Rajasthan Government Schools: राजस्थान में सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर विधानसभा में सामने आए सरकारी आंकड़ों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश में 611 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जिनके पास अपना भवन नहीं है। इनमें 10 बालिका विद्यालय भी शामिल हैं। इसके अलावा 2,047 सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए शौचालय नहीं है, जबकि 1,049 स्कूलों में पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं होने की जानकारी सरकार ने दी है। ये आंकड़े UDISE 2025-26 के आधार पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के सवाल के जवाब में बताए गए।
राजधानी जयपुर भी इस समस्या से अछूती नहीं है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जयपुर में 38 स्कूल बिना अपने भवन के संचालित हो रहे हैं। वहीं बांसवाड़ा शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा के मामले में सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल है।

Rajasthan Government Schools: 611 विद्यालयों के पास अपना भवन नहीं
Rajasthan Government Schools की स्थिति पर विधानसभा में दिए गए जवाब के मुताबिक प्रदेश में कुल 611 सरकारी स्कूल भवनविहीन हैं।
इनमें 10 बालिका विद्यालय भी शामिल हैं। दो-दो भवनविहीन बालिका विद्यालय जयपुर और अलवर में हैं, जबकि बाड़मेर, चूरू, डूंगरपुर, करौली, कोटा और राजसमंद में एक-एक ऐसा बालिका विद्यालय है।
जिलेवार देखें तो भवनविहीन स्कूलों की संख्या कई क्षेत्रों में काफी अधिक है।
| जिला | भवनविहीन स्कूल |
|---|---|
| झालावाड़ | 67 |
| जोधपुर | 42 |
| जयपुर | 38 |
| बाड़मेर | 36 |
| बांसवाड़ा | 31 |
| डूंगरपुर | 31 |
झालावाड़ के कुछ ब्लॉक इस मामले में खास तौर पर प्रभावित हैं। अकेले अकलेरा ब्लॉक में 23, खानपुर में 16 और झालरापाटन में 11 स्कूलों के पास अपना भवन नहीं होने की जानकारी सामने आई है।
Rajasthan Government Schools: 2,047 स्कूलों में शौचालय की सुविधा नहीं
स्कूल भवन के अलावा विद्यार्थियों के लिए जरूरी basic facilities की स्थिति भी चिंता बढ़ाती है।
सरकार ने विधानसभा में बताया कि प्रदेश के अपने भवन वाले हजारों सरकारी स्कूलों में से 2,047 स्कूल ऐसे हैं, जहां शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
इस मामले में बांसवाड़ा सबसे अधिक प्रभावित जिलों में है।
| जिला | शौचालय विहीन स्कूल |
|---|---|
| बांसवाड़ा | 188 |
| डूंगरपुर | 124 |
| उदयपुर | 98 |
| बीकानेर | 84 |
| झालावाड़ | 81 |
बांसवाड़ा में 188 स्कूलों में toilet facility उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी गई है। डूंगरपुर में ऐसे 124 और उदयपुर में 98 विद्यालय हैं।
1,049 स्कूलों में पीने के पानी की सुविधा नहीं
Rajasthan Government Schools में पेयजल की स्थिति को लेकर भी बड़ा आंकड़ा सामने आया है।
सरकार के मुताबिक प्रदेश में 1,049 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
पेयजल विहीन विद्यालयों में दौसा सबसे ऊपर है।
| जिला | पेयजल सुविधा विहीन स्कूल |
|---|---|
| दौसा | 96 |
| उदयपुर | 70 |
| अलवर | 65 |
| करौली | 60 |
| बांसवाड़ा | 58 |
दौसा में 96 विद्यालयों में drinking water facility नहीं होने की जानकारी दी गई है। इसके बाद उदयपुर में 70, अलवर में 65, करौली में 60 और बांसवाड़ा में 58 स्कूल हैं।
Rajasthan Government Schools: बांसवाड़ा की स्थिति ने बढ़ाई चिंता
सरकारी आंकड़ों में बांसवाड़ा तीनों प्रमुख श्रेणियों में सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल दिखाई देता है।
बांसवाड़ा में:
- 31 स्कूलों के पास अपना भवन नहीं है
- 188 स्कूलों में शौचालय की सुविधा नहीं है
- 58 स्कूलों में पेयजल की सुविधा नहीं है
इसी तरह डूंगरपुर भवन और शौचालय दोनों श्रेणियों में प्रभावित जिलों में है। झालावाड़ भी बिना भवन और बिना शौचालय वाले स्कूलों की संख्या के मामले में प्रमुख जिलों में शामिल है।
इन आंकड़ों से साफ है कि समस्या केवल दूर-दराज के एक-दो विद्यालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग जिलों में infrastructure की कमी अलग रूपों में मौजूद है।
सरकार ने कहा- वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध करा रहे
विधानसभा में सरकार ने केवल कमियों के आंकड़े ही नहीं बताए, बल्कि इनके समाधान के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी भी दी।
सरकार का कहना है कि जिन विद्यालयों में नियमित पेयजल सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इसी तरह शौचालय की स्थायी सुविधा नहीं होने वाले विद्यालयों में वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराए जाने की बात कही गई है।
