Jaipur Operation Safer Roads: जयपुर रेंज की सड़कों और हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों को अब दुर्घटना संभावित इलाके के करीब पहुंचने से पहले Google Maps के जरिए चेतावनी मिल सकेगी। सड़क हादसों और उनमें होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से जयपुर रेंज पुलिस ने ‘Operation Safer Roads’ शुरू किया है। इसके तहत वर्ष 2023 से 2025 के दुर्घटना और जनहानि के आंकड़ों का विश्लेषण कर 93 accident-prone locations चिह्नित किए गए हैं।
जयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राहुल प्रकाश के निर्देशन में तैयार इस पहल में पुलिस रिकॉर्ड, traffic data और विभिन्न highways पर हुई दुर्घटनाओं की गंभीरता को आधार बनाया गया। इन स्थानों का verified geospatial data Google टीम के साथ साझा करने के बाद इन्हें Google Maps प्लेटफॉर्म के साथ integrate किया गया है। इसका मकसद चालक को समय रहते सतर्क करना और accident-prone zone में speed कम करने के लिए प्रेरित करना है।

Operation Safer Roads में 93 ब्लैक स्पॉट चिन्हित
Operation Safer Roads के पहले चरण में वर्ष 2023, 2024 और 2025 के सड़क दुर्घटना रिकॉर्ड का अध्ययन किया गया।
पुलिस ने केवल इस बात को नहीं देखा कि किसी जगह कितने हादसे हुए, बल्कि यह भी देखा कि वहां दुर्घटनाओं में कितने लोगों की जान गई। यानी risk assessment में fatalities को प्रमुख आधार बनाया गया।
जयपुर रेंज में चिह्नित 93 स्थान इस प्रकार हैं:
| पुलिस जिला | दुर्घटना संभावित स्थान |
|---|---|
| जयपुर ग्रामीण | 28 |
| दौसा | 24 |
| कोटपूतली-बहरोड़ | 17 |
| अलवर | 11 |
| भिवाड़ी | 5 |
| सीकर | 4 |
| खैरथल-तिजारा | 3 |
| झुंझुनू | 1 |
| कुल | 93 |
यह सूची कुल 8 पुलिस जिलों की है।
A, B और C Risk Zone में बांटे गए ब्लैक स्पॉट
Operation Safer Roads में सभी 93 locations को एक जैसा खतरा नहीं माना गया है। पिछले तीन वर्षों में हुई जनहानि के आधार पर इन्हें तीन अलग-अलग risk categories में रखा गया है।
Red Zone – A Type
6 स्थान High Risk Zone में रखे गए हैं।
ये वे locations हैं जहां पिछले तीन वर्षों में 20 से अधिक मौतें दर्ज की गईं।
Google Maps पर इन्हें Red indicator से दिखाने की व्यवस्था की गई है।
Orange Zone – B Type
30 स्थान Medium Risk category में हैं।
इन locations पर तीन वर्षों में 10 से 20 तक जनहानि दर्ज होने की बात सामने आई है।
इन्हें Orange category के जरिए दर्शाया गया है।
Yellow Zone – C Type
सबसे ज्यादा 57 locations C Type में रखे गए हैं।
ये comparatively lower-risk accident-prone spots हैं, जहां पिछले तीन वर्षों में लगभग 5 से 10 के बीच जनहानि दर्ज हुई है।
इस तरह 6 A Type + 30 B Type + 57 C Type को मिलाकर कुल 93 locations बनते हैं।
Google Maps पर कैसे काम करेगा Operation Safer Roads?
Operation Safer Roads की सबसे अहम विशेषता इसका Google Maps integration है।
जयपुर रेंज पुलिस के मुताबिक accident data के analysis के बाद तैयार verified geographical information Google की technical team के साथ साझा की गई। Testing और coordination के बाद चिन्हित locations को Google Maps platform के साथ integrate किया गया।
अब संबंधित highways पर Google Maps navigation इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों को accident-prone area के करीब आने पर road safety warning मिल सकेगी।
इसका उद्देश्य चालक को पहले से यह संकेत देना है कि आगे का road stretch accident-prone है और वहां speed नियंत्रित करने तथा अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
500 मीटर या 1 किलोमीटर वाला दावा?
