Pawta Pragpura Election 2026: राजस्थान निकाय चुनाव के बीच कोटपूतली-बहरोड़ जिले की पावटा-प्रागपुरा नगर पालिका में अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान राजनीतिक माहौल गरमा गया। विराटनगर से BJP विधायक कुलदीप धनकड़ और कांग्रेस के पूर्व विधायक इंद्राज सिंह गुर्जर मतदान प्रक्रिया के दौरान आमने-सामने आ गए। दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई और मौके पर मौजूद पुलिस तथा सुरक्षाकर्मियों को बीच-बचाव करना पड़ा। इसके बाद इंद्राज गुर्जर चुनाव प्रक्रिया को लेकर विरोध जताते हुए धरने पर बैठ गए। ताजा लाइव अपडेट में भी पावटा-प्रागपुरा में दोनों नेताओं के बीच टकराव और गुर्जर के धरने की पुष्टि की गई है।
राजस्थान में 21 सितंबर को 273 नगरीय निकायों में मेयर, सभापति और अध्यक्ष पद के चुनाव कराए जा रहे हैं। मतदान सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित था और इसके बाद मतगणना होनी है।
Pawta Pragpura Election 2026 में क्यों भिड़े धनकड़ और गुर्जर?
Pawta Pragpura Election 2026 में अध्यक्ष चुनने के लिए निर्वाचित पार्षद मतदान कर रहे थे। इसी दौरान BJP और कांग्रेस के नेताओं तथा समर्थकों की मौजूदगी के बीच चुनाव प्रक्रिया को लेकर विवाद शुरू हो गया।
विवाद के दौरान मौजूदा BJP विधायक कुलदीप धनकड़ और पूर्व कांग्रेस विधायक इंद्राज गुर्जर के बीच तीखी जुबानी बहस हुई। सामने आए विवरण के मुताबिक दोनों नेता एक-दूसरे के काफी करीब आ गए, जिसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अलग किया।
घटना के बाद दोनों दलों के समर्थकों के बीच भी नारेबाजी और धक्का-मुक्की की स्थिति बनने की सूचना सामने आई। पुलिस ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाकर स्थिति को नियंत्रित किया।
Pawta Pragpura Election 2026: ‘आप एक्स हो गए हैं’ पर हुआ तीखा जवाब
बहस के दौरान दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक तंज भी सुनने को मिले। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक कुलदीप धनकड़ ने इंद्राज गुर्जर के पूर्व विधायक होने का जिक्र किया, जिस पर गुर्जर ने भी पलटकर जवाब दिया।
दोनों नेता पहले भी विराटनगर विधानसभा चुनाव में आमने-सामने रह चुके हैं। 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में BJP के कुलदीप धनकड़ ने कांग्रेस के इंद्राज गुर्जर को 17,589 वोटों के अंतर से हराया था।
इस पुराने राजनीतिक मुकाबले के कारण पावटा-प्रागपुरा नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव के दौरान दोनों नेताओं की मौजूदगी ने स्थानीय राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ा दी।
पुलिस ने किया बीच-बचाव
Pawta Pragpura Election 2026 के दौरान बहस तेज होने के बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस अधिकारियों और दोनों नेताओं के सुरक्षाकर्मियों ने कुलदीप धनकड़ और इंद्राज गुर्जर को अलग किया। समर्थकों को भी मतदान स्थल से पीछे किया गया ताकि चुनाव प्रक्रिया प्रभावित न हो।
राजस्थान में अध्यक्ष चुनाव निर्वाचित पार्षदों के मतदान के जरिए हो रहा है। राज्यभर में सोमवार को जिन निकायों में चुनाव निर्धारित हैं, वहां वोटिंग के बाद मतगणना और परिणाम घोषित किए जाने हैं।
Pawta Pragpura Election 2026: धरने पर बैठे इंद्राज गुर्जर
घटना के बाद इंद्राज सिंह गुर्जर अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहे हैं। गुर्जर ने विपक्षी और निर्दलीय पार्षदों पर दबाव डालने का भी आरोप लगाया। ये कांग्रेस नेता के आरोप हैं; उपलब्ध रिपोर्टों में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
दोपहर 12:55 बजे के लाइव अपडेट में भी पावटा-प्रागपुरा अध्यक्ष चुनाव में विवाद और पूर्व विधायक इंद्राज सिंह गुर्जर के धरने की जानकारी दी गई थी।
पावटा-प्रागपुरा में क्यों अहम है अध्यक्ष का चुनाव?
