Bharatiya Mazdoor Sangh Demands: जयपुर में भारतीय मजदूर संघ (BMS) जिला इकाई ने श्रमिकों, कर्मचारियों, संविदाकर्मियों, पेंशनर्स और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री के नाम 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। संगठन की प्रमुख मांगों में देशभर में ₹30,000 प्रतिमाह राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन, EPS-95 की न्यूनतम पेंशन ₹7,500, ESIC की वेतन सीमा ₹42,000 और EPF की सीमा ₹30,000 तक बढ़ाना शामिल है।
BMS ने 17 अगस्त 2026 को देशभर की अपनी इकाइयों से जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने और जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और श्रम मंत्री को ज्ञापन भेजने का आह्वान किया था। संगठन की केंद्रीय कार्यसमिति ने यह फैसला जुलाई के अंतिम सप्ताह में रांची में हुई बैठक में लिया था।
Bharatiya Mazdoor Sangh Demands जयपुर में आंदोलन की तैयारी के दौरान जारी 11 सूत्रीय मांगों में वेतन और पेंशन के साथ बोनस, ग्रेच्युटी, पांच दिवसीय बैंकिंग, योजना कर्मियों और संविदा कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को भी शामिल किया गया था।

Bharatiya Mazdoor Sangh Demands: ₹30,000 हो राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन
Bharatiya Mazdoor Sangh Demands में सबसे प्रमुख मुद्दा न्यूनतम वेतन का है। संगठन चाहता है कि देश में कम से कम ₹30,000 प्रतिमाह राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन सुनिश्चित किया जाए और इसे बढ़ती महंगाई तथा जीवनयापन की लागत से जोड़ा जाए। BMS के राष्ट्रीय आंदोलन में भी ₹30,000 न्यूनतम मासिक वेतन प्रमुख मांगों में शामिल है।
संगठन का तर्क है कि भोजन, मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन सहित रोजमर्रा के खर्च में बढ़ोतरी के कारण कम आय वाले श्रमिकों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करते समय वास्तविक cost of living को आधार बनाया जाना चाहिए।
ESIC वेतन सीमा ₹21,000 से बढ़ाकर ₹42,000 करने की मांग
BMS ने Employees’ State Insurance Scheme यानी ESIC की वेतन सीमा ₹21,000 से बढ़ाकर ₹42,000 प्रतिमाह करने की मांग रखी है।
ESIC की आधिकारिक जानकारी के अनुसार मौजूदा सामान्य wage ceiling ₹21,000 प्रतिमाह है। इससे अधिक वेतन पाने वाले बड़ी संख्या में कर्मचारी अनिवार्य ESI coverage के दायरे से बाहर हो सकते हैं।
BMS का कहना है कि आय और महंगाई बढ़ने के बावजूद सीमा लंबे समय से पर्याप्त रूप से संशोधित नहीं हुई है, इसलिए इसे दोगुना कर ₹42,000 किया जाना चाहिए।
EPS पेंशन ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 करने की मांग
Bharatiya Mazdoor Sangh Demands में pensioners के लिए भी बड़ा प्रस्ताव है।
संगठन चाहता है कि Employees’ Pension Scheme-1995 के तहत न्यूनतम पेंशन ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 प्रतिमाह की जाए और इसे Variable Dearness Allowance या महंगाई राहत से जोड़ा जाए। BMS के राष्ट्रीय मांगपत्र में स्वास्थ्य सुरक्षा को भी इससे जोड़ने की बात कही गई है।
EPFO की मौजूदा EPS scheme में सामान्य न्यूनतम मासिक pension ₹1,000 निर्धारित है, हालांकि कुछ परिस्थितियों में early pension जैसी deductions लागू हो सकती हैं।
BMS का तर्क है कि मौजूदा ₹1,000 की राशि वर्तमान जीवनयापन लागत के मुकाबले बेहद कम है।
EPF वेतन सीमा ₹15,000 से ₹30,000 हो
