Israel Turkey Tensions: सीरिया में तुर्किए की बढ़ती सैन्य भूमिका को लेकर इजरायल और तुर्किए के बीच तनाव खुलकर सामने आ गया है। इजरायल का कहना है कि वह सीरिया में ऐसी किसी तुर्की सैन्य मौजूदगी को स्वीकार नहीं करेगा जिसे वह अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानता है। इसी तनाव के बीच इजरायल ने सीरिया के इदलिब प्रांत में स्थित Abu al-Duhur military airbase पर हवाई हमला किया। इजरायल का आरोप है कि सीरिया यहां तुर्किए सैनिकों की तैनाती की दिशा में आगे बढ़ रहा था, जबकि सीरिया और तुर्किए ने इस दावे को खारिज किया है।
हमले के अगले दिन इजरायली सेना प्रमुख Lt. Gen. Eyal Zamir ने दक्षिणी सीरिया में इजरायली सैनिकों की तैनाती वाले इलाके का दौरा किया। उन्होंने वहां सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की और कहा कि इजरायल अपनी सीमाओं के पास “hostile forces” को स्थापित नहीं होने देगा।

Israel Turkey Tensions: सीरिया बना नए तनाव का केंद्र
Israel Turkey Tensions की ताजा वजह Abu al-Duhur airbase को लेकर पैदा हुआ विवाद है।
इजरायल का आरोप है कि सीरिया इस सैन्य हवाई अड्डे पर तुर्किए की सेना को तैनाती की अनुमति देने की तैयारी कर रहा था। प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के कार्यालय ने दावा किया कि ऐसा होना इजरायल के साथ सुरक्षा मामलों में बने “status quo” का उल्लंघन होता।
लेकिन सीरिया के विदेश मंत्री Asaad al-Shaibani ने साफ कहा है कि वहां स्थायी तुर्की सैन्य अड्डा या Turkish troops की permanent deployment की कोई योजना नहीं थी।
उनके मुताबिक Abu al-Duhur airbase को Syrian Air Force के इस्तेमाल के लिए दोबारा तैयार किया जा रहा था।
Abu al-Duhur एयरबेस पर इजरायल का हमला
इजरायल ने 18 अगस्त 2026 की सुबह Abu al-Duhur military airbase पर हवाई हमला किया।
Syrian officials के अनुसार इस हमले में एयरबेस को नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी casualty की सूचना नहीं मिली। AP के मुताबिक Turkish delegation हमले से एक दिन पहले ही एयरबेस का दौरा करके गई थी और वहां rehabilitation work का जायजा लिया था।
रिपोर्टों के अनुसार airbase के runway और दूसरे हिस्सों को निशाना बनाया गया।
इजरायल का कहना है कि उसने Syrian authorities को पहले ही चेतावनी दी थी कि यहां Turkish military deployment उसकी security के लिए स्वीकार्य नहीं होगी।
Netanyahu बोले- हमारी चेतावनी नहीं समझी गई
Israel Turkey Tensions को लेकर प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी सार्वजनिक रूप से कड़ा रुख अपनाया।
Netanyahu ने कहा कि इजरायल ऐसी किसी Turkish military establishment in Syria को बर्दाश्त नहीं करेगा जो उसकी सुरक्षा को खतरा पहुंचाए।
उन्होंने कहा कि इजरायल ने इस संबंध में पहले संदेश दिया था, लेकिन जब उसकी चेतावनी को पर्याप्त रूप से नहीं समझा गया तो इजरायल ने अपना संदेश और स्पष्ट कर दिया। उनका इशारा Abu al-Duhur airbase पर हुए हमले की तरफ था।
Israel Turkey Tensions: तुर्किए ने इजरायल के आरोप किए खारिज
दूसरी तरफ तुर्किए ने इजरायल के आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
तुर्किए की Communications Directorate ने कहा कि Israeli Prime Minister’s Office की ओर से लगाए गए आरोपों का इस्तेमाल Syria पर किए गए airstrikes को सही ठहराने के लिए किया जा रहा है। Ankara ने कहा कि वह Syrian government के साथ वैध आधार पर सहयोग जारी रखेगा।
तुर्किए के विदेश मंत्रालय ने Abu al-Duhur airbase पर Israeli strikes की औपचारिक रूप से निंदा करते हुए इसे Syrian sovereignty और territorial integrity का उल्लंघन बताया।
यानी दोनों देशों की स्थिति बिल्कुल अलग है—इजरायल इसे अपनी सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बता रहा है, जबकि तुर्किए इसे सीरिया के भीतर वैध सहयोग का मामला मानता है।
