Rajasthan CAG Report: राजस्थान के वित्तीय प्रबंधन को लेकर नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक यानी CAG की नई रिपोर्ट ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वित्त वर्ष 2024-25 के खातों पर आधारित रिपोर्ट में एक तरफ पिछली सरकार के वर्षों में की गई कई बजट घोषणाओं के अधूरे रहने की बात सामने आई है, वहीं मौजूदा भजनलाल सरकार के पहले पूर्ण वित्तीय वर्ष में supplementary budget लेने के बावजूद उसका बड़ा हिस्सा आवश्यक साबित नहीं हुआ। CAG की यह State Finances Audit Report 21 अगस्त 2026 को राजस्थान विधानसभा में रखी गई।
रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 में सरकार ने कुल ₹17,214.64 करोड़ का supplementary provision लिया था। इनमें 21 मामलों में कुल ₹8,409.73 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान ऐसा था, जहां वास्तविक खर्च मूल बजट तक भी नहीं पहुंचा। CAG ने इसे कमजोर expenditure assessment और financial management का संकेत माना है।

Rajasthan CAG Report में ₹8,409 करोड़ पर बड़ा सवाल
Rajasthan CAG Report के Budgetary Management chapter में बताया गया है कि फरवरी 2025 में राज्य विधानसभा ने 54 grants के लिए ₹17,214.64 करोड़ का supplementary provision मंजूर किया था।
लेकिन 21 मामलों में ₹8,409.73 करोड़ का अतिरिक्त बजट लेने के बावजूद संबंधित विभाग मूल बजट में उपलब्ध राशि तक खर्च नहीं कर पाए। CAG के मुताबिक इससे संकेत मिलता है कि supplementary grants मांगने से पहले वास्तविक जरूरत का सही आकलन नहीं किया गया।
इन 21 मामलों में मूल provision करीब ₹2,78,189.36 करोड़ था, जबकि वास्तविक खर्च करीब ₹2,56,598.07 करोड़ रहा। यानी original provision में ही लगभग ₹21,591.29 करोड़ खर्च हुए बिना बचा रहा, फिर भी ₹8,409.73 करोड़ का supplementary provision लिया गया था।
इसलिए इसे केवल “अतिरिक्त बजट पूरा खर्च नहीं हुआ” कहना अधूरा होगा। CAG की मुख्य आपत्ति यह है कि अतिरिक्त बजट की जरूरत ही नहीं पड़ी।
Rajasthan CAG Report: कुल बजट में ₹60,603 करोड़ की बचत
CAG के मुताबिक वित्त वर्ष 2024-25 में राज्य का कुल approved budget ₹5,23,305.80 करोड़ था, जबकि actual expenditure ₹4,62,702.16 करोड़ रहा।
इस तरह वर्ष के अंत में करीब ₹60,603.64 करोड़ की कुल savings रही, जो कुल grants और appropriations का करीब 11.58 प्रतिशत थी। CAG ने इतनी बड़ी बचत को budget estimation और expenditure management में कमजोरी का संकेत बताया है।
खास तौर पर capital voted section में करीब ₹13,532.40 करोड़ खर्च नहीं हो सके। CAG ने कहा कि इससे infrastructure development के लिए उपलब्ध राशि का पूरा उपयोग नहीं हो पाया।
13 grants में ₹8,663 करोड़ का supplementary provision भी ज्यादा
Rajasthan CAG Report में एक और महत्वपूर्ण आंकड़ा सामने आया है।
13 grants में कुल ₹8,663.31 करोड़ का supplementary provision लिया गया था। इसमें से करीब ₹2,496.10 करोड़ का provision excessive साबित हुआ।
CAG ने कहा कि इस तरह के excessive और unnecessary supplementary grants दिखाते हैं कि departments ने आवश्यकता का realistic assessment नहीं किया और budget controlling officers expenditure flow की पर्याप्त निगरानी नहीं कर सके।
Rajasthan CAG Report: गहलोत सरकार के दौर की 25 घोषणाओं पर सवाल
CAG ने 2019-20 से 2023-24 के बीच की कई बड़ी budget announcements की प्रगति भी जांची।
