Alwar Red Onion: राजस्थान के अलवर में ‘लाल सोना’ कही जाने वाली लाल प्याज ने नए सीजन की शुरुआत में किसानों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। प्याज की बुवाई और रोपाई के लिए इस्तेमाल होने वाली कंठी की मांग इस बार तेज है। मंडी से जुड़े लोगों के मुताबिक बेहतर गुणवत्ता वाली कंठी के भाव करीब ₹4,700 से ₹5,000 तक पहुंच गए हैं। पिछले सीजन की तुलना में कीमतों में अच्छी बढ़ोतरी होने से किसान अब प्याज का रकबा बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं।
अलवर में अगस्त के दौरान लाल प्याज की बुवाई का काम पहले ही तेज हो चुका है। क्षेत्र में यह एक प्रमुख नकदी फसल है और बड़ी संख्या में किसान इसकी खेती पर निर्भर हैं।
इस बार खास बात यह है कि व्यापारी केवल मंडियों में इंतजार नहीं कर रहे, बल्कि किसानों के खेतों तक पहुंचकर भी कंठी की खरीद कर रहे हैं। इससे किसानों को मुख्य प्याज की फसल बाजार में आने से पहले ही अतिरिक्त आमदनी का मौका मिल रहा है।

Alwar Red Onion की कंठी ₹5,000 तक पहुंची
Alwar Red Onion की खेती करने वाले किसानों के लिए इस बार कंठी की कीमत शुरुआती राहत लेकर आई है।
अलवर प्याज मंडी संरक्षक अभय सैनी के मुताबिक अच्छी गुणवत्ता के बीज से तैयार कंठी के भाव करीब ₹4,700 से ₹5,000 तक पहुंच गए हैं। किसानों द्वारा लाल सुपर, पंचगंगा और एलोरा सहित कई किस्मों के बीजों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
कंठी की बढ़ी कीमत यह भी संकेत दे रही है कि नए सीजन में रोपाई के लिए मांग मजबूत बनी हुई है।
अलवर में लाल प्याज की मौजूदा बुवाई को लेकर प्रकाशित ताजा रिपोर्ट में भी किसानों के बीच इस फसल को लेकर उत्साह और खेतों में रोपाई तेज होने की बात सामने आई है।
Alwar Red Onion: पिछले साल से बेहतर हैं प्याज के भाव
कंठी के साथ खाने वाले प्याज की कीमत में भी पिछले साल की तुलना में सुधार दिखाई दे रहा है।
अभय सैनी के मुताबिक पिछले वर्ष इसी अवधि में प्याज करीब ₹12 से ₹13 प्रति किलो के आसपास बिक रहा था, जबकि इस बार बेहतर गुणवत्ता वाले प्याज का भाव करीब ₹30 प्रति किलो तक पहुंच रहा है।
उपलब्ध मंडी आंकड़े भी अगस्त में पिछले कमजोर सीजन की तुलना में बेहतर भाव की ओर संकेत करते हैं। 17 अगस्त को अलवर मंडी में medium quality onion के भाव करीब ₹2,000 से ₹3,000 प्रति क्विंटल दर्ज किए गए थे।
4 अगस्त को भी अलवर में अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज का अधिकतम मंडी भाव ₹3,300 प्रति क्विंटल तक दर्ज हुआ था।
हालांकि मंडी भाव गुणवत्ता, आकार, आवक और दिन के हिसाब से लगातार बदलते रहते हैं।
खेतों तक पहुंच रहे व्यापारी
Alwar Red Onion की कंठी की मजबूत मांग का असर खरीद व्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है।
स्थानीय स्तर पर व्यापारी किसानों से सीधे संपर्क कर रहे हैं और कई जगह खेतों से ही कंठी खरीद रहे हैं। इससे किसानों को माल मंडी तक पहुंचाने से पहले ही खरीदार मिल रहे हैं।
पहले अलवर में अधिकांश किसान अपने खेत की जरूरत भर के लिए प्याज की कंठी तैयार करते थे। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कंठी खुद एक अलग व्यापार के रूप में उभर रही है।
अब किसान अपनी जरूरत से अधिक कंठी तैयार करके दूसरे किसानों और व्यापारियों को भी बेच रहे हैं।
MP-UP और हरियाणा तक जा रही अलवर की कंठी
अलवर में तैयार होने वाली लाल प्याज की कंठी की मांग अब केवल राजस्थान तक सीमित नहीं है।
मंडी से जुड़े व्यापारियों के मुताबिक यहां की कंठी बड़ी मात्रा में:
- मध्य प्रदेश
- उत्तर प्रदेश
- हरियाणा
- श्रीगंगानगर
- हनुमानगढ़
- राजस्थान के दूसरे जिलों
तक भेजी जा रही है।
अलवर और इसके आसपास का इलाका पहले से लाल प्याज के बड़े व्यापारिक केंद्रों में शामिल है। खैरथल क्षेत्र की प्याज मंडी भी भारी आवक के लिए जानी जाती है और आसपास के बड़े कृषि क्षेत्र से यहां प्याज पहुंचता है।

पिछले साल किसानों को हुआ था बड़ा नुकसान
इस साल की बेहतर शुरुआत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछला सीजन किसानों के लिए काफी मुश्किल रहा था।
नवंबर 2025 में अलवर के किसानों को लाल प्याज के बेहद कम भाव और गुणवत्ता संबंधी समस्याओं से बड़ा नुकसान हुआ था। उस समय मंडी व्यापारी अभय सैनी ने भी भारी गिरावट की जानकारी दी थी। कई किसानों के लिए बिक्री मूल्य खेती की लागत निकालने तक के लिए पर्याप्त नहीं था।
बारिश, नमी और गलन जैसी समस्याओं से प्याज की गुणवत्ता प्रभावित होने के कारण बाहर के व्यापारियों की खरीद भी कमजोर पड़ी थी।
ऐसे में इस बार कंठी और प्याज दोनों के शुरुआती भाव मजबूत रहना किसानों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
Alwar Red Onion का रकबा क्यों बढ़ सकता है?
