Sagwara Municipality: डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा नगरपालिका में BJP की जीत के बाद नए बोर्ड ने कामकाज संभाल लिया है। नवनिर्वाचित चेयरमैन आशा पाटीदार के पदभार ग्रहण के दौरान जहां पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह दिखाई दिया, वहीं समारोह की एक तस्वीर ने स्थानीय राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू कर दी। पूर्व सांसद कनकमल कटारा और सागवाड़ा नगरपालिका चुनाव में BJP की जिम्मेदारी संभाल चुके पूर्व आसपुर विधायक गोपीचंद मीणा समारोह स्थल के बाहर नजर आए।
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक जब पूर्व सांसद कनकमल कटारा से कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “कोई सूचना नहीं दी गई।”
इस बयान के बाद सवाल उठने लगे कि नगरपालिका चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ नेताओं तक पदभार ग्रहण समारोह की सूचना क्यों नहीं पहुंची। हालांकि BJP की ओर से अभी ऐसा कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि कार्यक्रम के लिए किस-किस नेता को औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया था।
Sagwara Municipality में BJP की बड़ी जीत
सागवाड़ा नगरपालिका चुनाव में BJP ने स्पष्ट बढ़त हासिल की थी। 35 वार्डों में BJP ने 23, कांग्रेस ने 8 और भारत आदिवासी पार्टी ने 4 सीटें जीतीं। अध्यक्ष पद के चुनाव में BJP की आशा को 23 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की भूमिका पंचाल को 8 मत मिले। BAP के चार पार्षद अध्यक्ष चुनाव में मतदान के लिए नहीं पहुंचे थे।
वार्ड नंबर 33 से भी आशा BJP के टिकट पर निर्वाचित हुई थीं। राज्य निर्वाचन आयोग के आधार पर संकलित परिणाम में उन्हें 187 वोट मिले और उन्होंने 83 मतों से जीत दर्ज की।
ऐसे में नई चेयरमैन के पदभार ग्रहण कार्यक्रम को BJP की चुनावी जीत के बाद महत्वपूर्ण राजनीतिक आयोजन के तौर पर देखा जा रहा था।
Sagwara Municipality: पदभार ग्रहण में जश्न, बाहर दिखे वरिष्ठ नेता
Sagwara Municipality में चेयरमैन आशा पाटीदार के पदभार ग्रहण के दौरान समर्थकों ने आतिशबाजी की और नारे लगाकर जीत का जश्न मनाया।
कार्यक्रम में सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा और BJP जिलाध्यक्ष अशोक रणोली सहित स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसी दौरान कार्यक्रम स्थल के बाहर पूर्व सांसद कनकमल कटारा और पूर्व आसपुर विधायक गोपीचंद मीणा दिखाई दिए।
इन दोनों नेताओं की मौजूदगी बाहर होने की वजह से राजनीतिक चर्चा इसलिए भी तेज हुई क्योंकि नगरपालिका चुनाव की तैयारियों के दौरान दोनों BJP की स्थानीय गतिविधियों में सक्रिय रहे थे।
Sagwara Municipality: गोपीचंद मीणा के पास थी चुनावी जिम्मेदारी
सागवाड़ा नगरपालिका चुनाव के दौरान पूर्व आसपुर विधायक गोपीचंद मीणा को BJP की ओर से चुनाव प्रभारी की भूमिका दी गई थी।
27 अगस्त को BJP कार्यालय में पार्षद प्रत्याशियों के दावेदारों को लेकर हुई बैठक में भी गोपीचंद मीणा ने कहा था कि प्रत्याशी चयन पर प्रदेश संगठन का फैसला सभी कार्यकर्ताओं को स्वीकार होगा। उस समय विधायक शंकरलाल डेचा सहित कई स्थानीय BJP नेता बैठक में मौजूद थे।
इसके अलावा चुनाव से पहले नगरपालिका से जुड़े संगठनात्मक विषयों पर हुई BJP की बैठकों में पूर्व सांसद कनकमल कटारा और गोपीचंद मीणा दोनों की मौजूदगी रिपोर्ट की गई थी।
यही वजह है कि जीत के बाद हुए पदभार ग्रहण कार्यक्रम में दोनों वरिष्ठ नेताओं की स्थिति स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गई।
Sagwara Municipality: पूर्व सांसद कनकमल कटारा बोले- ‘कोई सूचना नहीं दी गई’
समारोह में शामिल नहीं होने को लेकर पूर्व सांसद कनकमल कटारा से सवाल किया गया तो उन्होंने संक्षिप्त जवाब में कहा कि उन्हें कार्यक्रम की कोई सूचना नहीं दी गई थी।
यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि कनकमल कटारा बांसवाड़ा-डूंगरपुर के पूर्व सांसद होने के साथ क्षेत्र में BJP के वरिष्ठ चेहरों में शामिल रहे हैं।
हालांकि केवल इस बयान के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि पार्टी के भीतर कोई औपचारिक विवाद या गुटबाजी है।
फिलहाल सवाल केवल इतना है कि यदि कार्यक्रम पार्टी स्तर पर आयोजित था तो चुनाव में सक्रिय वरिष्ठ नेताओं को उसकी सूचना मिली थी या नहीं।
Sagwara Municipality: आशा पाटीदार के चयन के समय भी सक्रिय थे वरिष्ठ नेता
BJP की ओर से आशा पाटीदार को नगरपालिका अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाए जाने के दौरान भी गोपीचंद मीणा पार्टी की प्रक्रिया में सक्रिय दिखाई दिए थे।
अध्यक्ष पद की उम्मीदवारी के समय हुई गतिविधियों में गोपीचंद मीणा, जिलाध्यक्ष और दूसरे पार्टी नेताओं की मौजूदगी रिपोर्ट हुई थी। पूर्व सांसद कनकमल कटारा का नाम भी पार्टी नेतृत्व के उन वरिष्ठ चेहरों में शामिल था, जिनके प्रति आशा पाटीदार के समर्थकों ने उम्मीदवारी के बाद आभार जताया था।
इसके बाद 21 सितंबर को हुए अध्यक्ष चुनाव में आशा ने 23 वोट हासिल कर जीत दर्ज की।
Sagwara Municipality: क्या BJP में अंदरूनी खींचतान है?