Appendix 2.12 में पिछली बजट घोषणाओं के implementation status से संबंधित 25 entries दर्ज हैं। इनमें जल संसाधन, पशुपालन, पर्यटन, उद्योग, राजस्व, आयुर्वेद और पेयजल परियोजनाओं से जुड़ी घोषणाएं शामिल हैं। Audit ने कहा कि कई योजनाओं और policy initiatives पर लंबे समय बाद भी सीमित या कोई प्रगति नहीं हुई।
ये घोषणाएं मुख्य रूप से अशोक गहलोत सरकार के कार्यकाल के दौरान की गई थीं।
इनमें बांधों के rehabilitation, irrigation projects, drinking water schemes, Dhola Maru Tourist Complex, Patwar Mandal भवन, Ayurveda College, Nursing College और अलग-अलग जिलों की Jal Jeevan Mission परियोजनाएं शामिल हैं।
हालांकि सभी 25 मामलों में “एक भी काम नहीं हुआ” कहना सही नहीं होगा। मसलन कुछ परियोजनाओं में DPR बनी, कुछ में work orders जारी हुए और कुछ में आंशिक physical progress दर्ज की गई। CAG की आपत्ति यह है कि घोषित समय और उद्देश्य के मुताबिक इन योजनाओं का पूर्ण implementation नहीं हुआ।
₹5,070 करोड़ की 151 योजनाओं का बजट वापस
Rajasthan CAG Report में policy initiatives को लेकर एक और बड़ा आंकड़ा सामने आया है।
2024-25 में 151 schemes के लिए ₹5,070.18 करोड़ का approved outlay रखा गया था, लेकिन revised estimates में यह पूरी राशि वापस ले ली गई।
CAG ने इसके पीछे tender cancellation, administrative sanction नहीं मिलना, financial approval की कमी, land allotment नहीं होना, केंद्र से राशि न मिलना और schemes शुरू न हो पाना जैसे कारण दर्ज किए हैं।
इसके अलावा 34 schemes के लिए ₹1,908.13 करोड़ का budget provision था, जिसे revised estimates में घटाकर ₹1,429.64 करोड़ किया गया, लेकिन इन योजनाओं में भी कोई expenditure दर्ज नहीं हुआ।
271 दिन RBI की advance facility का इस्तेमाल
राज्य की cash position को लेकर भी रिपोर्ट में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।
2024-25 में राजस्थान सरकार ने RBI की Special Ways and Means Advances सुविधा का 133 बार उपयोग किया। कुल ₹91,251 करोड़ की यह सुविधा 271 दिनों के लिए ली गई, जिस पर ₹161 करोड़ ब्याज दिया गया।
इसके अलावा Normal Ways and Means Advances के रूप में ₹31,029 करोड़ 57 बार और 101 दिनों के लिए लिया गया, जिस पर करीब ₹19 करोड़ interest देना पड़ा। कुल WMA interest करीब ₹180.01 करोड़ रहा।
इसलिए मूल खबर में ₹181 करोड़ लिखने के बजाय करीब ₹180 करोड़ लिखना CAG के audited accounts के ज्यादा करीब है।
राजस्थान की GSDP में 12.02% की बढ़ोतरी
कमजोर budget management के बीच राज्य की economy ने nominal terms में अच्छी growth भी दर्ज की।
2024-25 में राजस्थान की GSDP current prices पर ₹17,04,339 करोड़ रही, जबकि 2023-24 में यह ₹15,21,510 करोड़ थी। यानी annual growth करीब 12.02 प्रतिशत रही।
इससे पहले 2023-24 में भी nominal GSDP growth 12 प्रतिशत से ऊपर रही थी।
यानी CAG की आलोचना राज्य की आर्थिक वृद्धि को लेकर नहीं, बल्कि उपलब्ध financial resources की budgeting, allocation और utilisation की quality को लेकर ज्यादा है।
राजस्व घाटा बढ़कर ₹41,950 करोड़
Rajasthan CAG Report के मुताबिक 2024-25 में राज्य का revenue deficit ₹41,950 करोड़ रहा। यह GSDP का करीब 2.46-2.5 प्रतिशत था।
Fiscal deficit करीब ₹72,420 करोड़ दर्ज किया गया, जो GSDP का लगभग 4.25 प्रतिशत था।
2023-24 में revenue deficit ₹38,955 करोड़ था। इस लिहाज से एक साल में revenue deficit बढ़ा है।
