Tourism Expo Japan 2026 में राजस्थान ने इस बार अपनी पर्यटन पहचान को किलों, महलों और रेगिस्तान से आगे बढ़ाते हुए जापानी बाजार के सामने एक नया रूप पेश किया है। टोक्यो के Tokyo Big Sight में आयोजित चार दिवसीय पर्यटन एक्सपो में राजस्थान वन्यजीव, ग्रामीण जीवन, हस्तशिल्प, लोक संस्कृति, स्थानीय खान-पान और अनुभव आधारित पर्यटन को भी प्रमुखता से प्रदर्शित कर रहा है। राजस्थान की कोशिश जापानी यात्रियों को जयपुर के साथ राज्य के दूसरे प्रमुख और अपेक्षाकृत कम चर्चित पर्यटन स्थलों की ओर आकर्षित करने की है।
Tourism EXPO Japan 2026 का आयोजन 24 से 27 सितंबर तक हो रहा है। आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक 24 और 25 सितंबर उद्योग एवं मीडिया प्रतिनिधियों के लिए निर्धारित थे, जबकि 26 और 27 सितंबर को एक्सपो आम दर्शकों के लिए खुला है। इसका आयोजन Japan Travel and Tourism Association, Japan Association of Travel Agents यानी JATA और Japan National Tourism Organization यानी JNTO की ओर से किया जा रहा है।
Tourism Expo Japan 2026 की थीम क्या है?
इस साल Tourism Expo Japan 2026 की थीम “The Changing Nature of Travel” रखी गई है। आयोजकों के अनुसार पर्यटन में तकनीक, बदलती जीवनशैली, sustainable travel और यात्रियों की बदलती प्राथमिकताओं के कारण नई तरह के अनुभवों की मांग बढ़ रही है। एक्सपो इसी बदलाव को केंद्र में रखकर पर्यटन के भविष्य को प्रस्तुत कर रहा है।
राजस्थान की प्रस्तुति भी इसी विचार से मेल खाती है। राज्य केवल monument-based tourism के बजाय ऐसी यात्राओं को बढ़ावा दे रहा है जिनमें पर्यटक स्थानीय समुदाय, संस्कृति, प्रकृति, भोजन और पारंपरिक शिल्प से सीधे जुड़ सकें।
Tourism Expo Japan 2026: राजस्थान पवेलियन का हुआ उद्घाटन
Tourism Expo Japan 2026 में राजस्थान पर्यटन पवेलियन का उद्घाटन जापान में भारत की राजदूत नगमा मोहम्मद मलिक ने किया। भारतीय दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट भी उन्हें वर्तमान में भारत की जापान में राजदूत बताती है।
इस मौके पर राजस्थान पर्यटन सचिव शुचि त्यागी सहित केंद्र और राज्य सरकार के पर्यटन अधिकारी मौजूद रहे। पर्यटन मंत्रालय और भारतीय दूतावास के प्रतिनिधियों के साथ जापान के tour operators और travel-trade professionals ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
राजस्थान सरकार की पर्यटन डायरेक्टरी के अनुसार शुचि त्यागी पर्यटन सचिव हैं, जबकि विभाग की ओर से संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी भी अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग गतिविधियों में शामिल हैं।
जयपुर के साथ रणथंभौर और शेखावाटी पर भी फोकस
Tourism Expo Japan 2026 में राजस्थान की रणनीति जापानी पर्यटकों को केवल जयपुर तक सीमित नहीं रखने की है। पर्यटन विभाग जापानी बाजार में उदयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, रणथंभौर, भरतपुर और शेखावाटी को भी प्रमुखता से पेश कर रहा है।
रणथंभौर को wildlife tourism, भरतपुर को bird and nature tourism और शेखावाटी को painted havelis तथा heritage experiences के रूप में सामने रखा जा रहा है।
इसी तरह उदयपुर के झील और heritage experiences, जोधपुर की वास्तुकला, जैसलमेर का desert tourism और बीकानेर की संस्कृति को अलग-अलग रुचियों वाले यात्रियों के लिए प्रचारित किया जा रहा है।
