Rajasthan Assembly Monsoon Session: राजस्थान की 16वीं विधानसभा का छठा सत्र आज गुरुवार, 20 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू करेंगे। सत्र की शुरुआत के दिन सामान्य प्रश्नकाल नहीं होगा। शुरुआती औपचारिक कार्यों और दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित होने की संभावना है। इसके बाद Business Advisory Committee की बैठक में तय होगा कि आगे कितने दिन सदन चलेगा और किन विधायी कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
मानसून सत्र इस बार राजनीतिक रूप से भी अहम है क्योंकि एक दिन पहले ही राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हुई है। चुनावी आचार संहिता लागू होने के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को विधानसभा के साथ चुनावी मैदान भी संभालना होगा। इसी कारण सत्र छोटा रहने और कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे के सत्र तक टाले जाने की संभावना भी जताई जा रही है।

Rajasthan Assembly Monsoon Session में पहले दिन क्या होगा?
Rajasthan Assembly Monsoon Session के पहले दिन का कामकाज मुख्य रूप से औपचारिक रहने की संभावना है।
उपलब्ध कार्यक्रम के मुताबिक सुबह 11 बजे सदन की बैठक शुरू होगी। पहले दिन प्रश्नकाल नहीं होगा। राज्यपाल से जुड़े विधायी दस्तावेज और अन्य आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखे जा सकते हैं। इसके बाद पूर्व राज्यपालों, पूर्व मुख्यमंत्रियों और दिवंगत पूर्व विधायकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
शोकाभिव्यक्ति के बाद कार्यवाही स्थगित होने के पश्चात विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की अध्यक्षता में Business Advisory Committee की बैठक होगी।
इसी बैठक के बाद स्पष्ट होगा कि 21, 24 और 25 अगस्त को सदन में कौन-कौन से विषय और विधेयक लिए जाएंगे।
केवल 4-5 दिन चल सकता है सत्र
इस बार Rajasthan Assembly Monsoon Session बहुत लंबा रहने की संभावना नहीं है।
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक सरकार सत्र को सीमित अवधि में पूरा करना चाहती है। अभी करीब चार से पांच बैठकों की संभावना जताई जा रही है। 20 अगस्त के बाद 21 अगस्त को बैठक हो सकती है, शनिवार-रविवार अवकाश रहेगा और इसके बाद 24 तथा 25 अगस्त को सदन बैठ सकता है।
Rajasthan Assembly Monsoon Session हालांकि अंतिम कार्यक्रम Business Advisory Committee तय करेगी।
विपक्ष की ओर से अधिक समय तक सदन चलाकर जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग उठाई गई है। एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक विपक्ष कम से कम 15 से 20 दिन का सत्र चाहता है, जबकि सरकार इसे कम दिनों में पूरा करने के पक्ष में दिखाई देती है।
Trees Protection Bill पर सबसे ज्यादा नजर
Rajasthan Assembly Monsoon Session से पहले जिस विधेयक की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह The Rajasthan Trees (Protection) Bill, 2026 है।
राज्य मंत्रिमंडल ने 13 अगस्त को इस बिल के draft को मंजूरी दी थी। प्रस्तावित कानून में राजस्थान की 29 महत्वपूर्ण वृक्ष प्रजातियों के संरक्षण के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। इनमें खेजड़ी, रोहिड़ा, बरगद, पीपल, लसोड़ा, तेंदू, महुआ, कैर और चिरोंजी जैसी प्रजातियां शामिल हैं।
बिल का मुख्य उद्देश्य गैर-वन भूमि पर खड़े पेड़ों की अनियंत्रित कटाई को रोकना और biodiversity संरक्षण को मजबूत करना है।
बिना मंजूरी पेड़ काटने पर ₹1 लाख तक जुर्माना
