Jagga Singh Case: पंजाब के संगरूर में DC कार्यालय के बाहर जगसीर सिंह उर्फ जग्गा द्वारा कथित तौर पर जहरीला पदार्थ निगलने की घटना के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार को घेरते हुए नशे के मुद्दे पर जवाब मांगा और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है। घटना के बाद जग्गा सिंह को पहले संगरूर के सिविल अस्पताल ले जाया गया और हालत गंभीर होने पर पटियाला के राजिंदरा अस्पताल रेफर किया गया।
पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक जग्गा सिंह संगरूर के नमोल गांव के रहने वाले हैं। उनका आरोप है कि गांव में कथित नशा बिक्री को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने के बाद उन्हें धमकियां और दबाव झेलना पड़ा। इन आरोपों की जांच अभी चल रही है और जिम्मेदारी का अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच से ही सामने आएगा।
Jagga Singh Case पर क्या बोले गौरव भाटिया?
Jagga Singh Case को लेकर गौरव भाटिया ने AAP सरकार की नशा विरोधी नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे का मुद्दा लगातार सामने आ रहा है और राज्य सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
भाटिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग करते हुए जग्गा सिंह के साथ-साथ हाल में सामने आए गुलजार सिंह मामले का भी जिक्र किया।
BJP इससे पहले भी गुलजार सिंह की मौत के बाद भगवंत मान और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के इस्तीफे की मांग कर चुकी है। 8 सितंबर को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए भाटिया ने आरोप लगाया था कि पंजाब सरकार नशे के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं कर पाई है।
Jagga Singh Case: संगरूर DC ऑफिस के बाहर क्या हुआ?
रविवार को जगसीर सिंह उर्फ जग्गा संगरूर के Deputy Commissioner कार्यालय पहुंचे थे।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक वहीं उन्होंने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ निगल लिया। इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को गंभीर बताते हुए उन्हें आगे के इलाज के लिए पटियाला रेफर किया।
जग्गा ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपने गांव में नशे की कथित बिक्री से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। इसके बाद गांव के सरपंच सुखबीर सिंह और कुछ अन्य लोगों द्वारा उन्हें कथित तौर पर धमकाया गया।
रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने वीडियो बाद में हटा भी दिया था, लेकिन उनका दावा है कि इसके बावजूद उन्हें धमकियां मिलती रहीं। ये सभी आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं।
Jagga Singh Case: नशे के वीडियो को लेकर धमकाने का आरोप
Jagga Singh Case में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या जग्गा सिंह को नशे से जुड़ी शिकायत उठाने के बाद प्रताड़ित या धमकाया गया था।
उनकी ओर से लगाए गए आरोपों में कहा गया है कि सोशल मीडिया वीडियो पोस्ट करने के बाद उन पर दबाव बनाया गया।
पुलिस अब घटनाक्रम, संबंधित लोगों के बयान और उपलब्ध डिजिटल सामग्री की जांच कर रही है। अभी तक इन आरोपों पर किसी अदालत या जांच एजेंसी का अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
Jagga Singh Case: गुलजार सिंह मामले का भी जिक्र
गौरव भाटिया ने इससे पहले संगरूर के ही गुलजार सिंह की मौत को लेकर भी पंजाब सरकार पर सवाल उठाए थे।
गुलजार सिंह ने सितंबर की शुरुआत में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के सामने कथित तौर पर अपने गांव में ‘चिट्टा’ की उपलब्धता और अपने बेटे की नशे की लत का मुद्दा उठाया था। बाद में उनकी जहरीला पदार्थ निगलने के बाद मौत हो गई।
परिवार ने आरोप लगाया था कि शिकायत उठाने के बाद गुलजार पर दबाव डाला गया और उन्हें अपमानित किया गया।
पुलिस ने गांव के सरपंच समेत पांच लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और SC/ST Act से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया था। वित्त मंत्री हरपाल चीमा का नाम FIR में आरोपी के रूप में नहीं था।
Jagga Singh Case: हाई कोर्ट तक पहुंचा गुलजार सिंह मामला
गुलजार सिंह की मौत का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट तक भी पहुंच चुका है।