तुर्की अधिकारी एयरबेस गए थे, लेकिन तैनाती से इनकार
Israel Turkey Tensions, हालांकि Syrian officials ने इस बात की पुष्टि की है कि हमले से एक दिन पहले Turkish delegation Abu al-Duhur airbase पहुंची थी।
Israel Turkey Tensions, AP के मुताबिक delegation ने वहां चल रहे rehabilitation work का जायजा लिया था। यह इस एयरबेस पर तुर्किए की मौजूदगी की पहली पुष्ट जानकारी थी।
लेकिन Syrian Foreign Minister Asaad al-Shaibani ने कहा कि Turkish military officers वहां training और wider military cooperation के तहत गए थे।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- Turkish military base स्थापित करने की योजना नहीं थी
- Permanent Turkish military presence नहीं थी
- Turkish troops की deployment की योजना नहीं थी
- एयरबेस Syrian Air Force के इस्तेमाल के लिए तैयार किया जा रहा था
Eyal Zamir पहुंचे दक्षिणी सीरिया
Israeli strike के एक दिन बाद IDF Chief of Staff Eyal Zamir ने दक्षिणी सीरिया में सैनिकों से मुलाकात की।
उन्होंने commanders के साथ security assessment किया और इलाके की स्थिति का जायजा लिया।
Zamir ने सैनिकों से कहा कि इजरायल अपनी सीमाओं पर hostile forces को स्थापित नहीं होने देगा और जहां जरूरत होगी वहां अपनी operational capabilities का इस्तेमाल करेगा।
यह बयान ऐसे समय आया जब Israel और Turkey के बीच Syria को लेकर बयानबाजी पहले से काफी तेज हो चुकी थी।
‘दुश्मन ताकतों को सीमा पर नहीं टिकने देंगे’
Israel Turkey Tensions के बीच Eyal Zamir का बयान खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इजरायली सेना प्रमुख ने यह संदेश दिया कि IDF Syrian front पर developments की लगातार निगरानी कर रही है।
उनका कहना था कि इजरायल अपनी सीमा के करीब किसी hostile force को जड़ें जमाने की अनुमति नहीं देगा।
हालांकि Zamir ने अपने उस बयान में Turkey का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन उनका दौरा Abu al-Duhur strike और Turkish military presence को लेकर विवाद के ठीक बाद हुआ।
इस वजह से इसे मौजूदा Israel-Turkey tensions के व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है।
Mossad प्रमुख ने Syrian Foreign Minister को किया फोन
इस पूरे घटनाक्रम का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा Mossad Chief Roman Gofman और Syrian Foreign Minister Asaad al-Shaibani के बीच हुई बातचीत है।
Reuters ने तीन sources के हवाले से बताया कि दोनों के बीच 14 अगस्त को फोन पर बातचीत हुई थी—Abu al-Duhur airbase पर Israeli strike से चार दिन पहले।
बातचीत में मुख्य मुद्दा Turkey की Syria में military role था।
सूत्रों के मुताबिक Israeli side ने:
- Turkish military presence बढ़ने
- Syria को weapons supply
- drones उपलब्ध कराने
- Syrian military के साथ Turkish cooperation
जैसे विषयों पर सवाल किए।
यह Sharaa-led Syrian administration और Israel के बीच अब तक के सबसे senior-level contacts में से एक बताया गया है।
Roman Gofman हैं मौजूदा Mossad Chief
यहां नामों को लेकर एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है।
Roman Gofman इजरायल की खुफिया एजेंसी Mossad के प्रमुख हैं, जबकि Eyal Zamir Israeli Defense Forces के Chief of Staff हैं।
Gofman ने 2 जून 2026 को Mossad chief का पद संभाला था। इससे पहले David Barnea इस पद पर थे।
इसलिए Syrian Foreign Minister से फोन पर बात Eyal Zamir ने नहीं बल्कि Roman Gofman ने की थी।
Israel Turkey Tensions: सीरिया बोला- इजरायली हमला जायज नहीं
Syrian Foreign Minister Asaad al-Shaibani ने Israeli attack को unjustified बताया है।
