Rajasthan Mayor Election 2026: राजस्थान में महापौर, सभापति और नगर पालिका अध्यक्ष पदों के चुनाव से पहले पार्षदों की बाड़ेबंदी और कथित पुलिस दखल को लेकर सियासी तनाव बढ़ गया है। राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने BJP सरकार पर पुलिस और प्रशासन के जरिए कांग्रेस तथा उसके समर्थक पार्षदों पर दबाव डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस दौरान कोई हत्या या खून-खराबा हुआ तो उसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार और राजस्थान पुलिस की होगी। BJP ने कांग्रेस के इन आरोपों को खारिज किया है।
राजस्थान में पार्षद चुनाव के नतीजों के बाद अब कई निकायों में बोर्ड बनाने की लड़ाई तेज है। महापौर और अध्यक्ष पदों के चुनाव 21 सितंबर को होने हैं। कई निकायों में किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण निर्दलीय और दूसरे पार्षद अहम भूमिका में हैं। इसी वजह से BJP और कांग्रेस दोनों अपने पार्षदों को अलग-अलग जगहों पर एक साथ रख रहे हैं।
Rajasthan Mayor Election 2026 पर डोटासरा की चेतावनी
Rajasthan Mayor Election 2026 से पहले डोटासरा ने कहा कि उन्हें अलग-अलग जिलों से पार्षदों पर कथित दबाव की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कहीं पुलिस होटल और कैंप तक पहुंच रही है, तो कहीं नोटिस और प्रशासनिक कार्रवाई का दबाव बनाया जा रहा है। डोटासरा ने इसे सत्ता के दुरुपयोग का मामला बताते हुए सरकार और पुलिस को ऐसी कार्रवाई रोकने की चेतावनी दी।
डोटासरा ने इसे अपनी भाषा में “गुजरात मॉडल” बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी पार्षदों को प्रभावित करने के लिए सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल हो रहा है। यह कांग्रेस का राजनीतिक आरोप है; इसकी स्वतंत्र सरकारी जांच से पुष्टि सामने नहीं आई है।
Rajasthan Mayor Election 2026: जैसलमेर के होटल में पहुंची पुलिस? कांग्रेस ने लगाया आरोप
बीकानेर में कांग्रेस ने नगर निगम की 80 सीटों में से 42 वार्ड जीते हैं, जबकि BJP को 27 सीटें मिलीं और बाकी सीटें निर्दलीय तथा अन्य के पास गईं। कांग्रेस ने अपने पार्षदों को जैसलमेर के एक होटल में रखा है। डोटासरा ने आरोप लगाया कि पुलिस वहां पहुंची और तलाशी के बहाने कांग्रेस पार्षदों की गिनती की गई। NDTV की रिपोर्ट में भी डोटासरा के इस आरोप का उल्लेख है।
BJP और सरकार की ओर से ऐसे आरोपों को निराधार बताया गया है। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के लापता होने की शिकायत आती है तो उसकी जांच करना पुलिस का काम है। उन्होंने कांग्रेस के पुलिस दुरुपयोग वाले आरोपों को स्वीकार नहीं किया।

Rajasthan Mayor Election 2026: बीकानेर में अब सीधा मुकाबला
बीकानेर में कांग्रेस के लिए एक और चुनौती पार्टी के बागी नवरतन डागा के मैदान में उतरने से पैदा हुई थी। हालांकि शुक्रवार को डागा ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद कांग्रेस प्रत्याशी अनिल कल्ला और BJP उम्मीदवार सुरेंद्र सिंह शेखावत के बीच सीधा मुकाबला रह गया है। महापौर पद का मतदान 21 सितंबर को होना है।
Rajasthan Mayor Election 2026, कांग्रेस के पास अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा है, लेकिन पार्टी अपने पार्षदों को साथ रखकर किसी तरह की क्रॉस-वोटिंग से बचने की कोशिश कर रही है। BJP भी अलग-अलग निकायों में अपने पार्षदों की बाड़ेबंदी कर रही है।
भरतपुर में BJP की अनुराधा सिंह निर्विरोध महापौर
Rajasthan Mayor Election 2026 के बीच भरतपुर में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। निर्दलीय प्रत्याशी विचित्रा सिंह ने आखिरी समय में अपना नामांकन वापस ले लिया, जिसके बाद BJP की अनुराधा सिंह निर्विरोध महापौर घोषित हुईं। भरतपुर नगर निगम में निर्दलीय पार्षदों की संख्या सबसे ज्यादा होने के बावजूद नाम वापसी से BJP के लिए महापौर पद का रास्ता साफ हो गया।
कांग्रेस और विचित्रा सिंह के परिवार से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि नामांकन वापस लेने के लिए सरकारी दबाव बनाया गया। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने इन आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि विचित्रा सिंह के पति और पूर्व मेयर शिव सिंह भौंट के साथ राजनीतिक बातचीत हुई और नाम वापसी का फैसला भरतपुर के विकास को ध्यान में रखते हुए लिया गया।
