Chirag Paswan Controversy: केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान को लेकर बिहार में नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता राजन सिंह द्वारा चिराग पासवान की लैंगिक पहचान को लेकर किए गए एक कथित दावे पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कड़ी आपत्ति जताई है। मांझी ने बिहार सरकार से टिप्पणी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई करने की मांग की है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में राजन सिंह की ओर से चिराग पासवान की निजी पहचान को लेकर दावा किया गया है। हालांकि इस दावे के समर्थन में कोई विश्वसनीय स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है और इसे चिराग पासवान की पुष्टि के रूप में नहीं देखा जा सकता। इसलिए इसे केवल राजन सिंह के कथित बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
Chirag Paswan Controversy पर क्या बोले जीतन राम मांझी?
Chirag Paswan Controversy के बीच केंद्रीय MSME मंत्री जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया के जरिए इस बयान पर नाराजगी जताई।
रिपोर्ट के मुताबिक मांझी ने कहा कि किसी केंद्रीय मंत्री के बारे में इस तरह की व्यक्तिगत और अभद्र टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने बिहार सरकार से संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
चिराग पासवान और जीतन राम मांझी दोनों केंद्र सरकार में मंत्री हैं। चिराग पासवान वर्तमान में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हैं। मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट भी उन्हें केंद्रीय मंत्री के रूप में सूचीबद्ध करती है।
हाल के महीनों में आरक्षण समेत कई राजनीतिक मुद्दों पर मांझी और चिराग पासवान के बीच सार्वजनिक मतभेद भी सामने आए हैं, लेकिन इस विवाद में मांझी चिराग के समर्थन में सामने आए हैं।
Chirag Paswan Controversy: वायरल वीडियो से कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो के बाद चर्चा में आया।
वीडियो में राजन सिंह ने चिराग पासवान की लैंगिक पहचान को लेकर दावा किया और कहा कि वह ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े हैं। उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि यदि चिराग सार्वजनिक रूप से ऐसी पहचान स्वीकार करें तो समुदाय उनका राजनीतिक समर्थन करेगा।
इस तरह के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी व्यक्ति की लैंगिक पहचान निजी और संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी होती है, इसलिए बिना उनकी स्वयं की पुष्टि या विश्वसनीय प्रमाण के इसे स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
यही बयान सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के बाद राजनीतिक विवाद का कारण बना।
Chirag Paswan Controversy: बिहार सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग
Chirag Paswan Controversy में जीतन राम मांझी ने बिहार सरकार से सीधे कार्रवाई की मांग की है।
मांझी का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में किसी व्यक्ति, विशेषकर एक केंद्रीय मंत्री, को लेकर ऐसी व्यक्तिगत टिप्पणी स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से मामले का संज्ञान लेकर कानून के मुताबिक कार्रवाई करने को कहा है।
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में यह स्पष्ट नहीं है कि बिहार पुलिस या राज्य सरकार की ओर से राजन सिंह के खिलाफ कोई FIR या दूसरी औपचारिक कानूनी कार्रवाई की गई है या नहीं।
ऐसे में आगे प्रशासन की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।
Chirag Paswan Controversy: राजन सिंह कौन हैं?
