Sugar Price Fall: पिछले कुछ दिनों में रिकॉर्ड तेजी से महंगी हुई चीनी के भाव अब नीचे आने शुरू हो गए हैं। दिल्ली, मुंबई, कानपुर, रायपुर, रांची और गुवाहाटी समेत कई बड़े शहरों में खुदरा कीमतों में करीब 2 से 4 रुपये प्रति किलो तक की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं थोक बाजार में कुछ शहरों में चीनी करीब ₹500 प्रति क्विंटल तक सस्ती हुई है।
चीनी के दाम में नरमी ऐसे समय आई है, जब केंद्र सरकार ने कीमतों को नियंत्रित करने के लिए 10 लाख टन raw sugar के duty-free import की अनुमति दी है। इसके साथ ही जमाखोरी रोकने के लिए dealers और bulk consumers पर stock holding restrictions भी लागू की गई हैं। सरकार का कहना है कि घरेलू बाजार में उपलब्धता बढ़ाने और artificial scarcity को रोकने के लिए ये कदम उठाए गए हैं।

Sugar Price Fall: आपके शहर में कितना हुआ भाव?
सोमवार, 24 अगस्त 2026 को कई प्रमुख शहरों में M-30 चीनी के खुदरा भाव में गिरावट दर्ज हुई।
| शहर | पहले का भाव | नया खुदरा भाव |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹68/kg | ₹65/kg |
| कानपुर | ₹69/kg | ₹66/kg |
| रायपुर | ₹68/kg | ₹65/kg |
| मुंबई | ₹68/kg | ₹65/kg |
| रांची | ₹70/kg | ₹66/kg |
| कोलकाता | ₹70/kg | ₹67/kg |
| गुवाहाटी | ₹71/kg | ₹67/kg |
| हैदराबाद | ₹70/kg | ₹67/kg |
| चेन्नई | ₹70/kg | ₹68/kg |
इन आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा राहत रांची और गुवाहाटी जैसे शहरों में करीब ₹4 प्रति किलो तक देखने को मिली।
हालांकि शहर और दुकान के हिसाब से retail rate अलग हो सकता है। इसलिए इन्हें indicative market rates माना जाना चाहिए।
थोक बाजार में भी Sugar Price Fall
Sugar Price Fall केवल खुदरा बाजार तक सीमित नहीं है। थोक कीमतों में भी पिछले कुछ दिनों की तेज बढ़ोतरी के बाद correction देखने को मिला है।
रिपोर्ट किए गए rates के मुताबिक:
| शहर | पहले | नया थोक भाव |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹6,600/qtl | ₹6,350/qtl |
| कानपुर | ₹6,650/qtl | ₹6,350/qtl |
| रायपुर | ₹6,600/qtl | ₹6,250/qtl |
| मुंबई | ₹6,750/qtl | ₹6,250/qtl |
| रांची | ₹6,700/qtl | ₹6,500/qtl |
| कोलकाता | ₹6,800/qtl | ₹6,400/qtl |
| हैदराबाद | ₹6,800/qtl | ₹6,600/qtl |
| चेन्नई | ₹6,900/qtl | ₹6,700/qtl |
| गुवाहाटी | ₹6,820/qtl | ₹6,450/qtl |
मुंबई में भाव करीब ₹500 प्रति क्विंटल तक नीचे आया।
ChiniMandi की 24 अगस्त की market update में भी domestic sugar prices में करीब ₹150-250 प्रति क्विंटल की correction और कमजोर physical demand का जिक्र किया गया है।
अचानक क्यों टूटने लगे चीनी के भाव?