यहां एक महत्वपूर्ण बात है। उपलब्ध प्रकाशित विवरण में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि alert ठीक 500 मीटर या 1 किलोमीटर पहले मिलेगा या वह अनिवार्य रूप से voice alert और popup दोनों रूपों में आएगा।
आधिकारिक पहल से जुड़ी उपलब्ध जानकारी केवल यह कहती है कि accident-prone zone के निकट पहुंचने पर road safety warning मिलेगी। इसलिए article में exact distance को confirmed feature के रूप में लिखना उचित नहीं होगा।
QR Code से भी देख सकेंगे सभी Risk Zones
Google Maps alert के अलावा Operation Safer Roads में QR Code आधारित सुविधा भी बनाई गई है।
वाहन चालक, transporters या आम नागरिक QR Code scan करके accident-prone locations की जानकारी देख सकेंगे।
इस digital map में:
- स्थान की location
- Risk category
- Red, Orange और Yellow zone
- Road safety related information
देखी जा सकेगी।
इसका फायदा यह होगा कि चालक यात्रा शुरू करने से पहले अपने route पर मौजूद high-risk stretches को पहचान सकेंगे।
डेटा और पुलिसिंग को जोड़ा गया
Operation Safer Roads को केवल black spots की नई list के रूप में नहीं देखा जा रहा है।
जयपुर रेंज पुलिस इसे Evidence Based Road Safety Management की दिशा में कदम बता रही है।
इसमें तीन चीजों को एक साथ जोड़ा गया है:
- Police accident records
- Fatality-based data analysis
- Geospatial mapping और digital navigation
इससे enforcement के साथ prevention पर भी जोर दिया जा सकेगा।
यानी पुलिस केवल हादसा होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय ऐसे locations की पहले पहचान कर चालक को advance warning देने की कोशिश कर रही है।
हर 3 महीने में बदलेगी Black Spot List
इस project को एक बार तैयार करके स्थायी रूप से छोड़ने की योजना नहीं है।
जयपुर रेंज पुलिस ने कहा है कि accident data का हर तीन महीने में review किया जाएगा।
Review के दौरान यह देखा जाएगा कि:
- पुराने black spots पर दुर्घटनाएं कम हुईं या नहीं
- किसी नए location पर accidents बढ़ रहे हैं या नहीं
- किसी location की risk category बदलने की जरूरत है या नहीं
- नए locations को digital map में जोड़ने की आवश्यकता है या नहीं
जरूरत के मुताबिक list और mapping को update किया जाएगा।

Jaipur Range में कौन-कौन से इलाके शामिल?
Operation Safer Roads का focus Jaipur city commissionerate तक सीमित नहीं है।
राजस्थान पुलिस की उपलब्ध directory के मुताबिक Jaipur Range में:
Alwar, Bhiwadi, Dausa, Jaipur Rural, Jhunjhunu, Khairthal-Tijara, Kotputli-Behror और Sikar पुलिस जिले शामिल हैं।
इसलिए initiative का फायदा इन जिलों से गुजरने वाले national और state highways के यात्रियों को मिलेगा।
93 accident-prone locations में सबसे अधिक 28 जयपुर ग्रामीण में हैं, जबकि दूसरे नंबर पर 24 spots के साथ दौसा है।
वाहन चालकों के लिए पुलिस की अपील
Operation Safer Roads के साथ जयपुर रेंज पुलिस ने motorists से safety warnings को गंभीरता से लेने की अपील की है।
पुलिस ने खास तौर पर कहा है कि:
- Speed limit का पालन करें
- कार में seat belt जरूर लगाएं
- दोपहिया वाहन पर helmet पहनें
- Driving के दौरान mobile phone इस्तेमाल न करें
- थकान की स्थिति में वाहन न चलाएं
- Accident-prone zone में speed कम करें
- Road signs और traffic rules का पालन करें
- Over-speeding और reckless driving से बचें
Google Maps alert केवल warning देगा, सुरक्षित driving की अंतिम जिम्मेदारी चालक की ही रहेगी।
Operation Safer Roads की बड़ी बातें
- जयपुर रेंज पुलिस ने Operation Safer Roads शुरू किया।
- IG राहुल प्रकाश के निर्देशन में initiative तैयार हुआ।
- वर्ष 2023 से 2025 के accident data का analysis किया गया।
- 93 accident-prone spots चिन्हित किए गए।
- ये locations 8 पुलिस जिलों में हैं।
- 6 locations A Type High Risk हैं।
- 30 locations B Type Medium Risk हैं।
- 57 locations C Type category में हैं।
- Accident spots का data Google Maps से integrate किया गया।
- Navigation इस्तेमाल करने पर accident-prone zone के करीब warning मिल सकेगी।
- QR Code के जरिए भी locations देखी जा सकेंगी।
- हर तीन महीने में black spots का review होगा।
सड़क हादसे कम करने में तकनीक की मदद
कुल मिलाकर Operation Safer Roads Jaipur Range Police का ऐसा प्रयोग है जिसमें road accident data को Google Maps जैसी रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाली technology से जोड़ा गया है।
अगर driver को किसी dangerous road stretch की जानकारी हादसे से पहले मिल जाती है तो वह speed कम कर सकता है और ज्यादा सावधानी बरत सकता है। यही इस initiative का सबसे बड़ा उद्देश्य है।
हालांकि केवल digital alert से हादसे खत्म नहीं होंगे। Over-speeding, drunken driving, mobile usage, खराब road engineering और traffic-rule violations जैसे factors पर नियंत्रण भी उतना ही जरूरी रहेगा।
आधिकारिक पुलिस जानकारी के लिए Rajasthan Police देखा जा सकता है। राजस्थान की अन्य खबरों के लिए The News Canvas पढ़ें।