Sagwara Municipality के पदभार ग्रहण समारोह की तस्वीर सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर BJP के भीतर समन्वय को लेकर सवाल जरूर उठे हैं।
लेकिन किसी नेता के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने या कार्यक्रम स्थल के बाहर नजर आने भर से पार्टी में अंदरूनी खींचतान साबित नहीं होती।
इस मामले में अभी तीन बातें महत्वपूर्ण हैं—
- कनकमल कटारा का कहना है कि उन्हें कार्यक्रम की सूचना नहीं मिली।
- गोपीचंद मीणा नगरपालिका चुनाव के दौरान पार्टी के चुनाव प्रभारी रहे थे।
- BJP की ओर से कार्यक्रम में दोनों नेताओं की स्थिति पर विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
इसलिए फिलहाल इसे पार्टी के भीतर मतभेद का स्थापित तथ्य बताने के बजाय संगठनात्मक समन्वय को लेकर उठे सवाल के तौर पर देखना ज्यादा उचित है।
Sagwara Municipality: चुनाव में BJP ने लगाया था पूरा जोर
सागवाड़ा नगरपालिका चुनाव में BJP ने शुरुआत से ही मजबूत संगठनात्मक तैयारी की थी। चुनाव से पहले पार्टी ने यहां ‘मिशन 25’ के तहत 25 वार्ड जीतने का लक्ष्य रखा था। चुनाव परिणाम में BJP ने 23 वार्ड अपने नाम किए।
इसके बाद अध्यक्ष पद भी BJP के खाते में गया और आशा पाटीदार नगरपालिका की अध्यक्ष बनीं।
इस चुनावी सफलता के बाद पार्टी के लिए नया बोर्ड बनाना बड़ी उपलब्धि थी। इसलिए पदभार ग्रहण समारोह में चुनावी रणनीति से जुड़े वरिष्ठ नेताओं की भूमिका और मौजूदगी पर ध्यान जाना स्वाभाविक है।
Sagwara Municipality मामले की बड़ी बातें
- सागवाड़ा नगरपालिका के 35 वार्डों में BJP ने 23 सीटें जीतीं।
- कांग्रेस को 8 और BAP को 4 सीटें मिलीं।
- अध्यक्ष चुनाव में BJP की आशा को 23 वोट मिले।
- कांग्रेस की भूमिका पंचाल को 8 वोट मिले।
- गोपीचंद मीणा नगरपालिका चुनाव के दौरान BJP के चुनाव प्रभारी रहे।
- आशा पाटीदार के पदभार ग्रहण के दौरान BJP कार्यकर्ताओं ने जीत का जश्न मनाया।
- पूर्व सांसद कनकमल कटारा और पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा समारोह स्थल के बाहर नजर आए।
- कनकमल कटारा ने कहा कि उन्हें कार्यक्रम की सूचना नहीं दी गई।
- BJP की ओर से इस बारे में विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण फिलहाल सामने नहीं आया है।
- इसलिए पार्टी में मतभेद होने की बात को फिलहाल पुष्ट तथ्य नहीं कहा जा सकता।
Sagwara Municipality: जीत के जश्न के बीच संगठनात्मक तालमेल पर चर्चा
कुल मिलाकर Sagwara Municipality में BJP की जीत और आशा पाटीदार के पदभार संभालने के बाद नया बोर्ड अपना काम शुरू कर चुका है। चुनाव में पार्टी ने मजबूत प्रदर्शन किया और अध्यक्ष पद भी अपने नाम किया।
लेकिन पदभार ग्रहण समारोह में चुनाव के दौरान सक्रिय रहे दो वरिष्ठ नेताओं के बाहर नजर आने और पूर्व सांसद कनकमल कटारा के “कोई सूचना नहीं दी गई” वाले बयान ने स्थानीय राजनीतिक चर्चा को नया मुद्दा दे दिया है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि BJP संगठन इस घटनाक्रम पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया देता है या मामला केवल कार्यक्रम के आयोजन और सूचना के स्तर तक सीमित रहता है।
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डूंगरपुर से सादिक अली की रिपोर्ट