Provident Fund coverage को लेकर संगठन ने मौजूदा wage ceiling को दोगुना करने की मांग की है।
BMS चाहता है कि EPF के लिए वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹30,000 प्रतिमाह की जाए।
EPFO की आधिकारिक जानकारी में mandatory membership/contribution के लिए ₹15,000 की wage ceiling दी गई है, जबकि इससे अधिक वेतन वाले कर्मचारी कुछ शर्तों के तहत voluntary coverage ले सकते हैं।
Bharatiya Mazdoor Sangh Demands संगठन का कहना है कि ceiling बढ़ने से ज्यादा कर्मचारियों को retirement social security के दायरे में लाने में मदद मिल सकती है।
Bharatiya Mazdoor Sangh Demands: बोनस पात्रता और गणना सीमा बदलने की मांग
जयपुर की 11 सूत्रीय सूची में BMS ने bonus eligibility wage ceiling ₹42,000 करने और bonus calculation के लिए सीमा ₹18,000 करने की मांग उठाई है। स्थानीय मांगपत्र में calculation limit को ₹7,000 से ₹18,000 करने की बात कही गई है।
हालांकि नए Code on Wages framework में bonus eligibility की wage limit appropriate government द्वारा तय की जाती है। केंद्रीय श्रम मंत्रालय के 2026 compliance handbook के मुताबिक पात्र कर्मचारी के लिए annual bonus न्यूनतम 8.33% और अधिकतम 20% तक हो सकता है।
यानी यहां ₹7,000 और ₹18,000 का उल्लेख BMS की मांग के रूप में करना अधिक सटीक रहेगा।
आंगनबाड़ी, ASHA और Mid-Day Meal कर्मियों के लिए सामाजिक सुरक्षा
Bharatiya Mazdoor Sangh Demands में योजना कर्मचारियों के मुद्दे को भी प्रमुख जगह दी गई है।
संगठन ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ASHA कर्मियों, Mid-Day Meal workers, National Health Mission और अन्य scheme workers का मानदेय सम्मानजनक स्तर तक बढ़ाने की मांग की है। इसके साथ इनके लिए अलग और मजबूत social security policy की जरूरत बताई गई है।
BMS का कहना है कि देश में एक करोड़ से अधिक scheme workers विभिन्न सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े हुए हैं और लंबे समय से स्थायी सामाजिक सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
Bharatiya Mazdoor Sangh Demands: संविदा कर्मचारियों के लिए ‘समान काम-समान वेतन’
Contract employees को लेकर संगठन ने Equal Pay for Equal Work लागू करने की मांग उठाई है।
BMS का कहना है कि समान प्रकृति और जिम्मेदारी का काम करने वाले संविदाकर्मियों तथा स्थायी कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं में अत्यधिक अंतर नहीं होना चाहिए। साथ ही manpower agencies और contractors द्वारा wage theft या मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई की मांग भी राष्ट्रीय चार्टर में शामिल है।
श्रम कानूनों के कुछ प्रावधानों में बदलाव की मांग
BMS ने नए Labour Codes के कुछ प्रावधानों पर भी आपत्ति जताई है।
संगठन विशेष तौर पर Industrial Relations Code और Occupational Safety, Health and Working Conditions Code के कुछ प्रावधानों को श्रमिक हित में संशोधित करने के लिए केंद्र सरकार और Central Trade Unions के बीच बातचीत की मांग कर रहा है।
गौरतलब है कि चार Labour Codes का नया framework 21 नवंबर 2025 से लागू हुआ और श्रम मंत्रालय ने 2026 में इनके compliance guidelines और FAQs जारी किए हैं।
Bharatiya Mazdoor Sangh Demands: पांच दिवसीय Banking Week की मांग
बैंक कर्मचारियों से जुड़ी मांगों में Five-Day Banking Week भी शामिल है।
