Supreme Court का बड़ा फैसला! अब गृहिणी को कम मत समझिए |

Rakesh Sharma - National Head
1 Min Read

क्या एक गृहिणी सिर्फ घर संभालती है या फिर वह पूरे राष्ट्र की नींव तैयार करती है? सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक टिप्पणी में कहा है कि गृहिणियों को सिर्फ “हाउसवाइफ” नहीं बल्कि “नेशन बिल्डर” के रूप में देखा जाना चाहिए। कोर्ट ने घरेलू कामकाज के आर्थिक मूल्य को स्वीकार करते हुए मुआवजा मामलों में 30 हजार रुपये प्रतिमाह का न्यूनतम मूल्य मानने की बात कही। जानिए इस फैसले का पूरा मतलब और क्यों यह करोड़ों महिलाओं के सम्मान से जुड़ा बड़ा संदेश माना जा रहा है।

Share This Article
Leave a Comment