चीनी की कीमतों में हालिया नरमी के पीछे सरकार के कई फैसलों को बड़ा कारण माना जा रहा है।
सबसे अहम फैसला 10 लाख टन यानी 1 million metric tonnes raw sugar के duty-free import का है। भारत ने लगभग एक दशक बाद इस तरह बड़े पैमाने पर duty-free sugar import की अनुमति दी है। Import window अक्टूबर के अंत तक है।
इस फैसले से traders को उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में घरेलू बाजार में supply बढ़ेगी।
Supply बढ़ने की उम्मीद बनते ही speculative buying कम हुई और buyers ने ऊंचे भाव पर खरीदारी से पीछे हटना शुरू किया। यही कारण है कि wholesale prices पर दबाव दिखाई दिया।
जमाखोरी पर सरकार की सख्ती
सरकार ने केवल import का फैसला नहीं लिया, बल्कि stock holding पर भी restrictions बढ़ाई हैं।
केंद्र के मुताबिक:
- Sugar dealers के लिए 400 tonnes की stock limit लागू है।
- यह व्यवस्था 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक लागू है।
- 1 सितंबर से bulk consumers अपने करीब 15 दिनों की जरूरत से ज्यादा stock नहीं रख सकेंगे।
- सरकार और राज्यों की joint teams sugar mills में physical stock verification कर रही हैं।
इन कदमों का मकसद hoarding और speculative stocking को रोककर बाजार में ज्यादा sugar उपलब्ध कराना है।
ISMA बोला- देश में चीनी की कमी नहीं
Sugar Price Fall के बीच Indian Sugar & Bio-energy Manufacturers Association यानी ISMA ने भी कहा है कि देश में sugar की कोई structural shortage नहीं है।
ISMA अध्यक्ष Niraj Shirgaokar के मुताबिक हालिया तेजी की बड़ी वजह festive demand, bulk consumers की advance buying और speculative stocking रही।
ISMA के मुताबिक 2025-26 season में net sugar production करीब 279 लाख टन रहने का अनुमान है और closing stock लगभग 35 लाख टन रह सकता है।
संगठन का कहना है कि मौजूदा stock त्योहारी मांग को संभालने के लिए पर्याप्त है।

10 दिन में तेजी से बढ़े थे दाम
चीनी में यह गिरावट उस जबरदस्त तेजी के बाद आई है, जिसने अगस्त के दूसरे पखवाड़े में आम लोगों का बजट बिगाड़ दिया था।
12 अगस्त से 22 अगस्त के बीच कुछ शहरों में चीनी करीब ₹14 से ₹17 प्रति किलो तक महंगी हुई थी।
उदाहरण के लिए दिल्ली में 12 अगस्त को चीनी करीब ₹54 प्रति किलो थी, जो 22 अगस्त तक ₹68 तक पहुंच गई थी। गुवाहाटी में भाव ₹71 प्रति किलो तक पहुंचा था।
अब इन्हीं शहरों में भाव कुछ नीचे आने शुरू हुए हैं।
क्या अब चीनी लगातार सस्ती होगी?
अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि Sugar Price Fall लगातार जारी रहेगा।
24 अगस्त की ChiniMandi market report के मुताबिक weak demand, import की उम्मीद और recent rally के बाद cautious buying के कारण कीमतों पर दबाव रह सकता है। लेकिन festive demand बढ़ने पर बाजार में फिर volatility आ सकती है।
ISMA का मानना है कि आगामी crushing season को भी सामान्य समय से कुछ पहले शुरू करने की कोशिश की जा रही है।
सरकार ने राज्यों और mills को 15 अक्टूबर से crushing शुरू करने की सलाह दी है। इससे अक्टूबर में सामान्य 3-4 लाख टन के मुकाबले 10 लाख टन से अधिक sugar production होने की उम्मीद जताई गई है।
Sugar Price Fall की बड़ी बातें
- दिल्ली समेत कई शहरों में चीनी ₹2-4/kg तक सस्ती हुई।
- दिल्ली का reported retail भाव ₹68 से घटकर ₹65/kg हुआ।
- मुंबई में भी भाव करीब ₹65/kg रहा।
- गुवाहाटी में ₹71 से घटकर करीब ₹67/kg पहुंचा।
- Wholesale market में कुछ शहरों में करीब ₹500/qtl तक गिरावट देखी गई।
- सरकार ने 10 लाख टन raw sugar के duty-free import की अनुमति दी है।
- Dealers पर 400 tonne stock limit लागू है।
- Bulk consumers के लिए 1 सितंबर से 15 दिन की consumption के बराबर stock limit लागू होगी।
- ISMA का कहना है कि देश में वास्तविक sugar shortage नहीं है।
- Festive buying और speculative stocking को हालिया तेजी की बड़ी वजह माना गया है।
- सरकार अक्टूबर में supply बढ़ाने के लिए crushing जल्दी शुरू कराने की तैयारी में है।
आम लोगों को कितनी राहत?
कुल मिलाकर Sugar Price Fall ने पिछले कुछ दिनों की तेज महंगाई के बाद उपभोक्ताओं को शुरुआती राहत जरूर दी है। खासकर दिल्ली, मुंबई, कानपुर, रायपुर और गुवाहाटी जैसे शहरों में reported retail rates नीचे आए हैं।
लेकिन wholesale market में आई पूरी गिरावट अभी हर जगह retail consumers तक पहुंची हो, ऐसा नहीं है। कुछ market reports के मुताबिक wholesale prices तेजी से नीचे आए हैं, लेकिन कई जगह दुकानों पर इसका असर धीरे-धीरे दिखाई देगा।
आने वाले दिनों में imported sugar की arrival, festive demand, speculative stocking और अक्टूबर में शुरू होने वाले नए crushing season से यह तय होगा कि चीनी कितनी और सस्ती होती है।
सरकार की sugar policy और official updates के लिए Department of Food & Public Distribution और सरकारी घोषणाओं के लिए Press Information Bureau देख सकते हैं।
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