वर्ल्ड कप फाइनल के बाद स्पेन के खिलाड़ियों से झड़प में लिएंड्रो पारेडेस और नाहूएल मोलिना पर कथित मारपीट के आरोप; सहायक कोच रॉबर्टो अयाला, थियागो अल्माडा और स्पेन के गावी के खिलाफ भी कार्यवाही
जिनेवा। फीफा ने 2026 विश्व कप के दौरान हुई कई विवादित घटनाओं को लेकर अर्जेंटीना फुटबॉल संघ यानी AFA, उसके दो खिलाड़ियों और एक सहायक कोच के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की है। यह कार्रवाई 19 जुलाई को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेले गए फाइनल के बाद हुई झड़प तथा सेमीफाइनल के बाद दिखाए गए राजनीतिक संदेश से जुड़ी है।
FIFA Argentina Disciplinary Case में अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो पारेडेस और डिफेंडर नाहूएल मोलिना पर कथित मारपीट से संबंधित आरोप लगाए गए हैं। सहायक कोच रॉबर्टो अयाला के खिलाफ भी इसी श्रेणी में कार्यवाही शुरू हुई है। अर्जेंटीना के थियागो अल्माडा और स्पेन के गावी पर खेल भावना के विपरीत आचरण का आरोप है।
‘तीन खिलाड़ियों’ नहीं, दो खिलाड़ी और एक अधिकारी
मूल समाचार के शीर्षक में अर्जेंटीना के तीन खिलाड़ियों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज होने की बात कही गई है, लेकिन आधिकारिक विवरण इससे अलग है।
फीफा ने कथित मारपीट के लिए अर्जेंटीना के दो खिलाड़ियों—लिएंड्रो पारेडेस और नाहूएल मोलिना—तथा टीम अधिकारी रॉबर्टो अयाला के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की है। अयाला अर्जेंटीना के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और मौजूदा सहायक कोच हैं।
इसे सामान्य पुलिस या आपराधिक मामला भी नहीं कहा जाना चाहिए। फीफा ने अपने अनुशासनात्मक नियमों के तहत कार्यवाही शुरू की है। अंतिम निर्णय फीफा की अनुशासनात्मक समिति करेगी।
पारेडेस पर मारपीट के तीन आरोप
फीफा के आधिकारिक बयान के अनुसार लिएंड्रो पारेडेस पर अनुशासनात्मक संहिता के अनुच्छेद 14(1)(i) के संभावित उल्लंघन के तहत कथित मारपीट के तीन आरोप हैं।
नाहूएल मोलिना पर दो आरोप लगाए गए हैं, जिनमें एक कथित रूप से पूरी हुई घटना और एक मारपीट के प्रयास से संबंधित है। रॉबर्टो अयाला के खिलाफ कथित मारपीट का एक आरोप दर्ज किया गया है।
फाइनल के बाद मैदान पर उस समय तनाव बढ़ा, जब स्पेन के स्थानापन्न खिलाड़ी और स्टाफ अपनी टीम की जीत का जश्न मनाने के लिए पिच पर आए। Reuters के अनुसार इसी दौरान पारेडेस ने स्पेन के गावी को धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया और दोनों टीमों के कई खिलाड़ी आमने-सामने आ गए।
स्पेन ने एक्स्ट्रा टाइम में जीता था फाइनल
स्पेन ने 19 जुलाई को खेले गए विश्व कप फाइनल में अर्जेंटीना को एक्स्ट्रा टाइम के बाद 1-0 से हराकर खिताब जीता था। अंतिम सीटी बजने के बाद हुई झड़प ने स्पेन के जश्न और अर्जेंटीना की निराशा के बीच स्थिति को तनावपूर्ण बना दिया।
घटना के बाद नियुक्त अनुशासनात्मक और नैतिक मामलों के अभियोजक ने उपलब्ध वीडियो, मैच अधिकारियों की रिपोर्ट और अन्य सामग्री की समीक्षा की। उसी रिपोर्ट की सिफारिश पर फीफा ने संबंधित खिलाड़ियों और अधिकारी के खिलाफ औपचारिक कार्यवाही शुरू की।
मोलिना, अल्माडा और गावी पर भी आरोप
मारपीट से जुड़े आरोपों के अतिरिक्त नाहूएल मोलिना पर खेल भावना के विपरीत आचरण का एक मामला भी खोला गया है। अर्जेंटीना के थियागो अल्माडा और स्पेन के पाब्लो मार्टिन पाएज गावीरा यानी गावी के खिलाफ भी इसी श्रेणी में एक-एक आरोप लगाया गया है।
इसका अर्थ यह है कि गावी को कथित मारपीट का आरोपी नहीं बनाया गया है। उनके खिलाफ कार्यवाही केवल कथित अनुचित या गैर-खेल व्यवहार से संबंधित है।
अर्जेंटीना फुटबॉल संघ पर अलग कार्यवाही
