NSG Commando Training: राजस्थान पुलिस की 25 महिला जवान अब सामान्य पुलिस ट्रेनिंग से कई कदम आगे बढ़कर देश की सबसे प्रतिष्ठित सुरक्षा प्रशिक्षण व्यवस्थाओं में से एक का हिस्सा बनी हैं। राजस्थान पुलिस की इन महिला कांस्टेबलों का विशेष दल हरियाणा के मानेसर स्थित National Security Guard Training Centre में पहुंच चुका है, जहां 24 अगस्त 2026 से 12 सप्ताह की विशेष कमांडो ट्रेनिंग शुरू हुई है। यह प्रशिक्षण 13 नवंबर तक चलने वाला है।
यह पहली बार है जब राजस्थान पुलिस की 25 महिला कर्मियों का एक पूरा समूह इस तरह NSG की विशेष ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है। रविवार को Arms Battalions के ADG रूपींद्र सिंघ ने चयनित महिला कांस्टेबलों को मानेसर रवाना किए जाने से पहले प्रशिक्षण से जुड़ी जानकारी दी। महिला जवानों को जयपुर में RAC की पांचवीं बटालियन, घाटगेट से रवाना किया गया।

NSG Commando Training इतनी खास क्यों है?
NSG Commando Training को सामान्य पुलिस प्रशिक्षण से अलग माना जाता है क्योंकि इसका उद्देश्य जवानों को ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयार करना होता है जहां खतरा ज्यादा हो, प्रतिक्रिया का समय बेहद कम हो और गलती की गुंजाइश न्यूनतम हो।
राजस्थान की इन 25 महिला पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण में कड़े अनुशासन, आधुनिक हथियार तकनीक और Zero Error approach जैसी क्षमताओं पर जोर दिए जाने की बात कही गई है। ADG रूपींद्र सिंघ के मुताबिक इसका लक्ष्य जवानों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा के लिए अधिक दक्ष और आत्मविश्वासी बनाना है।
गृह मंत्रालय की पुरानी वार्षिक रिपोर्टों में भी दर्ज है कि NSG State Police Forces के जवानों के लिए Police Commando Conversion, counter-terrorism, bomb disposal और tactical training जैसे capacity-building programmes आयोजित करता रहा है।
24 अगस्त से 13 नवंबर तक चलेगी ट्रेनिंग
राजस्थान पुलिस की महिला जवानों का NSG Commando Training programme लगभग तीन महीने यानी 12 सप्ताह का है।
Training 24 अगस्त को शुरू हुई है और इसका निर्धारित समापन 13 नवंबर 2026 को होगा। इसके बाद महिला पुलिसकर्मी राजस्थान लौटेंगी और उनकी हासिल की गई विशेष क्षमताओं का उपयोग high-risk तथा special police duties में किया जा सकेगा।
यह पहल इसलिए भी अहम है क्योंकि पूरी महिला contingent को एक साथ इस course के लिए भेजा गया है।
क्या ट्रेनिंग के बाद ये ‘Black Cat Commando’ बन जाएंगी?
यहीं सबसे महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है।
NSG के कमांडो आम बोलचाल में ‘Black Cats’ के नाम से जाने जाते हैं। लेकिन राजस्थान पुलिस की महिला जवानों का NSG Training Centre में course करना और NSG में नियमित रूप से शामिल होना दो अलग चीजें हैं।
NSG एक specialised national counter-terror force है और उसके personnel की induction/deputation की अलग प्रक्रिया होती है। दूसरी ओर NSG अपनी operational भूमिका के साथ State Police, Armed Forces और CAPFs के जवानों को भी specialised commando और security training देता है।
इसलिए ज्यादा सही तरीके से कहा जाए तो राजस्थान की ये महिला जवान ‘Black Cat जैसी specialised commando skills’ हासिल करने की दिशा में प्रशिक्षण ले रही हैं। ट्रेनिंग खत्म होने के बाद वे राजस्थान पुलिस की ही कर्मी रहेंगी।
क्या है NSG?
NSG यानी National Security Guard देश की specialised counter-terrorism force है। इसका प्रशासनिक नियंत्रण केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत है और इसका प्रमुख operational तथा training infrastructure मानेसर, हरियाणा में स्थित है।
NSG की भूमिका मुख्य रूप से बेहद गंभीर सुरक्षा परिस्थितियों में होती है। इसमें counter-terror response, hostage rescue और anti-hijacking जैसी specialised capabilities शामिल हैं।
NSG ने अतीत में 26/11 मुंबई आतंकी हमले और अक्षरधाम मंदिर हमले जैसे बड़े संकटों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। गृह मंत्रालय की रिपोर्ट भी NSG को high-risk counter-terror और counter-hijacking tasks के लिए specialised force के रूप में वर्णित करती है।
NSG Commando Training में किस चीज पर रहेगा जोर?