Rajasthan Assembly Monsoon Session में प्रस्तावित Trees Protection Bill में अपनी जमीन पर लगे संरक्षित पेड़ को भी अधिकृत अधिकारी की अनुमति के बिना काटने पर कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।
मंत्रिमंडल के फैसले की जानकारी के मुताबिक ऐसे उल्लंघन को संज्ञेय और जमानती अपराध बनाने का प्रस्ताव है। दोष सिद्ध होने पर अधिकतम:
- एक साल तक कारावास
- ₹1 लाख तक जुर्माना
- या दोनों
का प्रावधान हो सकता है।
अनुमति लेकर पेड़ काटे जाने की स्थिति में उसके बदले निर्धारित संख्या में नए पौधे लगाने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।
Rajasthan Assembly Monsoon Session: शीशम-बबूल को लेकर हस्तशिल्प उद्योग की चिंता
Trees Bill को लेकर राजस्थान के handicraft और furniture sector में भी चर्चा तेज है।
राजस्थान का wooden handicraft sector बड़े स्तर पर स्थानीय और दूसरे राज्यों से आने वाली लकड़ी पर निर्भर है। खासकर शीशम और बबूल की लकड़ी से furniture, decorative items और handicraft products तैयार किए जाते हैं।
उद्योग जगत के कुछ प्रतिनिधियों की चिंता है कि अगर commercial wood supply से जुड़ी अनुमति प्रक्रिया बहुत जटिल हुई तो manufacturers और exporters की लागत तथा processing time बढ़ सकता है।
राजस्थान में handicraft और export sectors बड़ी संख्या में artisans और workers को रोजगार देते हैं। हाल के दूसरे export-related संकट में भी उद्योग संगठनों ने करीब सात लाख artisans और workers की livelihood प्रभावित होने की आशंका जताई थी।
हालांकि किसी भी विशेष प्रजाति को Bill की final restricted list में किस रूप में रखा जाएगा, इसका अंतिम निष्कर्ष विधानसभा में पेश वास्तविक Bill text देखकर ही निकाला जाना चाहिए।
Rajasthan Assembly Monsoon Session में UCC Bill भी बड़ा मुद्दा
Rajasthan Assembly Monsoon Session का दूसरा सबसे चर्चित प्रस्ताव Rajasthan Uniform Civil Code Bill, 2026 है।
राज्य मंत्रिमंडल ने इसका draft भी मंजूर कर दिया है। प्रस्तावित कानून विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, maintenance और live-in relationships से जुड़े civil laws को एक framework में लाने का प्रयास करता है।
Draft से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक विवाह का registration अनिवार्य करने, पुरुष और महिलाओं के inheritance rights को एक समान framework में लाने और live-in relationships के registration से जुड़े प्रावधानों पर विचार किया गया है। अनुसूचित जनजातियों को इसके दायरे से बाहर रखने की बात भी सामने आई है।
हालांकि यहां बड़ा अपडेट यह है कि निकाय चुनाव घोषित होने के बाद UCC Bill इसी छोटे सत्र में पेश होगा या आगे के session में जाएगा, इसे लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
Rajasthan Assembly Monsoon Session ताजा रिपोर्ट में इसे नवंबर तक टाले जाने की संभावना भी जताई गई है।
इसलिए ‘3 बिल होंगे पेश’ अभी पक्का नहीं
आपकी मूल खबर में Trees Bill, UCC और एक private university Bill समेत तीन विधेयक पेश किए जाने की बात है।
लेकिन 20 अगस्त की सुबह उपलब्ध ताजा स्थिति में यह तय नहीं कहा जा सकता कि तीनों विधेयक इसी session में अनिवार्य रूप से पेश होंगे।
निकाय चुनाव के कारण सत्र छोटा होने और political calendar बदलने से बड़े विधायी प्रस्ताव आगे खिसक सकते हैं। Business Advisory Committee की बैठक के बाद ही final legislative agenda साफ होगा।
इसलिए publish करते समय wording रखें:
“तीन अहम विधेयक पेश किए जाने की तैयारी है”
या
“Trees Bill और UCC समेत अहम विधेयकों पर रहेगी नजर।”
विपक्ष किन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा?
