Rajasthan Panchayat Election 2026: राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव की सरगर्मियों के बीच राजसमंद में कुमावत समाज की जिला महापंचायत ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। महापंचायत में समाज की राजनीतिक भागीदारी, स्थानीय चुनावों में प्रतिनिधित्व और BJP-कांग्रेस से दूरी बनाने को लेकर पांच प्रमुख प्रस्तावों पर चर्चा हुई। सबसे अहम प्रस्ताव यह रहा कि आगामी चुनावों में समाज किसी राजनीतिक दल का टिकट लेने के बजाय अपने स्तर पर निर्दलीय उम्मीदवार उतारने की रणनीति अपनाएगा।
महापंचायत में चार चौकियों के वरिष्ठ पंच-पटेल, 84 गांवों के प्रतिनिधि, समाज के वरिष्ठजन और बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। समाज के मीडिया प्रभारी नरेश कुमावत के मुताबिक प्रस्तावों पर समाज स्तर पर निर्णय लिया गया है और आगे की रणनीति सामूहिक सहमति से तय की जाएगी।
Rajasthan Panchayat Election 2026 से पहले महापंचायत
राजसमंद में आयोजित कुमावत समाज की महापंचायत ऐसे समय हुई है जब जिले में Rajasthan Panchayat Election 2026 की तैयारियां तेजी से चल रही हैं।
राजसमंद में पंचायतीराज चुनाव दो चरणों में होंगे। जिले में 29 जिला परिषद सदस्यों, 9 पंचायत समितियों के 161 वार्ड सदस्यों और कुल 280 सरपंच पदों के लिए चुनाव कराया जाना है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 22 और 28 अक्टूबर को होगा, जबकि पंच-सरपंच पदों के लिए 24 और 30 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे।
ऐसे में चुनाव से ठीक पहले हुई इस महापंचायत के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
BJP-कांग्रेस से दूरी बनाने पर मंथन
महापंचायत में BJP और कांग्रेस दोनों से राजनीतिक दूरी बनाए रखने का प्रस्ताव सामने आया।
समाज के वक्ताओं ने कहा कि भविष्य की राजनीतिक रणनीति किसी एक पार्टी के समर्थन या विरोध के आधार पर नहीं, बल्कि समाज के सम्मान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर तय की जानी चाहिए।
इसी दौरान BJP विधायक दीप्ति माहेश्वरी, BJP जिला अध्यक्ष जगदीश पालीवाल, आदित्य प्रताप सिंह और कांग्रेस से जुड़े कुछ पदाधिकारियों को लेकर भी सामाजिक स्तर पर बहिष्कार का फैसला किए जाने की बात सामने आई।
हालांकि इसे संबंधित राजनीतिक दलों के खिलाफ किसी कानूनी या चुनावी प्रतिबंध की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। यह महापंचायत में समाज के स्तर पर सामने आया राजनीतिक-सामाजिक निर्णय है।
Rajasthan Panchayat Election 2026: ‘किसी दल का टिकट नहीं लेंगे’
Rajasthan Panchayat Election 2026 को लेकर महापंचायत का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश उम्मीदवारों के चयन को लेकर सामने आया।
बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि कुमावत समाज के लोग आगामी चुनावों में BJP या कांग्रेस समेत किसी भी राजनीतिक दल से टिकट लेने के बजाय निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरने की रणनीति अपनाएं।
वक्ताओं का कहना था कि समाज को अपनी राजनीतिक ताकत और स्थानीय जनाधार के आधार पर फैसला करना चाहिए।
इस रणनीति का वास्तविक असर किन पंचायतों और सीटों पर दिखाई देगा, यह उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद स्पष्ट होगा।
समाज के पदाधिकारियों ने राजनीतिक दलों से दिए इस्तीफे