पावटा-प्रागपुरा नगर पालिका में कुल 45 वार्ड हैं। 14 सितंबर को पार्षद चुनाव की मतगणना हुई थी। उपलब्ध परिणाम संकलन के मुताबिक कांग्रेस 22 वार्ड जीतकर सबसे बड़ा दल बनी, यानी अध्यक्ष पद के लिए जरूरी 23 के बहुमत से एक सीट कम। BJP और निर्दलीय उम्मीदवारों ने बाकी वार्ड जीते। अलग-अलग गैर-आधिकारिक संकलनों में BJP और निर्दलीयों की संख्या को लेकर मामूली अंतर है, इसलिए अंतिम पार्टीवार आंकड़े के लिए राज्य निर्वाचन आयोग का रिकॉर्ड प्राथमिक माना जाना चाहिए।
यही समीकरण अध्यक्ष पद के चुनाव को महत्वपूर्ण बनाता है, क्योंकि कांग्रेस के पास अपने दम पर स्पष्ट बहुमत से एक सीट कम होने की स्थिति बताई गई है।
21 सितंबर को अध्यक्ष पद के लिए मतदान
Pawta Pragpura Election 2026 में पार्षदों का चुनाव 9 और 11 सितंबर को हुआ था, जबकि वोटों की गिनती 14 सितंबर को की गई। नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव की तारीख 21 सितंबर 2026 निर्धारित थी।
राजस्थान में इसी दिन 273 निकायों में प्रमुख पदों के लिए मतदान हो रहा है। इनमें नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाएं शामिल हैं।
Pawta Pragpura Election 2026: विराटनगर की राजनीति में पुराने प्रतिद्वंद्वी
कुलदीप धनकड़ और इंद्राज गुर्जर विराटनगर की राजनीति में पहले से प्रतिद्वंद्वी रहे हैं।
2018 के विधानसभा चुनाव में इंद्राज गुर्जर ने कांग्रेस के टिकट पर विराटनगर सीट जीती थी। 2023 में BJP ने कुलदीप धनकड़ को उम्मीदवार बनाया और उन्होंने गुर्जर को हराकर सीट अपने नाम की।
अब पावटा-प्रागपुरा नगर पालिका के अध्यक्ष चुनाव में दोनों नेताओं के समर्थित राजनीतिक खेमे फिर आमने-सामने दिखाई दिए।
Pawta Pragpura Election 2026 की बड़ी बातें
- पावटा-प्रागपुरा नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए 21 सितंबर को मतदान हुआ।
- BJP विधायक कुलदीप धनकड़ और पूर्व कांग्रेस विधायक इंद्राज गुर्जर के बीच तीखी बहस हुई।
- पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने दोनों नेताओं को अलग किया।
- इंद्राज गुर्जर बाद में समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए।
- गुर्जर ने चुनाव प्रक्रिया और प्रशासन की निष्पक्षता पर आरोप लगाए; इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
- पावटा-प्रागपुरा नगर पालिका में कुल 45 वार्ड हैं।
- उपलब्ध परिणाम संकलन में कांग्रेस 22 सीटों के साथ सबसे बड़ा दल दिखाई गई है।
- बहुमत के लिए 23 पार्षदों का समर्थन जरूरी है।
- कुलदीप धनकड़ और इंद्राज गुर्जर 2023 विधानसभा चुनाव में भी आमने-सामने थे।
- 2023 में धनकड़ ने विराटनगर सीट 17,589 वोट के अंतर से जीती थी।
Pawta Pragpura Election 2026: अब अध्यक्ष चुनाव के नतीजे पर नजर
कुल मिलाकर Pawta Pragpura Election 2026 में अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया राजनीतिक टकराव के कारण चर्चा में आ गई। कुलदीप धनकड़ और इंद्राज गुर्जर के बीच हुई तीखी बहस के बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा, जबकि कांग्रेस के पूर्व विधायक ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया।
दोपहर तक उपलब्ध विश्वसनीय लाइव अपडेट में अध्यक्ष पद का अंतिम परिणाम घोषित नहीं हुआ था। ऐसे में विजेता की पुष्टि राज्य निर्वाचन आयोग या बाद के आधिकारिक परिणाम से करना जरूरी होगा।
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