कई जिलों में कांग्रेस ने पुलिस को दिए ज्ञापन
Rajasthan Mayor Election 2026, कांग्रेस ने राजस्थान के विभिन्न जिलों में पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन देकर मांग की है कि किसी पार्षद को कथित तौर पर डराने, हिरासत में लेने, दबाव बनाने या मतदान में बाधा डालने जैसी कार्रवाई न हो। जयपुर में भी कांग्रेस पदाधिकारियों ने पुलिस को ज्ञापन सौंपकर चुनाव प्रक्रिया के दौरान निष्पक्ष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
डोटासरा ने बांसूर समेत कई इलाकों का उदाहरण देते हुए दावा किया कि कांग्रेस के कैंप तक पुलिस पहुंच रही है। Indian Express ने भी सीकर, अजमेर, भरतपुर, बांसूर, फतेहपुर और कुचेरा समेत कई जगहों से कांग्रेस के इसी तरह के आरोप सामने आने की रिपोर्ट की है।
Rajasthan Mayor Election 2026: BJP का पलटवार- कांग्रेस के आरोप निराधार
BJP ने कांग्रेस के आरोपों को स्वीकार नहीं किया है। वरिष्ठ BJP नेता राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि यदि कुछ पार्षद BJP के काम से प्रभावित होकर उसका समर्थन करना चाहते हैं तो कांग्रेस को इसमें आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस को याद दिलाया कि पूर्व में कांग्रेस भी अपने विधायकों को लंबे समय तक एक साथ रख चुकी है।
इस तरह सत्ता के दुरुपयोग और पार्षदों को प्रभावित करने के आरोप फिलहाल राजनीतिक दावे हैं, जिन पर दोनों दलों के बयान एक-दूसरे से अलग हैं।
Rajasthan Mayor Election 2026: क्यों इतनी अहम है पार्षदों की बाड़ेबंदी?
नगर निकायों में बोर्ड गठन के लिए पार्षदों का समर्थन निर्णायक होता है। जिन निकायों में किसी पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है, वहां निर्दलीय पार्षदों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। इसी कारण BJP और कांग्रेस दोनों चुनाव तक अपने सदस्यों को एक साथ रखने की रणनीति अपना रहे हैं। राजस्थान के हालिया निकाय चुनाव में BJP सबसे ज्यादा निकायों में सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि कांग्रेस भी कई शहरों और नगरपालिकाओं में मजबूत स्थिति में रही।
Rajasthan Mayor Election 2026 की बड़ी बातें
- महापौर, सभापति और अध्यक्ष पदों के चुनाव 21 सितंबर को होने हैं।
- डोटासरा ने पुलिस-प्रशासन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
- उन्होंने कहा कि किसी तरह का खून-खराबा हुआ तो सरकार और पुलिस जिम्मेदार होंगे।
- कांग्रेस का आरोप है कि बीकानेर के पार्षदों के जैसलमेर कैंप तक पुलिस पहुंची।
- बीकानेर में कांग्रेस के 42 और BJP के 27 पार्षद हैं।
- वहां कांग्रेस के अनिल कल्ला और BJP के सुरेंद्र सिंह शेखावत के बीच मुकाबला है।
- भरतपुर में विचित्रा सिंह के नामांकन वापस लेने के बाद BJP की अनुराधा सिंह निर्विरोध महापौर बनीं।
- कांग्रेस ने नाम वापसी को लेकर दबाव का आरोप लगाया, जबकि जवाहर सिंह बेढम ने आरोप खारिज किए।
- BJP ने व्यापक पुलिस-दुरुपयोग के आरोपों को भी नकारा है।
Rajasthan Mayor Election 2026: 21 सितंबर के चुनाव पर टिकी नजर
कुल मिलाकर Rajasthan Mayor Election 2026 से पहले राजस्थान की स्थानीय राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस का कहना है कि पार्षदों को प्रभावित करने के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल हो रहा है, जबकि BJP इन आरोपों को राजनीतिक निराशा बताकर खारिज कर रही है।
अब 21 सितंबर को होने वाले महापौर, सभापति और अध्यक्ष चुनावों से साफ होगा कि पार्षद चुनाव के बाद बने समीकरण अलग-अलग निकायों की सत्ता में किस तरह बदलते हैं। बीकानेर जैसे निकाय में कांग्रेस के पास स्पष्ट बहुमत है, जबकि दूसरे कई शहरों में निर्दलीय पार्षद परिणाम तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
आधिकारिक चुनावी जानकारी के लिए Rajasthan State Election Commission देखा जा सकता है। राजस्थान की दूसरी खबरों के लिए The News Canvas पढ़ें।

