उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आरक्षण का मुद्दा सियासी रणभूमि बनता दिखाई दे रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर और लखनऊ में आरक्षण व्यवस्था तथा UGC नियमों को लेकर प्रदर्शन हुए तो अखिलेश यादव ने “आरक्षण सुधार” की मांग को PDA के अधिकारों के खिलाफ साजिश बताया। मायावती ने आरक्षण को दलितों और पिछड़ों का संवैधानिक अधिकार बताते हुए राहुल गांधी से भी सवाल किया। कांग्रेस ने जातीय गणना में OBC के लिए अलग कॉलम की मांग को लेकर अभियान शुरू किया है। उधर योगी सरकार में मंत्री संजय निषाद ने निषाद समुदाय की आरक्षण मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तक की चेतावनी देकर BJP पर दबाव बढ़ा दिया है। ऐसे में सवाल है—क्या आरक्षण का डर अखिलेश के PDA समीकरण को मजबूत करेगा, मायावती को दलित वोट वापस दिलाएगा या BJP सवर्ण और OBC मतदाताओं के बीच संतुलन बना लेगी? देखिए The News Canvas की विशेष चुनावी रिपोर्ट। जंतर-मंतर प्रदर्शन, संजय निषाद की मांग