16 सितंबर को हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार से जांच की विस्तृत status report मांगी। सुनवाई के दौरान अदालत ने इस स्तर पर वित्त मंत्री हरपाल चीमा को मामले में शामिल किए जाने के आधार पर भी सवाल किया। अगली सुनवाई 6 अक्टूबर के लिए तय की गई थी।
चीमा ने अपने खिलाफ लगाए गए राजनीतिक आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि विपक्ष उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहा है और जांच पूरी होने के बाद वह अपने पास मौजूद तथ्यों को सामने रखेंगे।
2022 के वादों पर BJP ने उठाए सवाल
Jagga Singh Case के बाद BJP ने एक बार फिर AAP के पुराने चुनावी वादों को मुद्दा बनाया है।
2022 विधानसभा चुनाव से पहले AAP नेतृत्व ने पंजाब में नशे की समस्या खत्म करने के लिए सीमित समय में कार्रवाई का दावा किया था। दिसंबर 2021 में अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि सरकार बनने पर छह महीने में पंजाब से नशे की समस्या खत्म करने का प्रयास किया जाएगा।
Indian Express की 2024 की समीक्षा में 2022 campaign के दौरान केजरीवाल द्वारा तीन महीने में पंजाब को drug-free बनाने के वादे का भी उल्लेख है। यानी अलग-अलग चुनावी बयानों में समयसीमा अलग रही थी।
इसी वजह से किसी एक समयसीमा को AAP का एकमात्र 2022 वादा बताना सही नहीं होगा।
Jagga Singh Case: BJP चला रही ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’
पंजाब में drugs का मुद्दा 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है।
BJP ने 18 सितंबर से ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू की है। पार्टी की चार यात्राएं राज्य के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजर रही हैं और इनका समापन 30 सितंबर को जालंधर में प्रस्तावित है।
BJP का आरोप है कि AAP अपने नशा खत्म करने के वादों को पूरा करने में नाकाम रही है।
दूसरी तरफ मुख्यमंत्री भगवंत मान ने BJP पर पलटवार करते हुए सवाल उठाया है कि शिरोमणि अकाली दल के साथ 2007 से 2017 तक सत्ता में रहने के दौरान BJP ने पंजाब की नशे की समस्या पर क्या कार्रवाई की।
Jagga Singh Case: AAP सरकार क्या कह रही है?
पंजाब सरकार का कहना है कि वह नशा तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हाल में दावा किया कि पंजाब पुलिस ने drug trafficking के खिलाफ हजारों FIR दर्ज की हैं और तस्करों की करोड़ों रुपये की संपत्तियां जब्त की गई हैं। सरकार अपने अभियान ‘Yudh Nashian Virudh’ को नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तौर पर पेश करती रही है।
विपक्ष इन दावों को पर्याप्त नहीं मानता और नशे से जुड़ी घटनाओं तथा मौतों का हवाला देकर सरकार को घेर रहा है।
Jagga Singh Case की बड़ी बातें
- जगसीर सिंह उर्फ जग्गा संगरूर के नमोल गांव के रहने वाले हैं।
- उन्होंने DC कार्यालय के बाहर कथित तौर पर जहरीला पदार्थ निगला।
- उन्हें पटियाला के राजिंदरा अस्पताल रेफर किया गया।
- जग्गा ने नशे की कथित बिक्री पर वीडियो पोस्ट करने के बाद धमकियां मिलने का आरोप लगाया।
- आरोपों की जांच अभी जारी है।
- BJP नेता गौरव भाटिया ने भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की है।
- BJP पहले गुलजार सिंह मामले में भी यही मांग उठा चुकी है।
- गुलजार सिंह मामले में पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी।
- हरपाल चीमा का नाम उस FIR में आरोपी के रूप में नहीं है।
- पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने गुलजार मामले में सरकार से status report मांगी है।
- BJP और AAP दोनों नशे के मुद्दे पर एक-दूसरे की पिछली सरकारों और वादों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं।

Jagga Singh Case: पंजाब में नशे पर फिर तेज हुई राजनीति
कुल मिलाकर Jagga Singh Case ने पंजाब में नशे के मुद्दे पर पहले से जारी राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है। BJP ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से राजनीतिक जवाबदेही की मांग की है, जबकि AAP सरकार अपने anti-drug अभियान और पुलिस कार्रवाई का हवाला देकर विपक्ष के आरोपों का जवाब दे रही है।
फिलहाल जग्गा सिंह की ओर से लगाए गए धमकी और प्रताड़ना के आरोपों की जांच जारी है। इसलिए यह स्पष्ट करना जरूरी है कि इन आरोपों को अभी स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। पुलिस जांच से ही घटनाक्रम और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट होगी।
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