राजन सिंह ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े कार्यकर्ता हैं और चुनावी राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं।
उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में दक्षिण दिल्ली सीट से चुनाव लड़ा था। उस समय वह दिल्ली से लोकसभा चुनाव लड़ने वाले प्रमुख ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों में शामिल थे।
इसके बाद उन्होंने 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में कालकाजी सीट से Aam Janta Party (India) के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था। Association for Democratic Reforms के चुनावी रिकॉर्ड में उनकी स्वयं घोषित पेशेवर पहचान Transgender Welfare Trust के अध्यक्ष के रूप में दर्ज है।
राजन सिंह बिहार राज्य ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड से भी जुड़े रहे हैं। मार्च 2026 में उन्हें बोर्ड का acting vice-chairperson बताया गया था और बाद में उनके उस पद से इस्तीफे की रिपोर्ट सामने आई थी।
जुलाई 2026 में बिहार के Transgender Welfare Board से संबंधित एक दूसरी रिपोर्ट में उन्हें बोर्ड सदस्य के रूप में उद्धृत किया गया था।
Chirag Paswan Controversy: चिराग पासवान फिलहाल केंद्र सरकार में मंत्री
चिराग पासवान लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख हैं और केंद्र सरकार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय संभाल रहे हैं। सरकारी मंत्रालय की मौजूदा Who’s Who सूची में भी उनका नाम Hon’ble Minister के रूप में दर्ज है।
बिहार की राजनीति में वह NDA के प्रमुख सहयोगी नेताओं में शामिल हैं।
सितंबर 2026 में आरक्षण नीति और अनुसूचित जातियों के भीतर sub-classification जैसे मुद्दों पर चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के बीच सार्वजनिक मतभेद सामने आए थे। चिराग ने SC-ST आरक्षण के भीतर उप-वर्गीकरण को लेकर अलग रुख रखा, जबकि मांझी ने अधिक वंचित समुदायों के लिए अलग व्यवस्था की वकालत की।
इसके बावजूद मौजूदा विवाद में मांझी ने उनके खिलाफ की गई व्यक्तिगत टिप्पणी का विरोध किया है।
Chirag Paswan Controversy: ट्रांसजेंडर पहचान को अपमान की तरह पेश करना भी सवालों में
इस विवाद में एक दूसरा पहलू भी महत्वपूर्ण है।
ट्रांसजेंडर होना अपने आप में कोई अपमानजनक स्थिति नहीं है। विवाद का मूल प्रश्न किसी व्यक्ति की निजी लैंगिक पहचान को बिना पुष्टि सार्वजनिक रूप से दावा करने और उसे राजनीतिक टिप्पणी के रूप में इस्तेमाल करने से जुड़ा है।
भारतीय न्याय व्यवस्था ने भी ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के समानता और गरिमा के अधिकार को मान्यता दी है। दिल्ली हाई कोर्ट के एक मामले में राजन सिंह की ट्रांसजेंडर पहचान और उनके संवैधानिक संरक्षण से जुड़े अधिकारों का उल्लेख किया गया था।
इसलिए खबर में यह अंतर जरूरी है कि विवाद ट्रांसजेंडर पहचान पर नहीं, बल्कि किसी दूसरे व्यक्ति के बारे में बिना पुष्टि ऐसी निजी पहचान का दावा करने पर है।
Chirag Paswan Controversy की बड़ी बातें
- राजन सिंह के एक वायरल वीडियो से विवाद शुरू हुआ।
- उन्होंने चिराग पासवान की लैंगिक पहचान को लेकर दावा किया।
- इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
- जीतन राम मांझी ने बयान पर आपत्ति जताई।
- मांझी ने बिहार सरकार से कानूनी कार्रवाई की मांग की।
- चिराग पासवान वर्तमान में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हैं।
- राजन सिंह ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता और पूर्व चुनाव प्रत्याशी हैं।
- उन्होंने 2024 में South Delhi Lok Sabha और 2025 में Kalkaji विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था।
- वह बिहार State Transgender Welfare Board से भी जुड़े रहे हैं।
- अभी बिहार सरकार या पुलिस की किसी औपचारिक कार्रवाई की विश्वसनीय पुष्टि सामने नहीं आई है।
Chirag Paswan Controversy: अब सरकार की कार्रवाई पर नजर
कुल मिलाकर Chirag Paswan Controversy ने बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। राजन सिंह की कथित टिप्पणी के बाद जीतन राम मांझी ने अपने केंद्रीय मंत्रिमंडल सहयोगी चिराग पासवान का समर्थन करते हुए बिहार सरकार से कार्रवाई की मांग की है।
अब यह देखना होगा कि राज्य सरकार या पुलिस इस मामले में कोई कानूनी कदम उठाती है या नहीं। साथ ही चिराग पासवान या उनकी पार्टी की ओर से इस विवाद पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है तो मामले की तस्वीर और साफ हो सकती है।
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