Rajasthan Farmer Protest: राजस्थान के अनूपगढ़-घड़साना क्षेत्र में सिंचाई पानी को लेकर चल रहा किसान आंदोलन गुरुवार को और तेज हो गया। किसानों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत गांव पतरोड़ा में नेशनल हाईवे-911 पर चक्का जाम कर दिया। बस स्टैंड के पास बड़ी संख्या में किसान सड़क पर बैठ गए, जिससे हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ। किसानों का कहना है कि सिंचाई पानी के रेगुलेशन पर स्पष्ट और लिखित आदेश मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
घड़साना में खेत बचाओ किसान बचाओ समिति का आंदोलन पहले से जारी है, जबकि अनूपगढ़ में किसान मजदूर व्यापारी संघर्ष समिति एडीएम कार्यालय के बाहर धरना दे रही है। किसान सिंचाई पानी के साथ फसल नुकसान, नहर व्यवस्था और विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही जैसे मुद्दे भी उठा रहे हैं। प्रशासन की ओर से बातचीत का सिलसिला जारी है, लेकिन अभी तक सभी प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बन सकी है।
Rajasthan Farmer Protest: पतरोड़ा में NH-911 पर चक्का जाम
Rajasthan Farmer Protest के तहत गुरुवार सुबह से ही अनूपगढ़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की गतिविधियां तेज हो गईं।
पतरोड़ा गांव में किसान NH-911 पर एकत्र हुए और सड़क पर बैठकर विरोध शुरू कर दिया। इसके अलावा लूणियां में भी बस स्टैंड के पास किसानों ने चक्का जाम किया। आंदोलनकारियों का कहना है कि सिंचाई पानी की कमी किसी एक गांव की समस्या नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे इलाके की कृषि और किसानों की आजीविका पर पड़ रहा है।
इससे पहले किसानों ने 24 सितंबर को बड़े स्तर पर चक्का जाम करने की चेतावनी दी थी। आंदोलन के समर्थन में खाजूवाला, रावला, घड़साना और अनूपगढ़ की मंडियों तथा बाजारों में भी बंद देखने को मिला था।
Rajasthan Farmer Protest: सरकार ने 5 बारी पानी का दिया आश्वासन
बुधवार को सरकार की ओर से भेजे गए प्रतिनिधिमंडल और किसान नेताओं के बीच बातचीत हुई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक वार्ता में किसानों को 5 बारी सिंचाई पानी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। साथ ही बांधों में पानी की आवक और उपलब्धता की समीक्षा के बाद छठी बारी पर विचार करने की बात कही गई।
लेकिन आंदोलनकारी किसान इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हुए।
किसानों का कहना है कि जल उपलब्धता और पूर्व में लागू रेगुलेशन को देखते हुए क्षेत्र को 8 बारी पानी मिलना चाहिए। किसान नेताओं ने साफ किया है कि मौखिक आश्वासन के आधार पर धरना या महापड़ाव समाप्त नहीं किया जाएगा।
उनकी मांग है कि सिंचाई पानी को लेकर सरकार लिखित आदेश जारी करे।
Rajasthan Farmer Protest: 8 बारी पानी की मांग पर अड़े किसान
Rajasthan Farmer Protest में फिलहाल सबसे बड़ा मुद्दा पानी की बारियों की संख्या को लेकर है।
किसान नेताओं का दावा है कि मौजूदा प्रस्ताव खेती की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। इसलिए वे आठ बारियों की मांग पर कायम हैं।
इसके साथ ही लंबे समय से आंदोलन में एक दूसरी मांग अनूपगढ़ शाखा में पानी वितरण व्यवस्था को स्थायी बनाने की भी रही है। अलग-अलग चरणों में किसान चार में से दो समूहों में नहर चलाने और रबी सीजन के लिए स्थायी रेगुलेशन जारी करने की मांग उठाते रहे हैं।
किसानों का कहना है कि स्पष्ट रेगुलेशन नहीं होने के कारण हर फसल सीजन में उन्हें पानी की उपलब्धता को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है।
शाम 5 बजे जनरल चीफ से वार्ता प्रस्तावित
आंदोलन के बीच अब गुरुवार शाम होने वाली वार्ता पर नजर टिकी है।
किसान नेताओं के अनुसार सिंचाई विभाग के जनरल चीफ को जयपुर से अनूपगढ़ भेजा जा रहा है। उनके साथ शाम करीब 5 बजे अनूपगढ़ एडीएम कार्यालय में बैठक प्रस्तावित है।
किसान प्रतिनिधियों ने कहा है कि इस बैठक में आठ बारी पानी के रेगुलेशन का स्पष्ट और लिखित आदेश उनकी मुख्य मांग रहेगी।