FIFA Argentina Disciplinary Case केवल फाइनल के बाद हुई झड़प तक सीमित नहीं है। फीफा ने पूरे विश्व कप में अर्जेंटीना से जुड़ी कई घटनाओं को लेकर AFA के खिलाफ भी अलग कार्यवाही शुरू की है।
संघ पर निम्न संभावित उल्लंघनों की जांच होगी:
- खेल आयोजन का गैर-खेल या राजनीतिक प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल
- टीम का अनुचित व्यवहार
- भेदभावपूर्ण नारे, इशारे या नस्लीय दुर्व्यवहार
- मैचों में व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन
फीफा के अनुसार आरोपों में मैच देर से शुरू होना, मैच और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन न करना, टीम तथा दर्शकों द्वारा अनुचित संदेश दिखाना और प्रशंसकों का वस्तुएं फेंकना भी शामिल है। ये घटनाएं अर्जेंटीना के विश्व कप अभियान के कई मुकाबलों से संबंधित बताई गई हैं।
‘लास माल्विनास’ बैनर पर विवाद
अर्जेंटीना ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराया था। मैच के बाद अर्जेंटीना के कुछ खिलाड़ियों ने “Las Malvinas Son Argentinas” यानी “माल्विनास अर्जेंटीना के हैं” संदेश वाला बैनर उठाया था।
अर्जेंटीना फॉकलैंड द्वीपसमूह को माल्विनास कहता है और उस पर संप्रभुता का दावा करता है। फीफा का मानना है कि खेल आयोजन का राजनीतिक या गैर-खेल प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल उसके अनुशासनात्मक नियमों का संभावित उल्लंघन हो सकता है।
इससे पहले वर्ष 2014 में भी अर्जेंटीना के खिलाड़ियों द्वारा इसी तरह का बैनर दिखाए जाने के बाद फीफा ने उसके फुटबॉल संघ पर आर्थिक जुर्माना लगाया था।
नस्लीय दुर्व्यवहार की जांच कौन कर रहा है?
मूल कॉपी में कहा गया है कि AFA नस्लीय दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच कर रहा है। आधिकारिक बयान के अनुसार फीफा की अनुशासनात्मक समिति ने AFA के खिलाफ संभावित भेदभाव और नस्लीय दुर्व्यवहार सहित कई आरोपों पर कार्यवाही शुरू की है।
फीफा ने अभी किसी विशेष नारे, खिलाड़ी या प्रशंसक को दोषी घोषित नहीं किया है। जांच के दौरान AFA को संबंधित घटनाओं पर अपना जवाब और साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
अभी दोष सिद्ध नहीं हुआ
फीफा ने स्पष्ट किया है कि पारेडेस, मोलिना, अयाला, अल्माडा, गावी और अर्जेंटीना फुटबॉल संघ को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। उनके जवाब के बाद अनुशासनात्मक समिति फैसला सुनाएगी।
इसलिए कार्यवाही शुरू होने का अर्थ यह नहीं है कि आरोप साबित हो गए हैं। संभावित सजा खिलाड़ियों के लिखित जवाब, वीडियो साक्ष्यों, मैच अधिकारियों की रिपोर्ट और फीफा अनुशासनात्मक संहिता के आधार पर तय होगी।
आरोप सिद्ध होने पर खिलाड़ियों या अधिकारियों पर मैच प्रतिबंध, जुर्माना या दूसरी अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। AFA को भी आर्थिक दंड, दर्शक प्रतिबंध या अन्य खेल संबंधी दंड का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन फीफा ने फिलहाल किसी दंड की घोषणा नहीं की है।
विश्व कप अभियान के बाद अर्जेंटीना की मुश्किलें बढ़ीं
2022 का विश्व चैंपियन अर्जेंटीना 2026 में खिताब बचाने के बेहद करीब पहुंचा, लेकिन फाइनल में स्पेन से हार गया। अब मैदान पर मिली हार के बाद टीम को अनुशासनात्मक मामलों का सामना करना पड़ रहा है।
FIFA Argentina Disciplinary Case का सबसे गंभीर हिस्सा पारेडेस, मोलिना और अयाला के खिलाफ कथित मारपीट की कार्यवाही है। वहीं राजनीतिक बैनर, भेदभावपूर्ण व्यवहार, सुरक्षा नियमों और दर्शकों के आचरण से जुड़े आरोप AFA के लिए व्यापक संस्थागत चुनौती बन सकते हैं।
अंतिम निर्णय आने तक इन सभी मामलों को आरोप और संभावित नियम उल्लंघन के रूप में ही देखा जाना चाहिए।




