Jaipur Journalist Assault: जयपुर के शहीद स्मारक पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार, धक्का-मुक्की और मारपीट के आरोपों को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राजस्थान प्रदेश प्रभारी सुभाष चंद्र यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। यादव ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और उनके सम्मान व सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सुभाष चंद्र यादव ने राजस्थान सरकार से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उनका कहना है कि उपलब्ध वीडियो फुटेज और दूसरे साक्ष्यों की जांच कर घटना में वास्तविक रूप से शामिल लोगों की पहचान की जाए और अगर किसी के खिलाफ आरोप प्रमाणित होते हैं तो कानून के तहत कार्रवाई हो।
सुभाष चंद्र यादव वर्तमान में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। पार्टी की आधिकारिक राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी उनका नाम राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर दर्ज है, जबकि हाल की रिपोर्टों में उन्हें राजस्थान प्रदेश प्रभारी भी बताया गया है।

Jaipur Journalist Assault पर क्या बोले सुभाष चंद्र यादव?
Jaipur Journalist Assault से जुड़े आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सुभाष चंद्र यादव ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में सत्ता और व्यवस्था से सवाल पूछते हैं तथा समाज की वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखते हैं।
उनके मुताबिक किसी पत्रकार को सवाल पूछने या घटनाक्रम की रिपोर्टिंग करने के कारण निशाना बनाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
यादव ने कहा कि राजनीतिक विचारधारा अलग-अलग हो सकती है, किसी संगठन को आंदोलन और प्रदर्शन करने का अधिकार भी है, लेकिन किसी आंदोलन की आड़ में कानून हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती।
उन्होंने विशेष रूप से महिला पत्रकारों के साथ कथित धक्का-मुक्की या दुर्व्यवहार की शिकायतों को गंभीरता से लेने की मांग की।
Jaipur Journalist Assault: शहीद स्मारक पर हुआ था चंद्रशेखर आजाद का प्रदर्शन
21 अगस्त को आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद जयपुर के शहीद स्मारक पहुंचे थे। यहां उन्होंने 2015 के डांगावास मामले में 40 आरोपियों के बरी होने के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन में हिस्सा लिया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।
प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस ने शहीद स्मारक क्षेत्र में भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी और बैरिकेडिंग की गई थी। चंद्रशेखर आजाद ने जयपुर से डांगावास तक पैदल मार्च करने की घोषणा भी की थी।
इसी कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से कथित दुर्व्यवहार का आरोप सामने आया है, जिस पर अब सुभाष चंद्र यादव ने प्रतिक्रिया दी है।
Jaipur Journalist Assault: ‘पत्रकार सवाल पूछेंगे, यह उनका काम है’
Jaipur Journalist Assault मामले को लेकर यादव ने कहा कि पत्रकारों का काम सवाल पूछना, घटनाओं की जानकारी जुटाना और उसे जनता तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक नेता, संगठन या उसके समर्थकों को केवल इसलिए पत्रकारों को रोकने का अधिकार नहीं मिल जाता कि उन्हें कोई सवाल असहज लग रहा है।
उनका कहना है कि विरोध प्रदर्शन और मीडिया रिपोर्टिंग लोकतंत्र में एक साथ चलने वाली प्रक्रियाएं हैं और दोनों को अपनी संवैधानिक सीमाओं के भीतर काम करना चाहिए।
Jaipur Journalist Assault: महिला पत्रकारों की शिकायतों पर विशेष ध्यान देने की मांग
सुभाष चंद्र यादव ने अपने बयान में महिला पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि यदि महिला पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की, मारपीट या किसी अन्य प्रकार का दुर्व्यवहार हुआ है तो इसे सामान्य विवाद के तौर पर नहीं लिया जाना चाहिए।
यादव ने मांग की कि ऐसी किसी भी शिकायत की निष्पक्ष जांच हो और उपलब्ध वीडियो, मोबाइल रिकॉर्डिंग तथा अन्य साक्ष्यों की मदद से वास्तविक घटनाक्रम सामने लाया जाए।
Jaipur Journalist Assault: वीडियो फुटेज की जांच की मांग
Jaipur Journalist Assault मामले में सुभाष यादव ने जांच के दौरान उपलब्ध सभी digital evidence को देखने की मांग की है।
उनके मुताबिक जांच में:
- कार्यक्रम स्थल के वीडियो फुटेज
- मीडिया कैमरों की रिकॉर्डिंग
- मोबाइल वीडियो
- पुलिस के पास उपलब्ध फुटेज
- प्रत्यक्षदर्शियों के बयान
- कथित रूप से घायल पत्रकारों की शिकायत
