Jaipur Ward 76: जयपुर नगर निगम चुनाव में BJP के सामने टिकट वितरण को लेकर सबसे चर्चित विवादों में वार्ड 76 का मामला सामने आया। पार्टी की घोषित सूची में पूर्व डिप्टी मेयर पुनीत कर्णावट का नाम था, लेकिन इसी बीच मालवीय नगर विधायक कालीचरण सराफ की ओर से पूर्व पार्षद कुलदीप मिश्रा को BJP का सिंबल दे दिया गया। इसके बाद दोनों नेताओं ने खुद को पार्टी प्रत्याशी बताते हुए नामांकन दाखिल कर दिया और मामला प्रदेश नेतृत्व तक पहुंच गया।
यह विवाद केवल एक वार्ड के टिकट तक सीमित नहीं रहा। इसने स्थानीय विधायक की पसंद, प्रदेश संगठन के फैसले और चुनाव के आखिरी वक्त तक चले प्रत्याशी चयन के बीच तालमेल पर सवाल खड़े कर दिए।
Jaipur Ward 76 में कैसे शुरू हुआ विवाद?
BJP ने 31 अगस्त को जयपुर नगर निगम के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी की। Jaipur Ward 76 से पुनीत कर्णावट को पार्टी उम्मीदवार घोषित किया गया था। लेकिन नामांकन प्रक्रिया के दौरान कालीचरण सराफ की ओर से कुलदीप मिश्रा को पार्टी का अधिकृत सिंबल दे दिया गया और मिश्रा ने उसी आधार पर अपना पर्चा दाखिल कर दिया।
इसके बाद प्रदेश नेतृत्व सक्रिय हुआ। पुनीत कर्णावट के नाम से नया सिंबल और पावर ऑफ अटॉर्नी जारी होने की रिपोर्ट सामने आई और उन्होंने भी BJP प्रत्याशी के तौर पर नामांकन कर दिया। यानी कुछ समय के लिए एक ही वार्ड से दो नामांकन ऐसे थे जिनमें BJP के अधिकृत प्रत्याशी होने का दावा किया गया था।
कालीचरण सराफ ने क्या सफाई दी?
पूरे विवाद पर कालीचरण सराफ का कहना था कि कुलदीप मिश्रा के नाम पर पहले फैसला हुआ था और बाद में पार्टी ने प्रत्याशी बदल दिया। उनके मुताबिक बदलाव की जानकारी आने से पहले मिश्रा को सिंबल दिया जा चुका था।
यही वजह रही कि Jaipur Ward 76 का विवाद महज टिकट नहीं मिलने से नाराज किसी दावेदार का मामला नहीं रहा, बल्कि सवाल यह बना कि अंतिम निर्णय में प्रदेश संगठन और स्थानीय नेतृत्व के बीच communication कैसे बिगड़ा।
बाद में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश स्तर के नेताओं के हस्तक्षेप के बाद कर्णावट के पक्ष में स्थिति स्पष्ट होने की रिपोर्ट सामने आई।
पुनीत कर्णावट और कुलदीप मिश्रा का अपना राजनीतिक आधार
पुनीत कर्णावट जयपुर नगर निगम में डिप्टी मेयर रह चुके हैं और शहर की निकाय राजनीति में जाना-पहचाना नाम हैं। उनके पास नगर निगम प्रशासन का अनुभव भी है। ताजा चुनावी रिपोर्टों में उन्हें BJP के संभावित प्रमुख नगर निगम चेहरों में भी गिना जा रहा है।
दूसरी ओर कुलदीप मिश्रा भी स्थानीय BJP राजनीति में सक्रिय रहे हैं। टिकट प्रक्रिया में उनका नाम इतनी मजबूती से सामने आना यह दिखाता है कि वार्ड के भीतर स्थानीय समीकरण भी संगठन के लिए महत्वपूर्ण थे।
Jaipur Ward 76, इसी कारण टिकट का फैसला केवल दो व्यक्तियों की दावेदारी नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर अलग-अलग स्थानीय समर्थन समूहों के संतुलन से भी जुड़ गया।
Jaipur Ward 76 में अब कौन-कौन मैदान में?
