Bihar Bridge Collapse: बिहार के वैशाली जिले के लालगंज इलाके में गुरुवार को निर्माणाधीन पुल पर काम के दौरान बड़ा हादसा हो गया। NHAI की NH-139W परियोजना में इस्तेमाल किया जा रहा भारी beam launcher और concrete slab नीचे गिर गया। हादसे में सात मजदूर घायल हुए। जिला प्रशासन के अनुसार घायलों को सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया है। घटना के बाद विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सरकार पर भ्रष्टाचार, निर्माण गुणवत्ता में लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप लगाए।
हादसे के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। कुछ मजदूर गिरते हुए भारी ढांचे से बचने के लिए नीचे की ओर भागे, जबकि स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव का काम शुरू किया। NHAI ने स्पष्ट किया है कि हादसा launcher को एक स्थान से दूसरे स्थान पर shift करने के दौरान हुआ और पुल की स्थायी संरचना को नुकसान नहीं पहुंचा है।
Bihar Bridge Collapse: सात मजदूर हुए घायल
लालगंज क्षेत्र में भारतमाला परियोजना के तहत NH-139W पर पुल निर्माण का काम चल रहा है। गुरुवार को निर्माण कार्य के दौरान अचानक launcher नीचे आ गिरा।
वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह के मुताबिक हादसे में सात मजदूर घायल हुए और सभी को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन की ओर से उपलब्ध शुरुआती जानकारी में घायलों की स्थिति सामान्य बताई गई है।
कुछ शुरुआती रिपोर्टों में घायलों की संख्या और उनकी स्थिति को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए थे, लेकिन जिला प्रशासन और NHAI से जुड़ी बाद की रिपोर्टों में सात लोगों के घायल होने की पुष्टि की गई है।

पुल नहीं, निर्माण में इस्तेमाल होने वाला Launcher गिरा
इस घटना को कई जगह Bihar Bridge Collapse के रूप में बताया जा रहा है, लेकिन तकनीकी रूप से NHAI ने स्पष्ट किया है कि पूरा पुल या उसका स्थायी ढांचा नहीं गिरा।
हादसा उस समय हुआ जब construction में इस्तेमाल होने वाली launcher machine को shift किया जा रहा था। इसी दौरान भारी ढांचा और slab नीचे आ गए।
NHAI ने अपने बयान में कहा कि घटना से bridge structure को नुकसान नहीं पहुंचा है। एजेंसी ने safety protocols की समीक्षा करने और ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए सुरक्षा मानकों को फिर से जांचने की बात कही है।
Bihar Bridge Collapse, सरकारी tender records भी बताते हैं कि NH-139W के Manikpur-Sahebganj section को Four Lane में विकसित किया जा रहा है। इसलिए इसे छह लेन परियोजना बताना सही नहीं होगा।
तेजस्वी यादव ने भ्रष्टाचार के लगाए आरोप
Bihar Bridge Collapse की खबर सामने आने के बाद RJD नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने NDA सरकार पर तीखा हमला बोला।
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार में पुल निर्माण के दौरान बार-बार होने वाले हादसों के पीछे घटिया निर्माण सामग्री, गुणवत्ता मानकों की अनदेखी और भ्रष्टाचार जिम्मेदार है। उन्होंने दावा किया कि सरकार हर बार ऐसी घटनाओं के बाद जिम्मेदारी तय करने के बजाय मामले की लीपापोती करती है।
हालांकि तेजस्वी यादव के ये राजनीतिक आरोप हैं। इस ताजा हादसे में भ्रष्टाचार या घटिया सामग्री को कारण मानने वाली कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है।
Bihar Bridge Collapse: हादसे की वजह की होगी जांच
NHAI और स्थानीय प्रशासन ने घटना की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी में launcher को shift करने के दौरान हादसा होने की बात सामने आई है।
अब जांच में यह देखा जाएगा कि launcher गिरने के पीछे mechanical failure, operational error या safety protocol से जुड़ी कोई कमी थी या नहीं।
NHAI का कहना है कि वह construction quality और workers की safety को लेकर निर्धारित standards का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है और incident के बाद संबंधित safety procedures का पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है।
Bihar Bridge Collapse: NH-139W पर चल रहा है फोर-लेन प्रोजेक्ट
जिस परियोजना में यह हादसा हुआ है, वह NHAI के NH-139W corridor से जुड़ी है।
सरकारी e-procurement records के मुताबिक Manikpur से Sahebganj तक करीब 44.65 किलोमीटर हिस्से को Four Lane करने का काम Hybrid Annuity Mode पर किया जा रहा है।
यह corridor बिहार में road connectivity को बेहतर करने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है।
Bihar Bridge Collapse की बड़ी बातें
- वैशाली के लालगंज में गुरुवार को निर्माण स्थल पर हादसा हुआ।
- हादसा NH-139W की फोर-लेन परियोजना में हुआ।
- निर्माण में इस्तेमाल हो रहा beam launcher और slab गिरा।
- सात मजदूर घायल हुए।
- NHAI ने कहा कि पुल की स्थायी संरचना को नुकसान नहीं हुआ।
- घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- NHAI safety protocols की समीक्षा कर रहा है।
- तेजस्वी यादव ने NDA सरकार पर भ्रष्टाचार और खराब construction quality के आरोप लगाए।
- तेजस्वी के आरोपों की पुष्टि किसी आधिकारिक जांच में अभी नहीं हुई है।
जांच के बाद साफ होगी हादसे की असली वजह
फिलहाल Bihar Bridge Collapse मामले में सबसे अहम तथ्य यह है कि हादसे में निर्माण के लिए इस्तेमाल हो रहा launcher गिरा है, न कि पूरा निर्माणाधीन पुल। सात मजदूर घायल हुए हैं और प्रशासन उनकी स्थिति पर नजर रख रहा है।
घटना ने निर्माण स्थल पर worker safety को लेकर जरूर सवाल खड़े किए हैं। दूसरी ओर तेजस्वी यादव ने इसे लेकर NDA सरकार पर राजनीतिक हमला तेज कर दिया है। अब NHAI और प्रशासन की जांच से पता चलेगा कि हादसा तकनीकी खराबी, संचालन में चूक या किसी अन्य वजह से हुआ।
NHAI की आधिकारिक जानकारी के लिए National Highways Authority of India देख सकते हैं। बिहार समेत देश की अन्य खबरों के लिए The News Canvas पढ़ें।