भारतीय मजदूर संघ ने सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग केंद्र सरकार के सामने रखी है।
इसका उद्देश्य कर्मचारियों के working hours और work-life balance से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही मांग का समाधान करना बताया गया है।
ग्रेच्युटी ₹20 लाख से बढ़ाकर ₹40 लाख करने की मांग
जयपुर इकाई के 11 सूत्रीय मांगपत्र में ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा ₹20 लाख से बढ़ाकर ₹40 लाख करने का प्रस्ताव रखा गया है।
श्रम मंत्रालय के जनवरी 2026 FAQ के मुताबिक वर्तमान में gratuity की अधिकतम notified ceiling ₹20 लाख है।
हालांकि BMS के राष्ट्रीय बयान में gratuity को लेकर मांग थोड़ी व्यापक है—संगठन gratuity calculation को प्रति वर्ष 15 दिन की मजदूरी से बढ़ाकर 30 दिन की मजदूरी करने और maximum ceiling हटाने की मांग भी कर रहा है।
Bharatiya Mazdoor Sangh Demands: 11 प्रमुख मांगें एक नजर में
जयपुर इकाई के ज्ञापन और संगठन के व्यापक आंदोलन में मुख्य रूप से ये मुद्दे सामने आए हैं:
- राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन ₹30,000 प्रतिमाह किया जाए।
- ESIC वेतन सीमा ₹21,000 से ₹42,000 की जाए।
- EPS न्यूनतम पेंशन ₹7,500 और महंगाई राहत दी जाए।
- EPF wage ceiling ₹15,000 से ₹30,000 की जाए।
- Bonus eligibility ₹42,000 और calculation limit ₹18,000 करने की मांग।
- Anganwadi, ASHA, Mid-Day Meal और अन्य scheme workers का मानदेय बढ़े।
- योजना कर्मियों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा और नीति का लाभ मिले।
- Contract workers के लिए समान कार्य-समान वेतन और job security हो।
- श्रम कानूनों के कथित श्रमिक-विरोधी प्रावधानों में संशोधन हो।
- Five-Day Banking Week लागू किया जाए।
- Gratuity ceiling ₹20 लाख से बढ़ाकर ₹40 लाख की जाए।
Bharatiya Mazdoor Sangh Demands: श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने पर जोर
कुल मिलाकर Bharatiya Mazdoor Sangh Demands में वेतन बढ़ोतरी के साथ social security को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया गया है।
Bharatiya Mazdoor Sangh Demands संगठन का कहना है कि महंगाई, अस्थायी रोजगार, सीमित pension और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की मौजूदा wage ceilings के कारण बड़ी संख्या में श्रमिकों को पर्याप्त आर्थिक सुरक्षा नहीं मिल पाती। जयपुर जिला इकाई की ओर से प्रधानमंत्री के नाम दिए गए ज्ञापन का उद्देश्य केंद्र सरकार का ध्यान इन्हीं मांगों की ओर आकर्षित करना है।
BMS ने राष्ट्रीय स्तर पर भी 17 अगस्त को सभी 28 State Units और 42 Industrial Federations से district headquarters पर आंदोलन करने को कहा था।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि केंद्र सरकार न्यूनतम पेंशन, EPF-ESI wage ceilings, ग्रेच्युटी और दूसरे मुद्दों पर आगे क्या रुख अपनाती है।
भारतीय मजदूर संघ की आधिकारिक जानकारी के लिए Bharatiya Mazdoor Sangh की वेबसाइट देखी जा सकती है।
मौजूदा श्रम कानून और Labour Codes की जानकारी Ministry of Labour & Employment पर उपलब्ध है।
EPF/EPS की आधिकारिक जानकारी के लिए EPFO और ESI से संबंधित जानकारी के लिए ESIC की वेबसाइट देखें।
राजस्थान और जयपुर की अन्य खबरों के लिए The News Canvas Rajasthan पढ़ें।
देश और रोजगार से जुड़ी अन्य खबरों के लिए The News Canvas पर जाएं।