NSG Commando Training को केवल हथियार चलाना सीखने तक सीमित समझना सही नहीं होगा।
राजस्थान के इस batch के बारे में उपलब्ध आधिकारिक ब्रीफिंग के मुताबिक प्रशिक्षण का जोर discipline, modern weapon techniques और ऐसी operational दक्षता पर रहेगा जिससे जवान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर प्रतिक्रिया दे सकें।
NSG के State Police capacity-building courses में ऐतिहासिक रूप से counter-terrorism exercises, police commando conversion, bomb disposal, tactical driving और quick-response drills जैसे specialised modules शामिल रहे हैं। हालांकि राजस्थान की इन 25 जवानों के मौजूदा course का पूरा detailed curriculum सार्वजनिक नहीं किया गया है, इसलिए हर संभावित drill को इस batch का निश्चित हिस्सा मानना सही नहीं होगा।
शरीर के साथ दिमाग की भी परीक्षा
किसी high-risk operation में केवल physical strength पर्याप्त नहीं होती। जवान को कई बार बेहद कम समय में स्थिति समझकर निर्णय करना होता है।
इसी वजह से specialised commando training में fitness के साथ discipline, situational awareness, stress में प्रतिक्रिया और टीम coordination जैसी क्षमताएं महत्वपूर्ण होती हैं।
राजस्थान पुलिस का कहना है कि इस training का उद्देश्य महिला जवानों में ऐसी दक्षता और आत्मविश्वास विकसित करना है जिससे वे कठिन परिस्थितियों में नागरिक सुरक्षा से जुड़ी चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां बेहतर ढंग से संभाल सकें।
राजस्थान पुलिस को क्या फायदा मिलेगा?
इस NSG Commando Training का सबसे बड़ा फायदा राजस्थान पुलिस की specialised response capacity को मिल सकता है।
Training पूरी करने वाली महिला जवान सामान्य law-and-order duties के साथ भविष्य में ऐसी विशेष जिम्मेदारियों के लिए बेहतर तैयार हो सकती हैं जहां trained response personnel की जरूरत होती है।
इससे राजस्थान पुलिस के भीतर महिला कर्मियों की operational भूमिका का दायरा भी बढ़ सकता है। अब तक महिलाओं की पुलिसिंग में मौजूदगी तेजी से बढ़ी है, लेकिन specialised tactical training उन्हें अधिक चुनौतीपूर्ण assignments में इस्तेमाल करने की संभावनाएं बढ़ाती है।
क्या आतंकियों से सीधे भिड़ेंगी ये महिला जवान?
यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि training पूरी होते ही इन 25 महिला कांस्टेबलों को सीधे counter-terror operation में भेज दिया जाएगा।
उनकी वास्तविक deployment राजस्थान पुलिस उनकी qualification, training outcome और operational requirements के आधार पर तय करेगी।
यह training निश्चित रूप से उन्हें high-risk परिस्थितियों के लिए बेहतर तैयार करेगी, लेकिन किसी भी special operation में deployment एक अलग operational decision होता है।
राजस्थान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह पहला बैच?
राजस्थान पुलिस के लिए यह केवल 25 महिला कर्मचारियों की training भर नहीं है।
एक पूरा महिला batch भेजने से यह संकेत मिलता है कि State Police specialised और tactical assignments में भी महिला कर्मियों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
अगर यह model सफल रहता है तो भविष्य में और महिला पुलिसकर्मियों को advanced commando और counter-terror capacity-building programmes में शामिल किए जाने का रास्ता मजबूत हो सकता है।
NSG Commando Training की बड़ी बातें
- राजस्थान पुलिस की 25 महिला कांस्टेबलों का विशेष batch चुना गया है।
- Training हरियाणा के Manesar स्थित NSG Training Centre में हो रही है।
- Training 24 अगस्त 2026 से शुरू हुई।
- Course करीब 12 सप्ताह चलेगा।
- निर्धारित समापन 13 नवंबर 2026 है।
- महिला जवानों को RAC की पांचवीं बटालियन, घाटगेट से मानेसर के लिए रवाना किया गया।
- Training में discipline, modern weapon techniques और Zero Error approach पर जोर रहेगा।
- NSG State Police personnel को पहले भी specialised commando और counter-terror capacity-building training देता रहा है।
- Course पूरा करने से जवान स्वतः NSG की permanent Black Cat personnel नहीं बनतीं।
- Training के बाद वे राजस्थान पुलिस में specialised duties के लिए अपनी नई skills का इस्तेमाल कर सकेंगी।
राजस्थान पुलिस में महिला कमांडो क्षमता का नया अध्याय
कुल मिलाकर NSG Commando Training के लिए राजस्थान की 25 महिला जवानों का मानेसर पहुंचना State Police के लिए महत्वपूर्ण कदम है। यह पहली बार है जब महिला पुलिसकर्मियों का इतना बड़ा dedicated group एक साथ इस specialised course में हिस्सा ले रहा है।
12 सप्ताह बाद जब ये महिला पुलिसकर्मी राजस्थान लौटेंगी तो उनके पास सामान्य policing से आगे की specialised training का अनुभव होगा। इससे high-risk assignments और emergency response में महिला पुलिसकर्मियों की भूमिका बढ़ाने का रास्ता खुल सकता है।
इसे “25 महिला कांस्टेबल सीधे NSG Black Cats बन गईं” कहना तकनीकी रूप से सही नहीं होगा, लेकिन इतना जरूर है कि NSG के प्रशिक्षण तंत्र में मिलने वाली specialised commando skills राजस्थान की इन महिला जवानों को पहले से कहीं अधिक कठिन जिम्मेदारियों के लिए तैयार कर रही हैं।
NSG से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए National Security Guard Official Website देख सकते हैं।
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