Rajasthan Assembly Monsoon Session के हंगामेदार रहने के आसार हैं।
सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल ने अपनी रणनीति पर चर्चा की है, जबकि भाजपा विधायक दल भी सरकार के जवाब और उपलब्धियों को सदन में रखने की तैयारी में है।
विपक्ष सरकार के प्रशासनिक फैसलों, स्थानीय निकाय चुनाव, कानून-व्यवस्था, रोजगार, शिक्षा और अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेर सकता है।
सत्र की अवधि को लेकर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मतभेद सामने आए हैं। विपक्ष अधिक दिन तक सदन चलाने और विस्तृत बहस चाहता है।
वहीं सरकार अपने पिछले महीनों के फैसलों और development initiatives को सदन में प्रमुखता से रख सकती है।
निकाय चुनाव का सत्र पर सीधा असर
राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा इस Rajasthan Assembly Monsoon Session को सामान्य मानसून सत्र से अलग बना रही है।
चुनाव घोषित होने के बाद विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में संगठन और campaigning में भी सक्रिय होंगे। यही कारण है कि सरकार सत्र को सीमित रखने की दिशा में जा सकती है।
इस स्थिति में विधानसभा के सामने चुनौती होगी कि कम समय में जरूरी legislative business पूरा किया जाए और विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों पर भी चर्चा हो।
वासुदेव देवनानी की अध्यक्षता में होगा छठा सत्र
यह राजस्थान की 16वीं विधानसभा का छठा सत्र है।
विधानसभा सचिवालय ने राज्यपाल की अनुमति के बाद संविधान के अनुच्छेद 174(1) के तहत 20 अगस्त से session बुलाने की अधिसूचना जारी की थी। बैठक सुबह 11 बजे से शुरू होगी।
वासुदेव देवनानी राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष हैं और Business Advisory Committee के ex-officio chairman भी हैं। विधानसभा की आधिकारिक committee list में BAC में सत्ता और विपक्ष के कई सदस्यों को शामिल किया गया है।
Rajasthan Assembly Monsoon Session की बड़ी बातें
- 16वीं राजस्थान विधानसभा का छठा सत्र 20 अगस्त से शुरू होगा।
- सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होगी।
- पहले दिन प्रश्नकाल नहीं होगा।
- शोकाभिव्यक्ति के बाद कार्यवाही स्थगित हो सकती है।
- Business Advisory Committee आगे का agenda और अवधि तय करेगी।
- सत्र करीब 4-5 बैठकों तक सीमित रह सकता है।
- विपक्ष ज्यादा लंबा सत्र चाहता है।
- Trees Protection Bill के draft को Cabinet मंजूरी दे चुकी है।
- Bill में 29 महत्वपूर्ण वृक्ष प्रजातियों के संरक्षण का प्रस्ताव है।
- अवैध कटाई पर अधिकतम एक साल जेल या ₹1 लाख जुर्माने का प्रस्ताव है।
- UCC Bill को भी Cabinet की मंजूरी मिल चुकी है।
- निकाय चुनाव घोषित होने के बाद UCC समेत कुछ अहम Bills टल भी सकते हैं।
- अंतिम legislative agenda BAC की बैठक के बाद साफ होगा।
छोटे सत्र में बड़े मुद्दों की परीक्षा
कुल मिलाकर Rajasthan Assembly Monsoon Session इस बार अवधि में छोटा लेकिन राजनीतिक और विधायी लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।
Trees Protection Bill और UCC जैसे बड़े विधेयक पहले से चर्चा में हैं, लेकिन निकाय चुनाव की घोषणा के बाद इनके इसी session में पेश होने पर अभी पूरी स्पष्टता नहीं है। सरकार को चुनावी व्यस्तता के बीच legislative agenda संभालना होगा, जबकि विपक्ष कम अवधि के सत्र, जनहित के मुद्दों और सरकार की नीतियों को लेकर दबाव बनाने की तैयारी में है।
Rajasthan Assembly Monsoon Session में सबसे अहम नजर Business Advisory Committee पर रहेगी। उसी बैठक के बाद साफ होगा कि सदन वास्तव में कितने दिन चलेगा और Trees Bill, UCC तथा अन्य प्रस्तावित कानूनों में से कौन-से विधेयक इस session में आगे बढ़ेंगे।
राजस्थान विधानसभा की आधिकारिक कार्यवाही और Bills की जानकारी के लिए Rajasthan Legislative Assembly देखें।
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