यदि सहमति नहीं बनती है तो आंदोलन को आगे भी जारी रखने की बात कही गई है।
ADM कार्यालय के बाहर चौथे दिन धरना
अनूपगढ़ एडीएम कार्यालय के बाहर किसान मजदूर व्यापारी संघर्ष समिति का धरना गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रहा।
इससे पहले जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव और पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने घड़साना तथा अनूपगढ़ में किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी। प्रशासन ने किसानों की मांगों को राज्य सरकार और संबंधित विभागों तक भेजने तथा नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया था।
जल बंटवारे के सवाल पर प्रशासन ने कहा था कि उपलब्ध जल की स्थिति स्पष्ट होने के बाद जल परामर्शदात्री समिति की बैठक में रेगुलेशन पर फैसला किया जाएगा।
प्रदीप रस्तोगी को पद से हटाया गया
आंदोलनकारी किसान सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता प्रदीप रस्तोगी को हटाने की मांग भी लगातार उठा रहे थे।
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने देर शाम प्रदीप रस्तोगी को हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता पद से हटा दिया और उनकी जगह अरुण कुमार सिडाना को जिम्मेदारी दी गई है।
इससे पहले जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि किसी वरिष्ठ अधिकारी को हटाने या स्थानांतरित करने का फैसला राज्य सरकार के स्तर पर होना है और किसानों की मांग उच्च स्तर पर भेजी गई है।
हालांकि अधिकारी बदलने के बाद भी किसानों ने आंदोलन समाप्त नहीं किया है। उनका कहना है कि मुख्य मुद्दा सिंचाई पानी और स्थायी रेगुलेशन है।
फसल नुकसान और बीमा क्लेम भी बड़ा मुद्दा
Rajasthan Farmer Protest केवल सिंचाई पानी तक सीमित नहीं है।
किसान खरीफ की खराब हुई फसलों का सर्वे, विशेष गिरदावरी और फसल बीमा क्लेम की भी मांग कर रहे हैं। किसान संगठनों का कहना है कि पानी की कमी के कारण क्षेत्र में फसलों को नुकसान हुआ है और प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा मिलना चाहिए।
जिला प्रशासन का कहना है कि फसल बीमा सर्वे में बीमा कंपनी, राजस्व विभाग और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें नियमानुसार काम करती हैं। किसी किसान को सर्वे पर आपत्ति होने पर समीक्षा समिति के सामने अपील करने का विकल्प उपलब्ध है।
Rajasthan Farmer Protest की बड़ी बातें
- अनूपगढ़-घड़साना में सिंचाई पानी को लेकर आंदोलन तेज हुआ।
- पतरोड़ा गांव में किसानों ने NH-911 पर चक्का जाम किया।
- लूणियां सहित दूसरे ग्रामीण क्षेत्रों में भी विरोध हुआ।
- सरकार की ओर से 5 बारी पानी देने का आश्वासन दिया गया है।
- पानी की आवक बेहतर होने पर छठी बारी पर विचार की बात कही गई।
- किसान फिलहाल 8 बारी पानी की मांग पर कायम हैं।
- किसान लिखित रेगुलेशन आदेश चाहते हैं।
- गुरुवार शाम करीब 5 बजे सिंचाई विभाग के जनरल चीफ से वार्ता प्रस्तावित है।
- अनूपगढ़ एडीएम कार्यालय के बाहर धरना जारी है।
- मुख्य अभियंता प्रदीप रस्तोगी को पद से हटाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है।
- फसल नुकसान, गिरदावरी और बीमा क्लेम भी किसानों की मांगों में शामिल हैं।
अब निर्णायक वार्ता पर नजर
कुल मिलाकर Rajasthan Farmer Protest अब अनूपगढ़ और घड़साना से निकलकर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और हाईवे तक पहुंच चुका है। किसानों ने NH-911 पर चक्का जाम कर साफ कर दिया है कि वे केवल मौखिक आश्वासन पर आंदोलन खत्म करने के लिए तैयार नहीं हैं।
सरकार की तरफ से पांच बारी पानी और परिस्थितियां अनुकूल होने पर छठी बारी पर विचार का प्रस्ताव सामने आया है, जबकि किसान आठ बारी की मांग कर रहे हैं। ऐसे में गुरुवार शाम प्रस्तावित वार्ता इस आंदोलन की अगली दिशा तय करने में अहम हो सकती है।
राजस्थान सरकार और जल संसाधन विभाग से जुड़ी आधिकारिक सूचनाओं के लिए राजस्थान सरकार के संबंधित विभागीय पोर्टल देखे जा सकते हैं। राजस्थान की दूसरी खबरों के लिए The News Canvas पढ़ें।