स्कूल भवनों की मरम्मत और निर्माण के लिए भी बड़े बजट का प्रावधान बताया गया है।
स्कूलों की मरम्मत पर ₹550 करोड़ खर्च करने की योजना
Rajasthan Government Schools की इमारतों की मरम्मत और renovation के लिए सरकार ने माध्यमिक शिक्षा के तहत ₹550 करोड़ खर्च करने की जानकारी दी है।
इसके अलावा भवनविहीन और जर्जर स्कूलों के लिए नए भवन बनाने पर ₹450 करोड़ का प्रावधान बताया गया है।
राजस्थान सरकार ने फरवरी 2026 के बजट में भी जर्जर स्कूल भवनों के निर्माण और सभी स्कूलों में toilet facilities उपलब्ध कराने को प्राथमिकता देने की घोषणा की थी।
यानी अब बड़ा सवाल यह होगा कि ये बजटीय घोषणाएं कितनी तेजी से जमीन पर उतरती हैं और भवन, पानी व शौचालय से वंचित स्कूलों की संख्या कितनी जल्दी कम होती है।
Rajasthan Government Schools: 5 साल में ₹12,500 करोड़ का खाका
स्कूल infrastructure को लेकर सरकार ने लंबी अवधि की funding strategy की जानकारी भी दी है।
विधानसभा में दिए गए जवाब के अनुसार जर्जर और जीर्ण-शीर्ण विद्यालय भवनों के:
- निर्माण
- मरम्मत
- renovation
- maintenance
Rajasthan Government Schools, के लिए अलग-अलग वित्तीय स्रोतों से हर साल लगभग ₹2,500 करोड़ उपलब्ध कराने का खाका तैयार किया गया है।
इस हिसाब से पांच वर्षों में करीब ₹12,500 करोड़ स्कूल infrastructure पर उपलब्ध कराने की योजना है।
इस रकम का प्रभाव तभी साफ होगा जब भवनविहीन और जर्जर स्कूलों के लिए district-wise projects समय पर स्वीकृत और पूरे किए जाएं।
Rajasthan Government Schools: आंकड़े UDISE 2025-26 पर आधारित
सरकार की ओर से विधानसभा में दिए गए ये आंकड़े UDISE 2025-26 और समग्र शिक्षा से उपलब्ध data पर आधारित बताए गए हैं।
UDISE यानी Unified District Information System for Education देशभर के स्कूलों की enrolment, teachers, infrastructure और दूसरी शैक्षणिक सुविधाओं से संबंधित जानकारी संकलित करने वाला education database है।
इसी data के आधार पर स्कूलों में building, toilet और drinking water जैसी सुविधाओं की स्थिति का आकलन किया जाता है।
Rajasthan Government Schools: स्कूलों की स्थिति पर बढ़ी राजनीतिक बहस
ये आंकड़े ऐसे समय सामने आए हैं जब राजस्थान में सरकारी स्कूलों के भवन और basic facilities को लेकर राजनीतिक विवाद पहले से तेज है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत विपक्ष लगातार सरकारी स्कूलों की स्थिति का मुद्दा उठा रहा है। वहीं सरकार का कहना है कि पुराने और जर्जर भवनों की मरम्मत के साथ नए school buildings के निर्माण पर बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है।
ऐसे में विधानसभा में दिए गए आधिकारिक आंकड़े आने वाले दिनों में इस बहस का महत्वपूर्ण आधार बन सकते हैं।
Rajasthan Government Schools की बड़ी बातें
- राजस्थान में 611 सरकारी स्कूलों के पास अपना भवन नहीं है।
- इनमें 10 बालिका विद्यालय भी शामिल हैं।
- जयपुर में 38 स्कूल अपने भवन के बिना संचालित हैं।
- 2,047 स्कूलों में शौचालय नहीं हैं।
- 1,049 स्कूलों में पेयजल की सुविधा नहीं है।
- बांसवाड़ा में 188 स्कूल शौचालय सुविधा से वंचित बताए गए हैं।
- दौसा में सबसे अधिक 96 स्कूलों में drinking water facility नहीं है।
- स्कूलों की मरम्मत और renovation के लिए ₹550 करोड़ की जानकारी दी गई है।
- भवनविहीन और जर्जर विद्यालयों के भवन निर्माण के लिए ₹450 करोड़ का प्रावधान है।
- हर साल करीब ₹2,500 करोड़ और पांच साल में ₹12,500 करोड़ उपलब्ध कराने का roadmap बताया गया है।
- आंकड़े UDISE 2025-26 पर आधारित हैं।
अब जमीन पर काम की होगी असली परीक्षा
कुल मिलाकर Rajasthan Government Schools के आंकड़े बताते हैं कि राजस्थान के हजारों सरकारी विद्यालयों में आज भी भवन, शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी जरूरतों पर काम किया जाना बाकी है।
सरकार ने ₹550 करोड़ से repair-renovation और ₹450 करोड़ से भवन निर्माण का प्रावधान बताया है। साथ ही पांच साल में ₹12,500 करोड़ तक उपलब्ध कराने का खाका भी सामने रखा है।
अब असली परीक्षा इन घोषणाओं और budget provisions को जमीन पर लागू करने की होगी। खास तौर पर बांसवाड़ा, डूंगरपुर, झालावाड़, दौसा और उदयपुर जैसे जिलों में infrastructure gap कम करने की गति पर नजर रहेगी।
आधिकारिक विधानसभा जानकारी के लिए Rajasthan Legislative Assembly और स्कूल डेटा के लिए UDISE Plus देखा जा सकता है।
राजस्थान से जुड़ी दूसरी खबरों के लिए The News Canvas पढ़ें।




