त्योहारों से पहले देश में चीनी की कीमतों में तेज उछाल ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने 31 अक्टूबर 2026 तक 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है। भारत की आयात खिड़की खुलते ही पाकिस्तान की शुगर इंडस्ट्री ने अपना सरप्लस भारत को बेचने की संभावना तलाशनी शुरू कर दी, लेकिन अभी भारत और पाकिस्तान के बीच चीनी खरीदने का कोई समझौता नहीं हुआ है। इस रिपोर्ट में जानिए—क्या गन्ने का एथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल चीनी संकट का कारण बना, उत्पादन अनुमान क्यों घटा, रेड रॉट और टॉप बोरर जैसी बीमारियों का कितना असर पड़ा, जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए और राजस्थान में बढ़ती कीमतों पर सियासत क्यों तेज हो सकती है। वीडियो पूरा देखिए और कमेंट में बताइए—त्योहारों तक चीनी सस्ती होगी या इस पर राजनीति और कड़वी होगी?
चीनी में ‘Pakistan Connection’! त्योहार से पहले Prices बेकाबू, Ethanol बना Villain?