Alwar Red Onion की बुवाई का क्षेत्र इस बार पिछले साल से बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
इसके पीछे मुख्य वजह बेहतर भाव की उम्मीद है।
अगर किसान को पिछले सीजन की तुलना में प्याज का अच्छा मूल्य मिलने की संभावना दिखाई देती है तो वह दूसरी फसलों के मुकाबले प्याज के लिए ज्यादा जमीन रख सकता है।
इसके अलावा कंठी की अच्छी कीमत भी किसानों को दोहरा अवसर दे रही है। किसान मुख्य प्याज उत्पादन के साथ अतिरिक्त कंठी तैयार करके उससे भी आय हासिल कर सकते हैं।
ताजा स्थानीय रिपोर्टों में भी अगस्त के दौरान जिले में लाल प्याज की रोपाई तेज होने का उल्लेख है।
खराब प्याज और गलन से बाजार को मिल सकता है सपोर्ट
अभय सैनी का कहना है कि इस बार देश के कुछ प्याज उत्पादक क्षेत्रों में नमी और गलन की समस्या सामने आने से आगे बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज की मांग बढ़ सकती है।
अगर बाजार में अच्छी quality वाले प्याज की उपलब्धता कम रहती है तो अलवर के किसानों को बेहतर भाव मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
हालांकि यह अभी एक बाजार अनुमान है। भविष्य के प्याज भाव कई चीजों पर निर्भर करेंगे, जिनमें देशभर की फसल, मंडियों में आवक, मौसम, storage loss, निर्यात नीति और उपभोक्ता मांग शामिल हैं।
इसलिए मौजूदा शुरुआती तेजी को पूरे सीजन के भाव की गारंटी नहीं माना जा सकता।
अलवर में Onion Centre of Excellence भी प्रस्तावित
अलवर की प्याज खेती के महत्व को देखते हुए राजस्थान सरकार ने 2026-27 के राज्य बजट में अलवर में Centre of Excellence for Onion and Vegetables खोलने की घोषणा भी की है।
अगर यह केंद्र पूरी तरह विकसित होता है तो किसानों को बेहतर varieties, production technology, quality management और आधुनिक horticulture practices में सहायता मिल सकती है।
यह अलवर को लाल प्याज उत्पादन के साथ-साथ planting material और तकनीकी जानकारी के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने में भी मदद कर सकता है।
Alwar Red Onion की बड़ी बातें
- लाल प्याज की कंठी के भाव इस बार मजबूत हैं।
- अच्छी quality की कंठी करीब ₹4,700-₹5,000 तक बिकने की जानकारी है।
- पिछले साल की तुलना में कंठी के दाम करीब दोगुने होने का दावा है।
- व्यापारी खेतों पर पहुंचकर भी किसानों से खरीद कर रहे हैं।
- खाने वाला प्याज बेहतर quality में करीब ₹30 प्रति किलो तक पहुंचने की जानकारी है।
- 17 अगस्त को अलवर मंडी में medium onion ₹2,000-₹3,000 प्रति क्विंटल रहा।
- अगस्त में जिले में लाल प्याज की बुवाई तेजी से चल रही है।
- कंठी की सप्लाई MP, UP और हरियाणा समेत दूसरे क्षेत्रों तक हो रही है।
- पिछले सीजन में कम कीमत और गलन से किसानों को नुकसान हुआ था।
- इस बार लाल प्याज का बुवाई क्षेत्र बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
- राज्य बजट में अलवर के लिए Onion and Vegetables Centre of Excellence घोषित किया गया है।
किसानों को अब मुख्य फसल के भाव का इंतजार
कुल मिलाकर Alwar Red Onion के नए सीजन की शुरुआत किसानों के लिए उत्साहजनक दिखाई दे रही है। कंठी की कीमत में बढ़ोतरी और बाजार में लाल प्याज के बेहतर भाव ने किसानों को इस बार ज्यादा क्षेत्र में बुवाई के लिए प्रोत्साहित किया है।
पिछले साल कम दाम और खराब गुणवत्ता से नुकसान झेल चुके किसानों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि मुख्य फसल तैयार होने के बाद मंडियों में भाव किस स्तर पर रहता है।
अगर मांग मजबूत रही और गुणवत्ता अच्छी बनी रही तो कंठी से शुरू हुई यह तेजी लाल प्याज की मुख्य फसल में भी किसानों को राहत दे सकती है।
राजस्थान में कृषि योजनाओं और मंडी संबंधी सरकारी जानकारी के लिए राज किसान पोर्टल देखा जा सकता है। इस पोर्टल पर कृषि विपणन समेत किसान सेवाओं की जानकारी उपलब्ध है।
अलवर से प्रदीप गोयल की स्पेशल स्टोरी