जैसे तथ्यों को शामिल किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जांच राजनीतिक दबाव से मुक्त होनी चाहिए और दोष तय होने से पहले किसी पक्ष के बारे में निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए।
दोषियों पर कानून के मुताबिक कार्रवाई हो: यादव
यादव ने कहा कि अगर जांच के दौरान किसी राजनीतिक संगठन के कार्यकर्ता या समर्थक हिंसा अथवा पत्रकारों से दुर्व्यवहार में शामिल पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी बड़े नेता की मौजूदगी किसी कार्यकर्ता या समर्थक को कानून से ऊपर नहीं कर सकती।
हालांकि फिलहाल किसी संगठन या व्यक्ति की भूमिका को लेकर स्वतंत्र जांच का अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए आरोपों को प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
Jaipur Journalist Assault: निर्वाचन आयोग से परीक्षण की भी बात
सुभाष चंद्र यादव ने कहा कि यदि जांच में किसी राजनीतिक संगठन या उसके पदाधिकारियों की प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष भूमिका सामने आती है तो संबंधित संवैधानिक और कानूनी संस्थाओं को भी उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कार्रवाई पर विचार करना चाहिए।
उन्होंने निर्वाचन आयोग द्वारा भी कानूनी प्रावधानों के मुताबिक मामले का परीक्षण किए जाने की बात कही।
यह मांग फिलहाल यादव का राजनीतिक बयान है; किसी चुनाव प्राधिकरण की ओर से इस मामले में कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
‘पत्रकारों के सम्मान से समझौता नहीं’
Jaipur Journalist Assault पर सुभाष चंद्र यादव ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा केवल मीडिया संस्थानों की चिंता का विषय नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा मामला है।
उन्होंने कहा कि पत्रकार किसी सरकार, पार्टी या संगठन के पक्ष या विपक्ष में सवाल पूछ सकते हैं और सिर्फ सवाल पूछने के कारण उनके साथ बल प्रयोग नहीं होना चाहिए।
यादव के मुताबिक ऐसी घटनाओं पर राजनीतिक मतभेद से ऊपर उठकर कार्रवाई की जरूरत है।
सरकार को आंदोलन की चेतावनी
सुभाष चंद्र यादव ने राजस्थान सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कथित घटना की निष्पक्ष जांच और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर सकती है।
उन्होंने कहा कि पार्टी पत्रकारों के अधिकार और सम्मान के सवाल पर उनके साथ खड़ी रहेगी।
यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब राजस्थान में हाल के दिनों में कई राजनीतिक प्रदर्शन और आंदोलन हुए हैं और शहीद स्मारक लगातार विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन का केंद्र बना हुआ है।
Jaipur Journalist Assault की बड़ी बातें
- जयपुर के शहीद स्मारक पर 21 अगस्त को चंद्रशेखर आजाद ने प्रदर्शन किया था।
- प्रदर्शन डांगावास मामले में 40 आरोपियों के बरी होने के विरोध में था।
- कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और पुलिस ने सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की थी।
- इसी कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से कथित दुर्व्यवहार के आरोप सामने आए हैं।
- SBSP नेता सुभाष चंद्र यादव ने घटना की निंदा की है।
- उन्होंने महिला पत्रकारों से जुड़े आरोपों को विशेष गंभीरता से लेने की मांग की।
- यादव ने वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की।
- उन्होंने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई।
- दोष साबित होने पर कानून के मुताबिक कार्रवाई की मांग की गई।
- कार्रवाई नहीं होने पर SBSP ने लोकतांत्रिक आंदोलन की चेतावनी दी है।
- स्वतंत्र पुलिस जांच का अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।
निष्पक्ष जांच से ही साफ होगी तस्वीर
कुल मिलाकर Jaipur Journalist Assault से जुड़े आरोपों के बाद मामला अब राजनीतिक प्रतिक्रिया तक पहुंच गया है। सुभाष चंद्र यादव ने पत्रकारों की सुरक्षा को लोकतंत्र से जोड़ते हुए राजस्थान सरकार से तत्काल और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शहीद स्मारक पर चंद्रशेखर आजाद का प्रदर्शन होने की पुष्टि स्वतंत्र स्रोतों से होती है, लेकिन पत्रकारों से कथित मारपीट या दुर्व्यवहार की जिम्मेदारी किसकी थी, यह निष्पक्ष जांच और आधिकारिक साक्ष्यों से ही स्पष्ट हो सकेगा।
पत्रकारों से जुड़ी शिकायतों और पत्रकारिता के मानकों की जानकारी के लिए Press Council of India तथा कानून-व्यवस्था से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए Rajasthan Police देखा जा सकता है।
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