क्रीमिया पर यूक्रेन का अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला? रूस ने 660 UAV मार गिराने का किया दावा, युद्ध और तेज होने के संकेत

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Image: TNC

रूस और यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 से जारी युद्ध अब एक नए और अधिक खतरनाक दौर में प्रवेश करता दिखाई दे रहा है। दोनों देशों के बीच लगातार हो रहे हमलों के बीच रूस ने दावा किया है कि यूक्रेन ने अब तक का सबसे व्यापक ड्रोन हमला किया है। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यूक्रेन ने रूस के कई क्षेत्रों और रूस के कब्जे वाले क्रीमिया प्रायद्वीप को निशाना बनाते हुए बड़ी संख्या में ड्रोन भेजे, जिन्हें रूसी वायु रक्षा प्रणाली ने हवा में ही नष्ट कर दिया।

इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

रूस का दावा- 660 ड्रोन हवा में ही किए गए नष्ट

रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटों के दौरान यूक्रेन ने रूस के 12 अलग-अलग क्षेत्रों, क्रीमिया, काला सागर और आजोव सागर की दिशा में बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए। मंत्रालय का कहना है कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने कुल 660 ड्रोन को मार गिराया।

यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद सबसे बड़े ड्रोन अभियानों में से एक माना जाएगा। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

ऊर्जा ठिकानों को निशाना बना रहा है यूक्रेन

पिछले कुछ महीनों से यूक्रेन अपनी रणनीति बदलते हुए रूस के ऊर्जा ढांचे, तेल भंडारण केंद्रों और ईंधन आपूर्ति से जुड़े महत्वपूर्ण ठिकानों पर लगातार हमले कर रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों का उद्देश्य रूस की सैन्य रसद और ईंधन आपूर्ति को कमजोर करना है।

विश्लेषकों के अनुसार, इस रणनीति का असर रूसी सेना की संचालन क्षमता पर भी पड़ा है, जिससे युद्ध के मोर्चे पर उसकी गति प्रभावित हुई है। साथ ही, इन हमलों ने रूसी नेतृत्व पर अतिरिक्त दबाव भी बनाया है।

जेलेंस्की के नए अभियान के बाद तेज हुए हमले

यह बड़ा ड्रोन हमला ऐसे समय में हुआ है जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कुछ घंटे पहले ही “40 दिनों के प्रभाव अभियान” शुरू करने का निर्देश दिया था। माना जा रहा है कि इस अभियान का उद्देश्य रूस पर सैन्य और रणनीतिक दबाव बढ़ाना है, ताकि उसे युद्ध समाप्त करने के लिए मजबूर किया जा सके।

पिछले एक वर्ष के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बार युद्धविराम और शांति वार्ता की कोशिशें हुईं, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। ऐसे में यूक्रेन अपनी सैन्य रणनीति को और आक्रामक बना रहा है।

हमले में सीमित नुकसान, लेकिन तनाव बरकरार

रूस के अनुसार, इस हमले में कुछ इलाकों को नुकसान जरूर पहुंचा है। मॉस्को के दक्षिण में स्थित तुला क्षेत्र में एक रिहायशी मकान क्षतिग्रस्त हुआ, जिसमें एक महिला घायल हो गई।

तुला क्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि नोवोमोस्कोव्स्क शहर में बिजली आपूर्ति से जुड़ी एक लाइन और एक औद्योगिक परिसर को भी नुकसान पहुंचा। कुछ मीडिया रिपोर्टों में एक रासायनिक संयंत्र और जलविद्युत परियोजना में आग लगने का दावा किया गया है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

वहीं, मॉस्को के मेयर ने जानकारी दी कि राजधानी की ओर बढ़ रहे 47 ड्रोन भी समय रहते मार गिराए गए। शहर में किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली।

रूस ने भी यूक्रेन पर किया जवाबी हमला

ड्रोन हमलों के बीच रूस ने भी यूक्रेन पर अपने सैन्य अभियान को जारी रखा। यूक्रेन के खार्किव क्षेत्र पर रूसी सेना ने गाइडेड बमों और ड्रोन से कई हमले किए।

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, पिछले 24 घंटों में हुए हमलों में दो नागरिकों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग घायल हुए। खार्किव और उसके आसपास के लगभग 16 इलाकों को निशाना बनाया गया।

यूक्रेन की वायु सेना ने दावा किया कि रूस द्वारा छोड़े गए 189 ड्रोन में से 174 को मार गिराया गया। हालांकि, रूस की ओर से दागी गई सात इस्कंदर-एम बैलिस्टिक मिसाइलों में से चार अपने निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने में सफल रहीं।

क्या और बढ़ेगा युद्ध का दायरा?

लगातार बढ़ते ड्रोन हमले, मिसाइल हमले और दोनों देशों की आक्रामक रणनीति यह संकेत दे रही है कि फिलहाल युद्ध थमता नजर नहीं आ रहा। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्ष इसी तरह एक-दूसरे के रणनीतिक ठिकानों पर हमले जारी रखते हैं, तो आने वाले दिनों में संघर्ष और अधिक व्यापक तथा गंभीर रूप ले सकता है।

दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर से शांति वार्ता की कोई नई पहल होती है या फिर रूस और यूक्रेन के बीच यह टकराव और अधिक तीव्र हो जाता है। फिलहाल दोनों देशों की ओर से जारी सैन्य कार्रवाई यह स्पष्ट करती है कि युद्ध अभी समाप्त होने के कोई संकेत नहीं दिखा रहा है।

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