कानून का गलत इस्तेमाल! झूठे POCSO केस पर कितनी सजा होनी चाहिए ? | TNC |
अजमेर के भिनाय थाना क्षेत्र में जमीन विवाद के बीच सात वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का आरोप लगाकर पड़ोसी के खिलाफ POCSO केस दर्ज कराया गया था। जांच के दौरान बच्ची ने कथित घटना से इनकार किया और पुलिस ने आरोपों को असत्य मानते हुए अंतिम रिपोर्ट पेश की। विशेष POCSO अदालत ने शिकायतकर्ता महिला पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया। इस फैसले के बाद सवाल उठ रहा है कि प्रमाणित झूठे यौन अपराध मामलों में मौजूदा दंड पर्याप्त है या कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए अधिक प्रभावी प्रावधान जरूरी हैं। पूरी रिपोर्ट में जानिए मामला, अदालत का फैसला और POCSO Act की धारा 22 से जुड़ी अहम बातें।