उन्होंने कहा कि Israeli side को पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था कि airbase पर कोई permanent Turkish military deployment नहीं होने वाली है। इसके बावजूद हमला किया गया।
Syria का कहना है कि वह अभी भी Israel के साथ de-escalation arrangement पर बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी समझौते में Syrian sovereignty और दोनों पक्षों की security concerns का सम्मान होना चाहिए।
Israel Turkey Tensions: अमेरिका भी तनाव कम कराने में जुटा
Israel Turkey Tensions में अब अमेरिका भी तनाव कम कराने की कोशिश कर रहा है।
US Special Envoy for Syria Tom Barrack ने Israeli strike को unnecessary escalation बताया था।
Reuters के मुताबिक Washington अब Israel, Turkey और Syria के बीच deconfliction mechanism तैयार करने पर काम कर रहा है। इसका मकसद तीनों पक्षों के बीच military misunderstanding या accidental confrontation को रोकना है।
Barrack ने कहा कि Turkey को Israeli airstrike के बारे में पहले जानकारी नहीं दी गई थी और इससे स्थिति सैन्य टकराव तक पहुंच सकती थी।
सीरिया में क्यों बढ़ रहा Turkey का प्रभाव?
Bashar al-Assad की सरकार गिरने के बाद Turkey मौजूदा Syrian leadership के सबसे महत्वपूर्ण सहयोगियों में शामिल हो गया है।
Ankara Syrian armed forces को फिर से तैयार करने में सहायता दे रहा है। इसमें Syrian personnel को training और equipment तथा logistical support देना शामिल है। Turkey और Syria ने पिछले साल formal military cooperation agreement भी किया था।
इजरायल को आशंका है कि Syrian military के पुनर्निर्माण के साथ Turkey का strategic influence उसकी northern border के करीब बढ़ सकता है।
इसी मुद्दे ने दोनों regional powers को Syria में आमने-सामने खड़ा कर दिया है।
Israel Turkey Tensions की बड़ी बातें
- Syria को लेकर Israel और Turkey के बीच तनाव बढ़ा।
- Israel ने 18 अगस्त को Abu al-Duhur airbase पर हमला किया।
- Israeli side ने संभावित Turkish troop deployment को वजह बताया।
- Syria ने Turkish permanent military presence से इनकार किया।
- Turkish delegation हमले से एक दिन पहले airbase गई थी।
- Turkey ने Israeli आरोपों और airstrike को खारिज किया।
- Eyal Zamir ने दक्षिणी Syria में Israeli troops का दौरा किया।
- Zamir ने hostile forces को सीमा पर स्थापित नहीं होने देने की चेतावनी दी।
- Mossad Chief Roman Gofman ने Syrian Foreign Minister Asaad al-Shaibani से 14 अगस्त को फोन पर बात की।
- बातचीत में Turkey की military role, arms और drones का मुद्दा उठा।
- Netanyahu ने Turkish military establishment को security threat बताया।
- US तीनों देशों के बीच deconfliction mechanism बनाने की कोशिश कर रहा है।
अब Israel-Turkey के अगले कदम पर नजर
कुल मिलाकर Israel Turkey Tensions अब केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रह गया है। Abu al-Duhur airbase पर Israeli strike ने यह साफ कर दिया है कि Syria में Turkey की संभावित military expansion को Israel गंभीर security concern के रूप में देख रहा है।
दूसरी ओर Turkey और Syria का कहना है कि किसी permanent Turkish base या troop deployment की योजना नहीं थी। Syrian officials ने Turkish officers के दौरे की पुष्टि जरूर की है, लेकिन इसे military training और cooperation का हिस्सा बताया है।
Mossad प्रमुख और Syrian Foreign Minister के बीच direct contact तथा अमेरिका की mediation कोशिशों से यह भी संकेत मिलता है कि सभी पक्ष फिलहाल बड़े सीधे टकराव को रोकने के लिए communication channels खुले रखना चाहते हैं।
Israel Turkey Tensions, अब निगाह इस बात पर रहेगी कि Turkey Syria में अपनी military cooperation को किस स्तर तक आगे बढ़ाता है और Israel इसके जवाब में क्या रुख अपनाता है।




