नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने पुराने मामलों में उन्हें तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी है। इस आदेश के बाद मिलन प्रधान अब 6 अक्टूबर को होने वाले Nandigram Bypoll के दौरान जेल से बाहर रह सकेंगे और चुनाव प्रचार में भी हिस्सा ले सकेंगे।
जस्टिस तीर्थंकर घोष की एकल पीठ ने मिलन प्रधान की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि उन्हें चुनाव लड़ने का अवसर मिलना चाहिए। अदालत ने यह भी नोट किया कि प्रधान ने नामांकन दाखिल करते समय हिरासत में नहीं थे और इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
Nandigram Bypoll: 20 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत, 21 को करना होगा सरेंडर
Indian Express Bangla की रिपोर्ट के मुताबिक मिलन प्रधान की अंतरिम जमानत 20 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी और उन्हें 21 अक्टूबर को अदालत के सामने पेश होकर आत्मसमर्पण करना होगा। कोर्ट ने उनसे अपना मोबाइल नंबर जांच अधिकारी को उपलब्ध कराने को भी कहा है। पुलिस जरूरत पड़ने पर जांच के सिलसिले में उनसे संपर्क कर सकेगी।
LiveLaw ने आदेश को तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत बताते हुए इसकी अवधि 21 अक्टूबर तक बताई है। दोनों रिपोर्टों से इतना स्पष्ट है कि Nandigram Bypoll के मतदान और मतगणना के दौरान मिलन प्रधान जेल से बाहर रहेंगे।
नंदीग्राम में मतदान 6 अक्टूबर को होना है, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।
छह पुराने मामलों में मिली राहत
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक मिलन प्रधान के खिलाफ नंदीग्राम और खेजुरी थानों से जुड़े छह पुराने मामलों को लेकर कानूनी कार्यवाही चल रही थी। हाईकोर्ट ने इन मामलों में अंतरिम राहत प्रदान की है।
मामले मुख्य रूप से 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौर से जुड़े हैं। पुलिस ने प्रधान के खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, अपहरण, सबूत मिटाने, घर में जबरन घुसने और हथियारों के साथ हिंसा जैसे गंभीर आरोपों वाले पुराने मामलों का हवाला दिया था। ये आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं और दोषसिद्धि नहीं हुई है।
18 सितंबर को हुए थे गिरफ्तार
Nandigram Bypoll के कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 18 सितंबर को पूर्व मेदिनीपुर के चंडीपुर इलाके से गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी 2007 से जुड़े पुराने मामलों में लंबित गैर-जमानती वारंट के आधार पर की गई थी।
पुलिस का कहना था कि प्रधान कई वर्षों से इन मामलों में फरार दिखाए गए थे और चुनाव के दौरान लंबित वारंटों को लागू करने की प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई। कांग्रेस ने गिरफ्तारी के समय और तरीके पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया था। यह कांग्रेस का आरोप है, जबकि पुलिस ने कार्रवाई को लंबित कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया।
पहले निचली अदालत ने भेजा था न्यायिक हिरासत में
गिरफ्तारी के बाद एक स्थानीय अदालत ने मिलन प्रधान को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। एक मामले में उनकी हिरासत की अवधि 7 अक्टूबर यानी मतदान के अगले दिन तक तय की गई थी। इससे यह संभावना बन गई थी कि वह Nandigram Bypoll में खुद प्रचार नहीं कर पाएंगे।
इसके बाद प्रधान की ओर से हाईकोर्ट का रुख किया गया। पहले अलग-अलग पीठों से उन्हें सीमित राहत मिली, लेकिन एक डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि उन्हें नियमित कानूनी प्रक्रिया के तहत जमानत मांगनी होगी। इसके बाद उनकी जमानत याचिका पर जस्टिस तीर्थंकर घोष की अदालत ने सुनवाई की।
Nandigram Bypoll : हाईकोर्ट ने किन बातों पर गौर किया?
अंतरिम जमानत देते समय हाईकोर्ट ने कई परिस्थितियों पर विचार किया। अदालत ने कहा कि मामले लगभग 19 साल पुराने हैं और राज्य की ओर से ऐसा कोई नया रिकॉर्ड पेश नहीं किया गया जिससे यह दिखे कि 2007 के बाद प्रधान किसी नए अपराध में वांछित रहे हों।
कोर्ट ने यह भी नोट किया कि प्रधान गिरफ्तारी से पहले अपना नामांकन दाखिल कर चुके थे। चुनाव करीब होने के कारण अदालत ने उन्हें Nandigram Bypoll में हिस्सा लेने का अवसर देने के पक्ष में अंतरिम राहत दी।
अब प्रचार में उतर सकेंगे मिलन प्रधान
जमानत मिलने के बाद मिलन प्रधान के लिए चुनाव प्रचार में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने का रास्ता खुल गया है। इससे पहले उनके जेल में रहने के कारण कांग्रेस कार्यकर्ता उनकी ओर से प्रचार कर रहे थे।
अब मतदान से पहले बचे दिनों में वह स्वयं मतदाताओं के बीच जा सकेंगे। इससे Nandigram Bypoll के चुनावी अभियान में एक नया राजनीतिक घटनाक्रम जुड़ गया है, लेकिन इससे चुनावी परिणाम पर क्या असर पड़ेगा, इसका आकलन मतदान के बाद ही संभव होगा।
कांग्रेस ने कोर्ट के फैसले का किया स्वागत
पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने अदालत से मिली राहत का स्वागत किया है। कांग्रेस नेतृत्व ने गिरफ्तारी को लेकर पहले भी सवाल उठाए थे और दावा किया था कि पुराने मामलों का इस्तेमाल चुनावी अभियान को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है।
ये कांग्रेस के राजनीतिक आरोप हैं। अदालत के आदेश ने फिलहाल केवल मिलन प्रधान को अंतरिम जमानत दी है; इससे उनके खिलाफ मामलों का अंतिम निपटारा नहीं हुआ है। कानूनी आरोपों पर आगे की सुनवाई जारी रहेगी।
नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को मतदान
Nandigram Bypoll के लिए मतदान 6 अक्टूबर को होगा और मतों की गिनती 9 अक्टूबर को निर्धारित है। चुनाव प्रचार 4 अक्टूबर को समाप्त होगा।
अंतरिम जमानत के बाद मिलन प्रधान अब चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में सक्रिय रूप से शामिल हो सकते हैं। दूसरी ओर उनके खिलाफ पुराने मामलों की कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी और अंतरिम जमानत की अवधि पूरी होने के बाद उन्हें अदालत के निर्देशों का पालन करना होगा।
इस तरह Nandigram Bypoll से कुछ दिन पहले आया कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला कांग्रेस उम्मीदवार को प्रचार का अवसर देता है, जबकि उनके खिलाफ लंबित मामलों पर अंतिम कानूनी फैसला अभी बाकी है।