नामांकन जांच और वापसी की प्रक्रिया के बाद अब तस्वीर काफी साफ है।
ताजा उम्मीदवार स्थिति के मुताबिक Jaipur Ward 76 में:
- पुनीत कर्णावट — BJP
- प्रदीप जैन — कांग्रेस
- प्रभु दयाल — निर्दलीय
मैदान में हैं। वार्ड में कुल चार नामांकन खारिज हुए, जिनमें दो BJP और एक कांग्रेस से जुड़े नामांकन शामिल थे, जबकि दो निर्दलीय उम्मीदवारों ने नाम वापस लिया।
इससे अब BJP के आधिकारिक उम्मीदवार को लेकर चुनावी प्रक्रिया में कोई अस्पष्टता नहीं है—पुनीत कर्णावट पार्टी प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।
टिकट विवाद का BJP पर क्या असर?
Jaipur Ward 76 का बड़ा राजनीतिक सवाल अब यह नहीं है कि टिकट किसे मिलेगा। वह फैसला हो चुका है। सवाल यह है कि नामांकन के वक्त सामने आई खींचतान का असर बूथ स्तर के संगठन और स्थानीय कार्यकर्ताओं पर कितना रहेगा।
नगर निगम चुनाव में उम्मीदवार को सिर्फ पार्टी के चुनाव चिन्ह से जीत नहीं मिलती। वार्ड स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता, स्थानीय नेताओं का समर्थन, चुनाव प्रबंधन और मतदाताओं से संपर्क अहम होता है।
अगर टिकट विवाद से जुड़े अलग-अलग समूह कर्णावट के पक्ष में एकजुट रहते हैं तो BJP शुरुआती असहजता को पीछे छोड़ सकती है। लेकिन स्थानीय असंतोष बना रहा तो कांग्रेस के प्रदीप जैन को इसका राजनीतिक फायदा मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
BJP की टिकट प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
Jaipur Ward 76 अकेला ऐसा उदाहरण नहीं रहा जहां टिकट वितरण के आखिरी दिन असमंजस दिखा। राजस्थान के निकाय चुनाव में BJP और कांग्रेस दोनों दलों को बड़ी संख्या में टिकट दावेदारों और नाराज नेताओं को संभालना पड़ा। कई उम्मीदवार अंतिम समय तक टिकट की प्रतीक्षा करते रहे।
लेकिन Jaipur Ward 76 का मामला इसलिए अलग रहा क्योंकि यहां विवाद सीधे पार्टी के अधिकृत सिंबल तक पहुंच गया।
प्रदेश सूची में एक नाम और स्थानीय स्तर पर दूसरे दावेदार को सिंबल दिए जाने से पार्टी की internal coordination सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गई।
वार्ड 76 की बड़ी बातें
- BJP ने सूची में पुनीत कर्णावट को वार्ड 76 से प्रत्याशी घोषित किया।
- कालीचरण सराफ की ओर से कुलदीप मिश्रा को BJP सिंबल दिया गया।
- मिश्रा ने BJP प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया।
- इसके बाद पुनीत कर्णावट ने भी पार्टी सिंबल के साथ पर्चा भरा।
- मामला प्रदेश BJP नेतृत्व तक पहुंचा।
- आखिरकार पुनीत कर्णावट BJP प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं।
- कांग्रेस ने प्रदीप जैन को उम्मीदवार बनाया है।
- निर्दलीय प्रभु दयाल भी मुकाबले में हैं।
असली परीक्षा अब मतदान में
कुल मिलाकर Jaipur Ward 76 ने जयपुर नगर निगम चुनाव की शुरुआत में ही BJP की अंदरूनी चुनावी राजनीति की एक दिलचस्प तस्वीर सामने रख दी। सिंबल विवाद का प्रशासनिक समाधान हो चुका है और पुनीत कर्णावट BJP उम्मीदवार हैं, लेकिन चुनावी स्तर पर पार्टी के लिए असली चुनौती अपने सभी स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना होगी।
अब वार्ड 76 का नतीजा सिर्फ BJP, कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवार के बीच मुकाबले का परिणाम नहीं बताएगा, बल्कि यह भी संकेत देगा कि शुरुआती टिकट विवाद के बाद BJP अपने संगठन को कितनी मजबूती से एक साथ चुनाव मैदान में उतार सकी।
आधिकारिक चुनावी जानकारी के लिए Rajasthan State Election Commission देखा जा सकता है। राजस्थान की दूसरी खबरों के लिए The News Canvas पढ़ें।

