Delhi Building Collapse: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। मोती बाग के पास सत्य निकेतन में एक इमारत अचानक गिर गई। मलबे के नीचे कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया। ताजा जानकारी के मुताबिक मलबे से एक व्यक्ति को निकाला जा चुका है, जबकि दूसरे संभावित फंसे लोगों की तलाश जारी है।
सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के करीब स्थित है और यहां बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं। शुरुआती रिपोर्टों में इमारत में छात्रों के मौजूद होने की आशंका जताई गई है, हालांकि पुलिस ने अभी फंसे लोगों की सटीक संख्या और पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
Delhi Building Collapse: दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ हादसा
Delhi Building Collapse की सूचना दिल्ली फायर सर्विस को रविवार दोपहर करीब 1:30 से 1:35 बजे के बीच मिली।
Indian Express के मुताबिक इमारत सत्य निकेतन के मोती बाग इलाके में स्थित है। सूचना मिलते ही 8 दमकल गाड़ियों को मौके के लिए रवाना किया गया। पुलिस और फायर सर्विस ने मलबा हटाकर संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश शुरू कर दी।
करीब 1:50 बजे स्टेशन ऑफिसर नरेंद्र मौके पर पहुंचे। स्थिति गंभीर देखते हुए अतिरिक्त अधिकारी, manpower और भारी rescue equipment भी बुलाया गया।
Delhi Building Collapse: मलबे से एक व्यक्ति को निकाला गया
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अब तक एक व्यक्ति को मलबे से बाहर निकाले जाने की जानकारी सामने आई है।
बचाव दल लगातार मलबा हटाकर यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि अंदर और कितने लोग फंसे हैं। घटनास्थल के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस और emergency personnel मौजूद हैं।
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि rescue operation जारी है और फंसे लोगों की वास्तविक संख्या स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही बताई जा सकेगी।
क्या मलबे में छात्र भी फंसे हैं?
Delhi Building Collapse की घटना जिस सत्य निकेतन इलाके में हुई है, वह दिल्ली के प्रमुख student hubs में शामिल है। आसपास कई कॉलेज हैं और बड़ी संख्या में विद्यार्थी यहां PG, hostel और rented accommodation में रहते हैं।
कुछ शुरुआती रिपोर्टों में collapsed structure को hostel बताया गया है और कई छात्रों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई है। हालांकि खबर लिखे जाने तक पुलिस या फायर सर्विस ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इमारत के अंदर कितने छात्र थे।
इसलिए छात्रों की संख्या को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।
Delhi Building Collapse: तीन मंजिला इमारत गिरने की खबर
मीडिया रिपोर्टों में collapsed structure को तीन मंजिला इमारत बताया जा रहा है।
हादसे के बाद सामने आए दृश्यों में इमारत का बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील दिखाई दे रहा है। आसपास मौजूद लोग भी rescue teams की मदद करते नजर आए।
फिलहाल प्रशासन का पूरा फोकस मलबे में संभावित रूप से फंसे लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित निकालने पर है।
लगातार बारिश के बीच हुआ हादसा
दिल्ली में हाल के दिनों में बारिश का दौर जारी है। रविवार को इमारत गिरने के बाद बारिश और structure safety को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि Delhi Building Collapse की वजह बारिश ही थी। प्रशासन ने हादसे का आधिकारिक कारण घोषित नहीं किया है।
इमारत कितनी पुरानी थी, उसमें कोई निर्माण या renovation का काम चल रहा था या नहीं और structural weakness हादसे की वजह बनी या नहीं—इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।
आसपास के इलाके को किया गया सुरक्षित
हादसे के बाद emergency teams ने collapsed structure के आसपास के इलाके को सुरक्षित करना शुरू कर दिया है ताकि rescue operation में किसी तरह की बाधा न आए।
मलबा हटाते समय आसपास की दूसरी structures की stability पर भी नजर रखी जा रही है। प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
इस समय priority अंदर फंसे किसी भी व्यक्ति को जल्द से जल्द बाहर निकालना है।

Delhi Building Collapse की बड़ी बातें
- हादसा रविवार 6 सितंबर 2026 को हुआ।
- स्थान सत्य निकेतन, मोती बाग, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली है।
- इमारत दोपहर करीब 1:30 बजे गिरी।
- कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है।
- ताजा अपडेट में एक व्यक्ति को निकाला गया है।
- फंसे लोगों की कुल संख्या अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं है।
- Indian Express के मुताबिक 8 fire tenders मौके पर भेजी गईं।
- पुलिस और Delhi Fire Service का rescue operation जारी है।
- इलाके में बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं।
- शुरुआती रिपोर्टों में छात्रों के फंसे होने की आशंका है, लेकिन संख्या की पुष्टि बाकी है।
- हादसे के कारण की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी नजर
फिलहाल Delhi Building Collapse में सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे के अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। फायर सर्विस और पुलिस लगातार बचाव अभियान चला रही हैं।
अभी किसी मौत की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में casualty या trapped students की संख्या को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे अपुष्ट आंकड़ों से बचना जरूरी है।
आने वाले घंटों में दिल्ली पुलिस और फायर सर्विस की ओर से स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
आधिकारिक जानकारी के लिए Delhi Fire Service देखा जा सकता है। देश की अन्य खबरों के लिए The News Canvas पढ़ें।