Revenue deficit का अर्थ है कि सरकार की नियमित revenue receipts उसके रोजमर्रा और recurring revenue expenditure को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं रहीं।
Rajasthan CAG Report: उधारी और पुराने दायित्व भी चुनौती
राज्य की outstanding fiscal liabilities भी 2024-25 में बढ़ीं।
CAG के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष के अंत में कुल fiscal liabilities करीब ₹6,40,844 करोड़ थीं। GST compensation back-to-back loans को अलग करने के बाद effective liabilities करीब ₹6.32 लाख करोड़ बैठती हैं।
CAG के fiscal analysis का व्यापक संदेश यह है कि borrowings का उपयोग productive capital assets बनाने और long-term economic capacity बढ़ाने के लिए ज्यादा प्रभावी तरीके से किया जाना चाहिए।
Rajasthan CAG Report की बड़ी बातें
- CAG की State Finances Audit Report 2024-25 को 21 अगस्त 2026 को विधानसभा में रखा गया।
- कुल approved budget ₹5,23,305.80 करोड़ और actual expenditure ₹4,62,702.16 करोड़ रहा।
- कुल savings ₹60,603.64 करोड़ रही।
- 21 मामलों में ₹8,409.73 करोड़ का supplementary provision गैर-जरूरी साबित हुआ।
- इन मामलों में actual expenditure original provision तक नहीं पहुंचा।
- 13 grants में ₹8,663.31 करोड़ का supplementary provision लिया गया, जिसमें ₹2,496.10 करोड़ excessive रहा।
- पिछली सरकार के वर्षों की 25 budget announcements के implementation पर CAG ने सवाल उठाए।
- इनमें कुछ में no progress और कुछ में limited progress दर्ज की गई।
- 151 schemes का ₹5,070.18 करोड़ outlay revised estimates में पूरी तरह वापस लिया गया।
- RBI Ways and Means Advances का 271 दिनों तक इस्तेमाल हुआ।
- WMA पर करीब ₹180 करोड़ interest देना पड़ा।
- GSDP ₹17.04 लाख करोड़ रही और nominal growth 12.02% दर्ज हुई।
- Revenue deficit ₹41,950 करोड़ रहा।
Rajasthan CAG Report: CAG ने क्या सुधार सुझाया?
CAG ने वित्त विभाग को budget estimates ज्यादा realistic expenditure trends, committed liabilities और schemes की implementation readiness के आधार पर तैयार करने की सलाह दी है।
Rajasthan CAG Report, रिपोर्ट का जोर इस बात पर है कि departments supplementary grants लेने से पहले actual आवश्यकता की समीक्षा करें और साल के दौरान खर्च की नियमित monitoring हो, ताकि जरूरत से ज्यादा allocation और साल के अंत में बड़ी savings की स्थिति न बने।
कुल मिलाकर Rajasthan CAG Report राजस्थान की दोनों हालिया सरकारों के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल खड़ा करती है। गहलोत शासन के दौरान घोषित कई projects समय पर पूरे नहीं हुए, जबकि भजनलाल सरकार के 2024-25 वित्तीय वर्ष में हजारों करोड़ के supplementary provisions आवश्यकता से अधिक या गैर-जरूरी साबित हुए।
यह रिपोर्ट एक साथ दो तस्वीरें दिखाती है—राजस्थान की अर्थव्यवस्था nominal terms में 12 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ी, लेकिन budget planning, supplementary grants और sanctioned funds के utilisation में सुधार की बड़ी गुंजाइश बनी रही।
Rajasthan CAG Report, आधिकारिक रिपोर्ट यहां देखी जा सकती है: CAG Rajasthan State Finances Audit Report 2024-25। राजस्थान सरकार के budget documents के लिए Rajasthan Finance Department देखें।
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