Rajasthan Panchayat Election 2026: राजस्थान में लंबे इंतजार के बाद गांव की सरकार चुनने का चुनावी बिगुल बज गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव चार चरणों में 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 14 नवंबर को होंगे, जबकि पंच और सरपंच के लिए 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर, 6 नवंबर और 16 नवंबर को मतदान कराया जाएगा।
चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इस बार 41 जिला परिषद, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों में चुनाव होने हैं। करीब 4.03 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे और राज्यभर में 45,384 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे।
इन चुनावों के बाद जिन पंचायती राज संस्थाओं में फिलहाल प्रशासक व्यवस्था लागू है, वहां निर्वाचित प्रतिनिधियों के कार्यभार संभालने के साथ लोकतांत्रिक व्यवस्था फिर से बहाल होगी। राजस्थान हाईकोर्ट भी लंबे समय से पंचायती राज संस्थाओं में समय पर चुनाव कराने पर जोर देता रहा है।
Rajasthan Panchayat Election 2026: किस पद के लिए कब होगी वोटिंग?
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य EVM के जरिए चुने जाएंगे, जबकि पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान ballot paper से कराया जाएगा।
| चरण | जिला परिषद/पंचायत समिति मतदान | पंच-सरपंच मतदान |
|---|---|---|
| पहला | 23 अक्टूबर | 25 अक्टूबर |
| दूसरा | 29 अक्टूबर | 31 अक्टूबर |
| तीसरा | 4 नवंबर | 6 नवंबर |
| चौथा | 14 नवंबर | 16 नवंबर |
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के वोटों की गिनती 20 नवंबर को जिला मुख्यालयों पर होगी। वहीं पंच और सरपंच के परिणाम संबंधित ग्राम पंचायत में मतदान खत्म होने के बाद उसी दिन घोषित किए जाएंगे।
पहला चरण: 23 अक्टूबर को जिला परिषद-पंचायत समिति चुनाव
पहले चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 8 अक्टूबर से चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी।
इस चरण में अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, डूंगरपुर, जयपुर, जैसलमेर, झालावाड़, जोधपुर, फलौदी, कोटा, नागौर, पाली, राजसमंद, सिरोही और उदयपुर सहित संबंधित क्षेत्रों में मतदान कार्यक्रम रहेगा।
नामांकन की अंतिम तारीख 13 अक्टूबर और नाम वापसी 15 अक्टूबर तक रहेगी। मतदान 23 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा।
इससे जुड़े ग्राम पंचायत क्षेत्रों में पंच-सरपंच पद के लिए नामांकन 24 अक्टूबर और मतदान-मगणना 25 अक्टूबर को होगी। उपसरपंच का चुनाव 26 अक्टूबर को होगा।
दूसरा चरण: 29 और 31 अक्टूबर को मतदान
दूसरे चरण के जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य चुनाव में मतदान 29 अक्टूबर को होगा।
पंच और सरपंच पदों के लिए दूसरे चरण का मतदान 31 अक्टूबर को कराया जाएगा और उसी दिन मतगणना भी होगी। उपसरपंच चुनाव 1 नवंबर को कराया जाएगा।
इस चरण की प्रक्रिया 13 अक्टूबर से शुरू होगी।
तीसरा चरण: नवंबर की शुरुआत में वोटिंग
तीसरे चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 4 नवंबर और पंच-सरपंच के लिए 6 नवंबर को मतदान होगा।
पंच-सरपंच की मतगणना मतदान खत्म होने के बाद उसी दिन होगी, जबकि उपसरपंच का चुनाव 7 नवंबर को होगा।
तीसरे चरण की चुनावी अधिसूचना 19 अक्टूबर से संबंधित क्षेत्रों में लागू होगी।
चौथा चरण: 14 और 16 नवंबर को मतदान
चौथे और अंतिम चरण में जिला परिषद-पंचायत समिति सदस्यों के लिए 14 नवंबर और पंच-सरपंच के लिए 16 नवंबर को वोट डाले जाएंगे।
पंच-सरपंच के लिए नामांकन 15 नवंबर को होगा और मतदान तथा मतगणना अगले दिन 16 नवंबर को होगी। उपसरपंच का चुनाव 17 नवंबर को होगा।
20 नवंबर को जिला परिषद-पंचायत समिति के परिणाम
चारों चरणों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान अलग-अलग तारीखों पर होगा, लेकिन सभी के वोटों की गिनती एक साथ 20 नवंबर को कराई जाएगी।
इसके बाद चुने हुए जिला परिषद सदस्य जिला प्रमुख और उप जिला प्रमुख तथा पंचायत समिति सदस्य प्रधान और उपप्रधान का चुनाव करेंगे।
| पद | चुनाव की तारीख |
|---|---|
| जिला प्रमुख | 25 नवंबर |
| उप जिला प्रमुख | 26 नवंबर |
| प्रधान | 27 नवंबर |
| उपप्रधान | 28 नवंबर |
4 जिलों में प्रमुख-प्रधान चुनाव बाद में
Rajasthan Panchayat Election 2026 के कार्यक्रम में बारां, श्रीगंगानगर, करौली और कोटा को लेकर एक अलग व्यवस्था है।