इसका उद्देश्य ऐसा itinerary तैयार करना है जिसमें पर्यटक एक ही यात्रा में heritage, wildlife, rural culture और स्थानीय अनुभवों को शामिल कर सकें।
गांव, हस्तशिल्प और स्थानीय खान-पान भी बने पहचान
राजस्थान पर्यटन की नई international pitch में ग्रामीण पर्यटन की भूमिका भी बढ़ाई गई है। जापानी यात्रियों को स्थानीय गांवों, कारीगरों, पारंपरिक हस्तशिल्प और राजस्थान के स्थानीय व्यंजनों से जुड़े अनुभवों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
Tourism Commissioner रुक्मणी रियार के मुताबिक राजस्थान की प्रस्तुति में wildlife और rural tourism के साथ handicrafts, local cuisine, wellness, destination weddings और MICE tourism को भी शामिल किया गया है।
इससे पर्यटन विभाग उन यात्रियों तक पहुंचना चाहता है जो केवल sightseeing के बजाय किसी जगह की संस्कृति और स्थानीय जीवन को करीब से अनुभव करना चाहते हैं।
जापानी कलाकारों ने किया कालबेलिया और चिरमी नृत्य
Tourism Expo Japan 2026 के राजस्थान पवेलियन में राज्य की लोक संस्कृति भी आकर्षण का केंद्र बनी। राजस्थान के लोकगीत और नृत्य प्रस्तुतियों के जरिए जापानी दर्शकों को राज्य की living culture से परिचित कराया गया।
खास बात यह रही कि जापानी कलाकारों ने भी कालबेलिया और चिरमी जैसे राजस्थानी लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी। रिपोर्टों के मुताबिक इन प्रस्तुतियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में visitors राजस्थान पवेलियन पहुंचे।
इस तरह पवेलियन सिर्फ brochures और tourism photographs तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सांस्कृतिक प्रदर्शन के जरिए visitors को राजस्थान का अनुभव कराने की कोशिश की गई।
जापानी टूर ऑपरेटर्स से सीधे B2B संपर्क
Tourism EXPO Japan केवल आम पर्यटकों के लिए exhibition नहीं है। इसके शुरुआती दो दिन business और press के लिए रखे गए थे, जिससे पर्यटन विभागों और tour operators को सीधे व्यावसायिक बातचीत का मौका मिलता है।
राजस्थान पर्यटन विभाग ने इस अवसर का उपयोग जापानी tour operators, travel companies और industry representatives से संपर्क बढ़ाने के लिए किया है। बातचीत का फोकस नए tourism circuits, longer itineraries और राजस्थान के कम चर्चित destinations को Japanese travel packages में शामिल करने पर रहा।
राजस्थान के लिए जापान पहले से महत्वपूर्ण विदेशी पर्यटन बाजारों में शामिल है। उपलब्ध विभागीय जानकारी के मुताबिक 2025 में करीब 25,250 जापानी पर्यटक राजस्थान आए थे। अब विभाग इस बाजार को जयपुर से आगे राज्य के दूसरे हिस्सों तक विस्तार देना चाहता है।
Tourism Expo Japan 2026 में राजस्थान की नई पहचान
Tourism Expo Japan 2026 में राजस्थान की भागीदारी से राज्य की international tourism branding में बदलाव दिखाई देता है। किले, महल और रेगिस्तान राजस्थान की पहचान का अहम हिस्सा बने रहेंगे, लेकिन इनके साथ जंगल, गांव, लोककला, हस्तशिल्प, स्थानीय भोजन और समुदाय आधारित अनुभवों को भी पर्यटन उत्पाद के रूप में सामने लाया जा रहा है।
इस नई रणनीति का उद्देश्य जापानी यात्रियों को राजस्थान में ज्यादा स्थान देखने, लंबा समय बिताने और स्थानीय संस्कृति से सीधे जुड़ने के लिए प्रेरित करना है। इसी वजह से टोक्यो का राजस्थान पवेलियन इस बार राजसी विरासत के साथ एक अधिक विविध और अनुभव आधारित राजस्थान की तस्वीर पेश कर रहा है।
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