Sagwara Municipal Election 2026: डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा नगर पालिका में चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठन के भीतर लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों को दूर करने की कवायद तेज कर दी है। पुराने नगर पालिका भवन को लेकर नाराज चल रहे कई कार्यकर्ताओं की पार्टी में वापसी कराई गई है। शनिवार को हुई बैठक में विधायक शंकरलाल डेचा, पूर्व विधायक एवं चुनाव प्रभारी गोपीचंद मीणा समेत वरिष्ठ नेताओं ने नाराज कार्यकर्ताओं से बातचीत की और विवाद को आपसी सहमति से समाप्त करने का दावा किया।
चुनाव से ठीक पहले हुई इस सुलह को BJP के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि सागवाड़ा के 35 वार्डों में 11 सितंबर 2026 को मतदान होना है। डूंगरपुर नगर परिषद में मतदान 9 सितंबर को होगा, जबकि दोनों निकायों की मतगणना 14 सितंबर को होगी।

Sagwara Municipal Election 2026 से पहले BJP ने दूर किए मतभेद
Sagwara Municipal Election 2026 की तैयारियों के बीच विधायक शंकरलाल डेचा के नेतृत्व में सागवाड़ा विधायक कार्यालय में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की बैठक हुई।
इस बैठक में पूर्व विधायक एवं सागवाड़ा चुनाव प्रभारी गोपीचंद मीणा सहित संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य मुद्दा पुराने नगर पालिका भवन को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच लंबे समय से चल रही नाराजगी और संगठनात्मक मतभेदों को खत्म करना था।
बैठक के बाद BJP नेताओं ने दावा किया कि विवाद से जुड़े अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन गई है और नाराज कार्यकर्ताओं ने पार्टी के साथ मिलकर आगामी चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
किन कार्यकर्ताओं की हुई BJP में वापसी?
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी से पूर्व में बाहर किए गए या नाराज चल रहे कई कार्यकर्ताओं को दोबारा BJP संगठन में शामिल किया गया है।
इनमें प्रमुख रूप से:
- कुतुबुद्दीन कोठी
- नरेंद्र गोवाड़िया
- नीरज पांचाल
- विजय पांचाल
- हबीब भाई
के नाम शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार इन कार्यकर्ताओं के निष्कासन को निरस्त कर उन्हें फिर से BJP परिवार का हिस्सा बनाया गया है।
चुनाव से पहले इन नेताओं और कार्यकर्ताओं की वापसी को स्थानीय BJP संगठन में एकजुटता बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
नगर पालिका भवन से शुरू हुई थी नाराजगी
सागवाड़ा BJP में यह विवाद नया नहीं है।
सितंबर 2025 में नगर पालिका का नया भवन दूसरी जगह बनाए जाने को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आया था। कई BJP पदाधिकारी चाहते थे कि नया भवन पुराने नगर पालिका परिसर वाली जगह पर ही बनाया जाए। इसी मुद्दे को लेकर कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफे दिए थे।
उस समय नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष कुतुबुद्दीन कोठी और पूर्व नगर मंडल महामंत्री नीरज पांचाल समेत कई पदाधिकारी नाराज हुए थे। कुल 19 BJP पदाधिकारियों के इस्तीफे की रिपोर्ट भी सामने आई थी।
यानी आगामी चुनाव से पहले BJP ने करीब एक साल पुराने इस संगठनात्मक विवाद को खत्म करने की कोशिश की है।
पुराने नगर पालिका परिसर पर बनी सहमति
बैठक में पुराने नगर पालिका परिसर के उपयोग को लेकर भी चर्चा हुई।
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि पुरानी जगह का उपयोग जनता से जुड़े जरूरी कामों के लिए किया जाएगा। बाकी उपलब्ध भूमि पर जनहित से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं विकसित करने की बात कही गई है। दूसरी तरफ नया नगर पालिका भवन अलग स्थान पर निर्माणाधीन है।
इसलिए इसे सीधे यह कहना कि “पुराना भवन बिल्कुल उसी रूप में हमेशा रहेगा” पूरी तरह पुष्ट नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुराने परिसर को जनता के उपयोग में बनाए रखने पर सहमति बनी है।
गोपीचंद मीणा की मौजूदगी में बनी सहमति
Sagwara Municipal Election 2026 में BJP ने पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है।
बैठक में उनकी मौजूदगी में नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत हुई। पार्टी की कोशिश थी कि स्थानीय स्तर पर चल रहे मतभेद चुनावी अभियान शुरू होने से पहले खत्म हो जाएं।
विधायक शंकरलाल डेचा, गोपीचंद मीणा, एसटी मोर्चा से जुड़े कांतिलाल डामोर, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष हेमंत दादा पाठक और पूर्व सांसद कनकमल कटारा समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने पूरे मामले पर चर्चा की।

बैठक में ये नेता भी रहे मौजूद
बैठक और संगठनात्मक चर्चा में स्थानीय BJP के कई पदाधिकारी शामिल रहे।
इनमें:
- पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष हेमंत दादा पाठक
- एसटी मोर्चा से जुड़े कांतिलाल डामोर
- सोशल मीडिया संगठन से जुड़े प्रदीप गामोट
- जिला स्तर के पदाधिकारी ताजेंग पाटीदार
- भरत बाटिया
- दिलीप पटेल
- नानालाल दरजी
- गोपाल फलोत
- चंदन सिंह चौहान
समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में नेताओं ने आगामी नगर पालिका बोर्ड के गठन के लिए एकजुट होकर काम करने का संकल्प भी लिया।
Sagwara Municipal Election 2026 में 35 वार्डों पर होगा चुनाव
सागवाड़ा नगर पालिका चुनाव राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राज्य निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार सागवाड़ा में 35 वार्ड हैं। यहां दूसरे चरण में 11 सितंबर 2026 को मतदान होगा। वहीं डूंगरपुर नगर परिषद के 40 वार्डों में 9 सितंबर को वोट डाले जाएंगे। दोनों निकायों के चुनाव परिणाम 14 सितंबर को घोषित किए जाएंगे।
प्रदेशभर में नगर निकाय चुनाव दो चरणों में 9 और 11 सितंबर को होंगे। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता भी लागू है।
चुनाव से पहले BJP के लिए क्यों महत्वपूर्ण है ‘घर वापसी’?