इन चार जिलों की जिला परिषद और उनसे जुड़ी 30 पंचायत समितियों के मौजूदा प्रमुख, उपप्रमुख, प्रधान और उपप्रधान का पांच साल का कार्यकाल दिसंबर 2026 तक है। इसलिए इन संस्थाओं के सदस्य पदों के चुनाव अभी होंगे, लेकिन प्रमुख-प्रधान जैसे शीर्ष पदों का चुनाव कार्यकाल पूरा होने के बाद अलग कार्यक्रम से कराया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयोग इनके लिए अलग से तारीखों का ऐलान करेगा।
41 जिला परिषद, 457 पंचायत समितियां और 14,403 ग्राम पंचायत
परिसीमन और पुनर्गठन के बाद राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं का स्वरूप भी बदला है।
राज्य में अब 41 जिला परिषद, 457 पंचायत समितियां और 14,403 ग्राम पंचायतें हैं। इनके तहत 1,403 जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र, 8,245 पंचायत समिति निर्वाचन क्षेत्र और करीब 1.30 लाख ग्राम पंचायत वार्ड हैं।
चुनाव में कुल 4,03,07,308 मतदाता वोट डाल सकेंगे। इनमें 2,08,87,351 पुरुष, 1,94,19,789 महिलाएं और 168 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
Rajasthan Panchayat Election 2026: महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण
राजस्थान की पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू रहेगा।
रिपोर्टों के मुताबिक 41 जिला प्रमुख पदों में 20 पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इसी तरह 457 प्रधान पदों में 221 और करीब आधी ग्राम पंचायतों में सरपंच पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
इस वजह से पंचायत चुनाव में एक बार फिर बड़ी संख्या में महिला जनप्रतिनिधि चुनकर आएंगी।
Rajasthan Panchayat Election 2026: दो से अधिक संतान वाले भी लड़ सकेंगे चुनाव
इस बार उम्मीदवारों के लिए एक बड़ा नियम भी बदल चुका है।
राजस्थान सरकार ने पंचायती राज चुनाव में दो से अधिक संतान होने पर चुनाव लड़ने की अयोग्यता समाप्त कर दी है। राजस्थान पंचायती राज अधिनियम की धारा 19 में इससे संबंधित बदलाव किया गया है। राज्य सरकार के विधेयक में कहा गया था कि इस प्रावधान के कारण कई लोगों को चुनाव लड़ने का अवसर नहीं मिल पाता था, इसलिए इसे हटाने का फैसला किया गया।
इसका मतलब है कि 2026 के पंचायत चुनाव में दो से अधिक संतान वाले व्यक्ति केवल इसी आधार पर अयोग्य नहीं माने जाएंगे।
Rajasthan Panchayat Election 2026: चुनाव खर्च की सीमा भी तय
राज्य निर्वाचन आयोग ने उम्मीदवारों के चुनाव खर्च की सीमा भी तय की है।
जिला परिषद सदस्य के लिए अधिकतम चुनाव खर्च 3 लाख रुपए, पंचायत समिति सदस्य के लिए 1.50 लाख रुपए और सरपंच प्रत्याशी के लिए 1 लाख रुपए तय किया गया है।
मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा।
हाईकोर्ट की 15 नवंबर वाली तारीख का क्या हुआ?
यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य समझना जरूरी है।
राजस्थान सरकार ने जुलाई 2026 में हाईकोर्ट के सामने जो प्रस्तावित timetable दिया था, उसमें पंचायत चुनाव प्रक्रिया 15 नवंबर तक पूरी करने की बात कही गई थी। उस समय पंचायत चुनाव 23 सितंबर से शुरू करने का प्रस्ताव था।
लेकिन आरक्षण लॉटरी और चुनावी तैयारियों में हुई देरी के बाद राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 3 अक्टूबर को घोषित अंतिम चुनाव कार्यक्रम अब नवंबर के आखिर तक जाता है।
चौथे चरण का पंच-सरपंच मतदान 16 नवंबर, जिला परिषद-पंचायत समिति मतगणना 20 नवंबर और प्रमुख-प्रधान चुनाव 25 से 28 नवंबर के बीच होंगे। चार जिलों के शीर्ष पदों के चुनाव तो दिसंबर में कार्यकाल पूरा होने के बाद अलग कार्यक्रम से होंगे।
इसलिए अब प्रकाशित खबर में पुराने “15 नवंबर तक पूरी प्रक्रिया” वाले schedule को अंतिम कार्यक्रम के रूप में नहीं लिखा जाना चाहिए।
Rajasthan Panchayat Election 2026: प्रशासकों से निर्वाचित प्रतिनिधियों के हाथ आएगी सत्ता
राजस्थान में कई पंचायतों और पंचायत समितियों का कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था चलाने के लिए प्रशासक नियुक्त किए गए थे।
उदाहरण के तौर पर जयपुर की 19 पंचायत समितियों में सितंबर में संबंधित SDO को प्रशासक बनाया गया था, ताकि निर्वाचित संस्थाओं का कार्यकाल खत्म होने और नए चुनाव के बीच प्रशासनिक कामकाज जारी रहे।
अब चुनाव के बाद जैसे-जैसे नए सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, प्रधान, जिला परिषद सदस्य और जिला प्रमुख कार्यभार संभालेंगे, इन संस्थाओं में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की सरकार वापस आएगी।
Rajasthan Panchayat Election 2026 इसलिए केवल चुनावी मुकाबला नहीं, बल्कि लंबे समय से कई क्षेत्रों में चली आ रही अंतरिम प्रशासक व्यवस्था से वापस निर्वाचित स्थानीय शासन की ओर बदलाव भी है।
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