राजस्थान बारिश अपडेट के मुताबिक मानसूनी ट्रफ के उत्तर की ओर खिसकने से प्रदेश के मौसम का मिजाज बदल गया है। पूर्वी और उत्तरी राजस्थान के कई जिलों में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 6 से 8 अगस्त के बीच उत्तर-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर बढ़ सकती हैं। हालांकि पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में बारिश सीमित रहने की संभावना जताई गई है।
प्रदेश के ऊपर सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर होकर परिसंचरण तंत्र में बदल गया है। यह तंत्र उत्तर-पूर्वी राजस्थान के आसपास बना हुआ है। वहीं मानसूनी ट्रफ बीकानेर, दिल्ली और लखनऊ से होकर गुजर रही है। इसी मौसमी बदलाव के कारण राजस्थान के अलग-अलग संभागों में बारिश का असर एक जैसा नहीं रहेगा।
Rajasthan Barish: पूर्वी और उत्तरी जिलों में बरसेंगे बादल
मौसम केंद्र जयपुर के पूर्वानुमान के अनुसार, 4 और 5 अगस्त को उत्तरी एवं पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। भरतपुर, जयपुर और बीकानेर संभाग के कुछ क्षेत्रों में बादल सक्रिय रहने की संभावना है।
दूसरी ओर जोधपुर, उदयपुर और कोटा संभाग के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ सकती हैं। इन क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर बादल बनने और छिटपुट बरसात की संभावना बनी रहेगी, लेकिन व्यापक बारिश के आसार फिलहाल कम हैं।
प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान श्रीगंगानगर, भरतपुर, जयपुर, सीकर, डीग, धौलपुर और करौली सहित कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। श्रीगंगानगर में कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने से गर्मी और उमस से राहत मिली। जिले के श्रीकरणपुर, श्रीविजयनगर, गजसिंहपुर, राजियासर और हिंदूमलकोट के आसपास भी बादल बरसे।
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Rajasthan Barish- 6 अगस्त से बढ़ सकती हैं बारिश की गतिविधियां
मौसम विभाग के अनुसार, 6 से 8 अगस्त के दौरान Rajasthan Barish की गतिविधियां फिर बढ़ने की संभावना है। इसका सबसे अधिक असर उत्तर-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में देखने को मिल सकता है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं मध्यम बारिश के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं।
मौसम का प्रभाव मुख्य रूप से जयपुर, भरतपुर, अजमेर और कोटा संभाग के कुछ जिलों में दिखाई दे सकता है। हालांकि बारिश का वास्तविक क्षेत्र और तीव्रता स्थानीय बादलों तथा परिसंचरण तंत्र की स्थिति पर निर्भर करेगी।
पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर और आसपास के ज्यादातर हिस्सों में इस अवधि के दौरान बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने का अनुमान है। किसानों और यात्रियों को जिलेवार चेतावनी के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा बुलेटिन पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
जयपुर में बारिश से मौसम हुआ सुहाना

जयपुर में सावन के पहले सोमवार को रुक-रुककर हुई बारिश ने मौसम सुहाना कर दिया। अजमेर रोड, वैशाली नगर, चित्रकूट और आसपास के इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। शहर के कई दूसरे हिस्सों में भी हल्की बौछारें पड़ीं। जयपुर कलक्ट्रेट क्षेत्र में करीब सात मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
बारिश के कारण कुछ सड़कों पर पानी जमा हुआ और यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई। इसके बावजूद लंबे समय से गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को बड़ी राहत मिली। अल्बर्ट हॉल और शहर के अन्य पर्यटन स्थलों पर लोग बारिश का आनंद लेते दिखाई दिए।
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Rajasthan Barish- श्रीगंगानगर में 62 मिलीमीटर बारिश
प्रदेश में सबसे अधिक बारिश श्रीगंगानगर में दर्ज की गई। यहां करीब 62 मिलीमीटर यानी ढाई इंच वर्षा हुई। तेज बारिश से कई निचले इलाकों में पानी जमा हो गया, लेकिन गर्मी से परेशान लोगों को राहत भी मिली।

सीकर जिले और आसपास के क्षेत्रों में भी सुबह से बारिश का सिलसिला देखने को मिला। डीग, धौलपुर और करौली के कुछ इलाकों में हुई अच्छी बरसात से किसानों की उम्मीदें बढ़ी हैं। खरीफ की फसलों के लिए यह बारिश उपयोगी मानी जा रही है, लेकिन जलभराव वाले क्षेत्रों में अधिक बरसात नुकसान भी पहुंचा सकती है।
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बीसलपुर बांध को अब भी अच्छे पानी की उम्मीद
जयपुर, अजमेर, टोंक और सवाई माधोपुर की जलापूर्ति के प्रमुख स्रोत बीसलपुर बांध को इस मानसून में अब तक अपेक्षित पानी नहीं मिला है। बांध के कैचमेंट क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होने से जलस्तर में तेज बढ़ोतरी दर्ज नहीं हुई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक बांध का जलस्तर 313.57 आरएल मीटर के आसपास बना हुआ है।
चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा क्षेत्र में अच्छी बारिश होने पर मेनाल नदी का पानी गोवटा बांध तक पहुंचता है। गोवटा बांध के ओवरफ्लो होने के बाद पानी त्रिवेणी संगम की तरफ बढ़ता है और वहां से बीसलपुर बांध में आवक शुरू होती है। ऐसे में 6 अगस्त से प्रस्तावित बारिश का दौर कैचमेंट क्षेत्र में सक्रिय हुआ तो बांध में पानी की आवक बढ़ सकती है।
Rajasthan Barish- बारिश के दौरान सावधानी जरूरी
बारिश का मौसम राहत के साथ कई जोखिम भी लेकर आता है। वाहन चालकों को जलभराव वाली सड़कों और अंडरपास से गुजरते समय सावधानी बरतनी चाहिए। बिजली चमकने या गरज के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
नदी-नालों में अचानक पानी बढ़ने की स्थिति में उन्हें पार करने का प्रयास नहीं करें। किसान भी खेतों में काम करने से पहले स्थानीय मौसम चेतावनी की जानकारी लें। प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना सुरक्षित रहेगा।
फिलहाल Rajasthan Barish का मुख्य असर पूर्वी और उत्तरी जिलों में रहने की संभावना है। 6 से 8 अगस्त के बीच मौसम फिर सक्रिय हो सकता है, जबकि पश्चिमी जिलों में मानसून अपेक्षाकृत कमजोर बना रह सकता है।