Sagwara Municipal Election 2026 से पहले BJP के लिए नाराज कार्यकर्ताओं को वापस लाना कई मायनों में महत्वपूर्ण है।
नगर निकाय चुनाव में विधानसभा या लोकसभा चुनाव की तुलना में स्थानीय कार्यकर्ताओं की भूमिका ज्यादा प्रत्यक्ष होती है। वार्ड स्तर पर प्रत्याशियों की पहचान, स्थानीय सामाजिक समीकरण, बूथ प्रबंधन और घर-घर संपर्क काफी हद तक स्थानीय संगठन पर निर्भर करता है।
ऐसे में पुराने नगर पालिका भवन के मुद्दे पर संगठन के भीतर बनी नाराजगी चुनाव में BJP की परेशानी बढ़ा सकती थी।
अब पार्टी यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि आंतरिक विवाद खत्म हो गया है और सभी नेता तथा कार्यकर्ता एक साथ चुनाव मैदान में उतरेंगे।
पहले कार्यकर्ताओं के कांग्रेस में जाने पर भी हुआ था विवाद
सागवाड़ा क्षेत्र में हाल के महीनों में BJP और कांग्रेस के बीच कार्यकर्ताओं के पाला बदलने को लेकर भी दावे किए जाते रहे हैं।
जुलाई में कुछ BJP कार्यकर्ताओं के कांग्रेस में शामिल होने की खबरों पर विधायक शंकरलाल डेचा ने कहा था कि सिर्फ दो BJP कार्यकर्ता कांग्रेस में गए, जबकि अन्य लोग पहले से कांग्रेस से जुड़े हुए थे। उन्होंने विपक्ष पर संख्या बढ़ाकर पेश करने का आरोप लगाया था।
ऐसे में चुनाव से पहले पुराने BJP कार्यकर्ताओं की वापसी को पार्टी अपने संगठनात्मक मनोबल को मजबूत करने के रूप में पेश कर सकती है।
Sagwara Municipal Election 2026 की बड़ी बातें
- सागवाड़ा में नगर पालिका चुनाव से पहले BJP ने नाराज कार्यकर्ताओं से बातचीत की।
- पुराने नगर पालिका परिसर के मुद्दे पर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
- कुतुबुद्दीन कोठी, नरेंद्र गोवाड़िया, नीरज पांचाल, विजय पांचाल और हबीब भाई की पार्टी में वापसी की रिपोर्ट है।
- पूर्व में इनके खिलाफ हुई संगठनात्मक कार्रवाई को निरस्त करने की बात कही गई है।
- विधायक शंकरलाल डेचा और चुनाव प्रभारी गोपीचंद मीणा बैठक में मौजूद रहे।
- पुराने नगर पालिका परिसर को जनहित के कार्यों के लिए उपयोग करने पर सहमति बनी।
- 2025 में इसी भवन विवाद के कारण कई BJP पदाधिकारी नाराज हुए थे।
- उस समय 19 पदाधिकारियों के इस्तीफे की खबर सामने आई थी।
- सागवाड़ा नगर पालिका में कुल 35 वार्ड हैं।
- सागवाड़ा में 11 सितंबर 2026 को मतदान होगा।
- मतगणना 14 सितंबर को होगी।
चुनाव से पहले संगठन को एकजुट करने की कोशिश
कुल मिलाकर Sagwara Municipal Election 2026 से पहले BJP ने अपने पुराने संगठनात्मक विवाद को खत्म कर नाराज कार्यकर्ताओं को वापस साथ लाने की कोशिश की है। नगर पालिका भवन का मुद्दा पिछले साल पार्टी में बड़ी नाराजगी की वजह बना था और कई पदाधिकारी संगठन से अलग हो गए थे। अब चुनाव से कुछ सप्ताह पहले उनका वापस पार्टी के साथ सक्रिय होना BJP के लिए राहत की खबर माना जा रहा है।
Sagwara Municipal Election 2026, हालांकि इस ‘घर वापसी’ का चुनावी नतीजों पर कितना असर पड़ेगा, यह 11 सितंबर की वोटिंग और 14 सितंबर को आने वाले परिणाम से ही साफ होगा।
राजस्थान नगर निकाय चुनाव की आधिकारिक जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग से ली जा सकती है। Rajasthan State Election Commission
सागवाड़ा, सादिक अली की रिपोर्ट।
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