पश्चिम बंगाल के Nandigram Bypoll में सियासी मुकाबला भावनात्मक मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हसीरानी रथ को नंदीग्राम विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है। चंद्रनाथ की 6 मई को उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच अब CBI कर रही है।
15 सितंबर को नामांकन से पहले आयोजित संकल्प सभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने पुराने सहयोगी चंद्रनाथ रथ को याद किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चंद्रनाथ की सबसे बड़ी ‘गलती’ यह थी कि वह उस समय विपक्ष के नेता रहे शुभेंदु अधिकारी का साथ देते थे।
हालांकि हत्या के पीछे राजनीतिक कारण होने का यह दावा शुभेंदु अधिकारी का आरोप है। मामले की कानूनी जांच जारी है और हत्या के मकसद को लेकर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।
‘मेरा साथ देना ही चंद्रनाथ का अपराध था’
Nandigram Bypoll में हसीरानी रथ के नामांकन से पहले शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि चंद्रनाथ को जिस तरह मारा गया, उसे वह भूल नहीं सकते।
उन्होंने कहा, “मैं मानता हूं कि चंद्रनाथ का सबसे बड़ा अपराध यही था कि वह विपक्ष के नेता की सहायता करते थे। इसी वजह से उन्हें समय से पहले दुनिया से हटा दिया गया।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि चंद्रनाथ की हत्या के दोषियों को कठोर सजा दिलाने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
यह बयान ऐसे समय आया है जब Nandigram Bypoll के जरिए BJP ने चंद्रनाथ की मां को उसी सीट से मैदान में उतारा है, जिसे शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा चुनाव में जीता था।
6 मई को हुई थी चंद्रनाथ रथ की हत्या
चंद्रनाथ रथ की हत्या पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के दो दिन बाद, 6 मई 2026 की रात हुई थी।
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक चंद्रनाथ अपने वाहन से लौट रहे थे, तभी मध्यमग्राम इलाके में हमलावरों ने उनका रास्ता रोका और उन पर कई राउंड गोलियां चलाईं। जांच एजेंसियों को आशंका थी कि हमलावरों ने पहले से उनकी गतिविधियों पर नजर रखी थी।
बाद में CBI ने मामले की जांच संभाली। Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार CBI ने डिजिटल सबूत, CCTV फुटेज, मोबाइल फोन और टोल रिकॉर्ड समेत कई साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और अगस्त में आरोपपत्र भी दाखिल किया।
हसीरानी रथ को BJP ने क्यों बनाया उम्मीदवार?
Nandigram Bypoll के लिए BJP ने 15 सितंबर को हसीरानी रथ को आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया। वह चंद्रनाथ रथ की मां हैं और स्थानीय राजनीति में भी सक्रिय रही हैं। Indian Express के मुताबिक वह पंचायत और पंचायत समिति के चुनाव कई बार जीत चुकी हैं।
BJP का यह फैसला राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। चंद्रनाथ लंबे समय तक शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी सहयोगी रहे और नंदीग्राम की चुनावी राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाते थे।
ऐसे में Nandigram Bypoll में उनकी मां को उम्मीदवार बनाकर BJP न्याय और भावनात्मक जुड़ाव—दोनों मुद्दों को चुनावी केंद्र में लेकर आई है।
क्यों हो रहा है नंदीग्राम में उपचुनाव?
2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी दो विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव जीते थे। नियमों के मुताबिक उन्हें एक सीट छोड़नी पड़ी, जिसके बाद नंदीग्राम सीट खाली हुई और यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार Nandigram Bypoll के लिए मतदान 6 अक्टूबर को होगा और वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को की जाएगी।
नंदीग्राम पहले से ही पश्चिम बंगाल की सबसे हाई-प्रोफाइल विधानसभा सीटों में शामिल रहा है। इस बार चंद्रनाथ रथ हत्या मामले और उनकी मां की उम्मीदवारी के कारण मुकाबला और अधिक राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया है।
कार्यकर्ताओं से भी शुभेंदु ने किया वादा
Nandigram Bypoll के नामांकन कार्यक्रम के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने BJP कार्यकर्ताओं को भी संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि नंदीग्राम की जनता से चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक मामलों और मुकदमों का सामना कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं को सम्मान दिलाना और उनकी मदद करना भी उनकी प्राथमिकता रहेगी।
शुभेंदु ने नंदीग्राम के कार्यकर्ताओं से कहा कि सरकार और संगठन दोनों स्तर पर उनके साथ खड़ा रहना उनकी जिम्मेदारी है।
अल्पसंख्यक मतदाताओं को भी दिया संदेश
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कार्यक्रम के दौरान अल्पसंख्यक मतदाताओं से भी BJP के समर्थन की अपील की।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ धर्म के आधार पर नहीं दिया जा रहा है और अल्पसंख्यक समुदाय भी सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहा है।
उन्होंने Nandigram Bypoll और रेजिनगर उपचुनाव को लेकर अल्पसंख्यक मतदाताओं से सरकार के साथ मिलकर काम करने की अपील की। उनके इस बयान को दोनों सीटों पर अल्पसंख्यक वोटरों तक BJP की पहुंच बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
चंद्रनाथ हत्या मामले की जांच बनी चुनावी मुद्दा
Nandigram Bypoll में विकास और स्थानीय मुद्दों के साथ चंद्रनाथ रथ की हत्या भी प्रमुख चुनावी विषय बनती दिखाई दे रही है।
हत्या के तुरंत बाद पुलिस ने इसे पहले से योजनाबद्ध हमला होने की आशंका जताई थी। बाद में जांच CBI तक पहुंची और एजेंसी ने मामले में आरोपपत्र दाखिल किया।
अब चंद्रनाथ की मां के चुनाव मैदान में आने के बाद यह मामला सीधे चुनावी राजनीति से जुड़ गया है।
हालांकि हत्या के राजनीतिक मकसद को लेकर किए जा रहे दावे अभी राजनीतिक आरोपों का हिस्सा हैं। अदालत में आरोप सिद्ध होने तक किसी भी आरोपी को दोषी नहीं माना जा सकता।
6 अक्टूबर को होगा Nandigram Bypoll
Nandigram Bypoll में BJP ने हसीरानी रथ के जरिए एक ऐसा उम्मीदवार चुना है, जिसकी उम्मीदवारी स्थानीय राजनीति के साथ एक हत्या मामले और उससे जुड़े भावनात्मक मुद्दे से भी जुड़ी हुई है।
हसीरानी रथ के नामांकन के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने चंद्रनाथ को याद कर साफ संकेत दिया कि BJP चुनाव प्रचार में उनके बेटे की हत्या और न्याय के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी।
अब नजर 6 अक्टूबर के मतदान पर रहेगी। Nandigram Bypoll का नतीजा 9 अक्टूबर को आएगा और यह तय करेगा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सीट छोड़ने के बाद नंदीग्राम में BJP अपना राजनीतिक दबदबा बरकरार रख पाती है या विपक्ष इस हाई-प्रोफाइल सीट पर चुनौती देने में सफल होता है।

