रहा है ? विश्व डाक दिवस पर ‘अहसास… दिल से’ लेकर आया है पुराने खतों की खुशबू, उत्तरापथ से ग्रैंड ट्रंक रोड के इतिहास की झलक और डाक से वीडियो कॉल तक संचार का सफर। आज किसी अपने को सिर्फ मैसेज मत भेजिए, दिल की बात भी कहिए। बताइए, क्या आपने आज भी कोई पुरानी चिट्ठी संभालकर रखी है ?
