PM Modi ने सोमवार को अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इससे “शांति बहाल करने” और “आज़ादी से आवाजाही सुनिश्चित करने” में मदद मिलेगी। यह समझौता, जो उनके बीच युद्ध खत्म करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए किया गया है, 19 जून को स्विट्जरलैंड में साइन किया जाएगा।
हालांकि इस स्टेज पर यह व्यवस्था अभी सिर्फ़ एक रूपरेखा ही है, फिर भी यह उस संघर्ष को खत्म करने की दिशा में सबसे बड़ी प्रगति है, जिसमें हज़ारों लोगों की जान गई है और जिसने फरवरी में ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों के बाद से ग्लोबल एनर्जी मार्केट को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के फिर से खुलने से पूरे एशिया में चिंताएं कम होने की उम्मीद है, क्योंकि संघर्ष शुरू होने से पहले यह क्षेत्र इस अहम जलमार्ग से होने वाली तेल ढुलाई पर लगभग 90% तक निर्भर था।
Modi ने समझौते का स्वागत किया
PM Modi ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्होंने पश्चिम एशिया में संघर्ष को खत्म करने के लिए हुए शांति समझौते का स्वागत किया, “जिसके कारण दुनिया भर में गंभीर आर्थिक व्यवधान पैदा हुआ और कई देशों में जान-माल का नुकसान हुआ।”
PM Modi ने आशा व्यक्त की कि समझौते के कार्यान्वयन से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने तथा नौवहन और व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने आगे कहा, “हम शेष मुद्दों पर विचार-विमर्श के माध्यम से एक स्थायी अंतिम समझौते तक पहुंचने की आशा करते हैं।”
19 जून को होंगे हस्ताक्षर
सोमवार की सुबह अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज़ को फिर से खोलने और अमेरिका-ईरान संघर्ष में चल रहे नाज़ुक संघर्ष-विराम को आगे बढ़ाने के लिए एक शुरुआती समझौता हुआ।
मध्यस्थता करने वाले देश पाकिस्तान ने सबसे पहले इस समझौते की घोषणा की। प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि “दोनों पक्षों ने लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत और हमेशा के लिए खत्म करने की घोषणा की है।”
उन्होंने कहा कि मध्यस्थ इस सप्ताह बैठकें करेंगे ताकि “तकनीकी वार्ता की नींव रखी जा सके।” अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बाद में समझौते की पुष्टि की और कहा कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त करने को मंजूरी दे दी है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर बिना ज़्यादा जानकारी दिए लिखा, “सभी को बधाई!” उन्होंने आगे कहा, “दुनिया भर के जहाज़ों, अपने इंजन चालू करो। तेल बहने दो!”
यह अभी साफ़ नहीं है कि शुक्रवार को होने वाले साइनिंग सेरेमनी में ईरान का प्रतिनिधित्व कौन करेगा। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने फॉक्स न्यूज़ को बताया कि व्हाइट हाउस अभी यह तय कर रहा है कि कौन शामिल होगा। उन्होंने कहा, “मैं निश्चित रूप से वहाँ जाने की योजना बना रहा हूँ, लेकिन हो सकता है कि राष्ट्रपति खुद वहाँ मौजूद हों।”
ईरान के उप-विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने भी सरकारी टेलीविज़न पर इस समझौते की पुष्टि की, लेकिन कहा कि तेहरान शुक्रवार को औपचारिक रूप से हस्ताक्षर होने के बाद ही इसे लागू करना शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि यह सफलता कतर के साथ बातचीत के बाद मिली, जिसने मध्यस्थ की भूमिका निभाई।
