CBSE परीक्षा में चमत्कार: री-इवैल्यूएशन ने रांची की अवनि को पहुँचाया 95% से सीधे 100% परफेक्ट स्कोर पर!

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Image: India Today

झारखंड की राजधानी रांची की एक होनहार छात्रा ने सीबीएसई (CBSE) कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा 2026 में एक नया इतिहास रच दिया है। री-इवैल्यूएशन (कॉपी की दोबारा जाँच) का विकल्प चुनकर इस छात्रा ने अपने स्कोर में 24 अंकों का जबरदस्त इजाफा किया और 500 में से पूरे 500 अंक (100%) हासिल कर देश भर में कॉमर्स स्ट्रीम में टॉपर्स की सूची में जगह बना ली।

दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), सेल टाउनशिप, धुर्वा की कॉमर्स की छात्रा अवनि केजरीवाल का रिजल्ट जब 13 मई को घोषित हुआ था, तब उन्हें 95.2% अंक मिले थे। हालांकि उनका परिवार इस स्कोर से बेहद खुश था, लेकिन अवनि को खुद पर पूरा भरोसा था कि उनकी मेहनत के मुताबिक ये नंबर कम हैं। उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी आंसर-शीट के री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई कर दिया।

CBSE: उनका यह फैसला बिल्कुल सही साबित हुआ! री-इवैल्यूएशन के बाद अवनि का स्कोर बढ़कर पूरे 500 आउट ऑफ 500 हो गया। उन्हें कॉमर्स के सभी 5 मुख्य विषयों में पूरे 100-100 अंक मिले:

  • इंग्लिश कोर (English Core) – 100/100
  • अकाउंटेंसी (Accountancy) – 100/100
  • बिजनेस स्टडीज (Business Studies) – 100/100
  • इकोनॉमिक्स (Economics) – 100/100
  • अप्लाइड मैथमेटिक्स (Applied Mathematics) – 100/100

इसके अलावा, उनके एडिशनल (अतिरिक्त) सब्जेक्ट ‘ग्राफिक्स’ में भी 100 में से 99 अंक आए।

CBSE: खुद पर अटूट भरोसे ने दिखाई राह

अपनी इस ऐतिहासिक सफलता पर बात करते हुए अवनि ने कहा कि उन्हें साल भर की गई अपनी कड़ी मेहनत और परीक्षा में लिखे जवाबों पर पूरा भरोसा था। यही वजह थी कि उन्होंने री-इवैल्यूएशन कराने की ठानी।

“जब रिजल्ट आया, तो मैं अपने मार्क्स से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थी। मुझे पक्का विश्वास था कि मेरे जवाबों की दोबारा जांच होनी चाहिए क्योंकि मैंने साल भर बहुत लगन से पढ़ाई की थी।” — अवनि केजरीवाल

अवनि ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, स्कूल के शिक्षकों और अपने मेंटर ‘सचित सर’ को दिया।

सक्सेस मंत्र: घंटों की पढ़ाई नहीं, रोज़ के टारगेट पूरे करना

CBSE: अपनी पढ़ाई की रणनीति के बारे में बताते हुए अवनि ने कहा कि वह घंटों के हिसाब से नहीं बल्कि ‘टारगेट-बेस्ड’ (लक्ष्य निर्धारित) पढ़ाई करती थीं।

  • डेली टारगेट: वह घड़ी देखकर पढ़ने के बजाय रोज़ाना 2 से 3 टॉपिक्स को पूरा करने का टारगेट रखती थीं, चाहे उसमें कितना भी समय लगे।
  • सोशल मीडिया का सीमित इस्तेमाल: जूनियर छात्रों को सलाह देते हुए अवनि ने कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल बेहद समझदारी और सीमित दायरे में करना चाहिए, ताकि यह आपकी पढ़ाई में रुकावट न बने।

भविष्य की योजना: बिजनेस की दुनिया में चमकने का सपना

अवनि के पिता मितेश केजरीवाल एक बिजनेसमैन हैं और मां पूनम केजरीवाल एक गृहणी (होममेकर) हैं। अवनि भविष्य में एक सफल एंटरप्रेन्योर (उद्यमी) बनकर अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहती हैं। इसके लिए वह बिजनेस मैनेजमेंट में हायर स्टडीज करेंगी और वह सीयूईटी-यूजी (CUET-UG 2026) की परीक्षा भी दे चुकी हैं।

CBSE: स्कूल ने जताया गर्व

डीपीएस रांची की प्रिंसिपल डॉ. जया चौहान ने अवनि को इस शानदार कामयाबी पर बधाई दी। उन्होंने पीटीआई (PTI) से बातचीत में कहा:

“अवनि की यह सफलता उसकी दृढ़ इच्छाशक्ति, फोकस और सही मार्गदर्शन का नतीजा है। उसने न सिर्फ डीपीएस रांची का नाम रोशन किया है, बल्कि देश भर के छात्रों को कुछ बेहतर करने की प्रेरणा दी है।”

एक सबक जो सबको सीखना चाहिए

95.2% से सीधे 100% परफेक्ट स्कोर का अवनि का यह सफर सोशल मीडिया और शिक्षा जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह कहानी सिखाती है कि अगर आपको अपनी मेहनत पर पूरा भरोसा है, तो अपने हक के लिए आगे कदम बढ़ाने से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। अवनि की इस कामयाबी से आज उनका परिवार, स्कूल और पूरा झारखंड राज्य गर्व महसूस कर रहा है।

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