महापंचायत के दौरान BJP और कांग्रेस से जुड़े कई कुमावत समाज के पदाधिकारियों के इस्तीफे की जानकारी भी सामने आई।
इनमें BJP से जुड़े पूर्व प्रदेश प्रतिनिधि मांगीलाल कुमावत, पूर्व मीरा मंडल महामंत्री देवीलाल, बूथ अध्यक्ष नानालाल कुमावत और भाजयुमो राजसमंद नगर महामंत्री नरेश कुमावत समेत कई नाम शामिल बताए गए।
वहीं कांग्रेस से जुड़े गणेशलाल कुमावत, मोहनलाल कुमावत, राजसमंद विधानसभा क्षेत्र के यूथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनू कुमावत और मंडल अध्यक्ष भूरालाल कुमावत के इस्तीफे की बात भी महापंचायत में सामने आई।
इन व्यक्तिगत इस्तीफों की अंतिम संगठनात्मक स्थिति संबंधित BJP और कांग्रेस इकाइयों की आधिकारिक पुष्टि से स्पष्ट होगी।
Rajasthan Panchayat Election 2026: राजनीतिक प्रतिनिधित्व बना बड़ा मुद्दा
महापंचायत में केवल आगामी चुनावों की रणनीति पर चर्चा नहीं हुई, बल्कि समाज की राजनीतिक भागीदारी को लेकर भी सवाल उठाए गए।
समाज के लोगों का कहना था कि चुनावों में उनकी संख्या और राजनीतिक योगदान के अनुसार प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। इसी को लेकर स्थानीय चुनावों में समाज के उम्मीदवारों को मजबूत करने और संगठनात्मक एकता बनाने की बात कही गई।
कुमावत समाज के मीडिया प्रभारी नरेश कुमावत के मुताबिक समाज की एकता और सम्मान सबसे ऊपर रखा जाएगा और आगामी रणनीति सामूहिक निर्णय से तय होगी।
सामाजिक अनुशासन पर भी प्रस्ताव
महापंचायत में राजनीतिक फैसलों के साथ सामाजिक अनुशासन को लेकर भी चर्चा हुई।
प्रस्ताव में कहा गया कि अगर समाज किसी मुद्दे पर सामूहिक राजनीतिक निर्णय लेता है और इसके बावजूद कोई समाजजन दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ सक्रिय राजनीतिक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उस मामले पर समाज स्तर पर विचार किया जाएगा।
इस मुद्दे पर महापंचायत में मौजूद अलग-अलग लोगों ने अपनी राय रखी।
एक अन्य स्थानीय रिपोर्ट में आगामी चुनावों में समाज के सामूहिक निर्णय के बिना राजनीतिक समर्थन या प्रचार से दूरी रखने की बात भी सामने आई है।
Rajasthan Panchayat Election 2026: 84 गांवों से पहुंचे प्रतिनिधि
कुमावत समाज रूणपंछोर चौकी संस्थान में हुई महापंचायत में समाज की चारों चौकियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
इसमें रूणपंछोर चौकी संस्थान के अध्यक्ष सुंदर दोराया, महामंत्री सुंदर सिंगनवाल, कोषाध्यक्ष मोहनलाल माननिया समेत बनास, बामणिया, मदारिया और काबरी महादेव चौकी से जुड़े पदाधिकारी शामिल हुए।
इसके साथ ही 84 गांवों के पंच-पटेल, वरिष्ठ समाजजन और बड़ी संख्या में युवा कार्यक्रम में पहुंचे। कार्यक्रम का संचालन डालचंद्र कुमावत ने किया।
युवाओं ने भी दिखाई सक्रियता
Rajasthan Panchayat Election 2026 से पहले कुमावत समाज के युवाओं की सक्रियता भी महापंचायत में देखने को मिली।
युवाओं ने स्थानीय राजनीति में समाज की भागीदारी बढ़ाने, उम्मीदवार चयन में सामूहिक निर्णय लेने और राजनीतिक दलों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी ताकत के आधार पर चुनाव लड़ने की बात कही।
महापंचायत में यह संदेश दिया गया कि अलग-अलग लोगों की व्यक्तिगत राजनीतिक विचारधारा हो सकती है, लेकिन समाज से जुड़े सामूहिक मुद्दों पर एकजुटता बनाए रखने की कोशिश की जाएगी।
Rajasthan Panchayat Election 2026: राजसमंद में कब होंगे पंचायत चुनाव?
राजसमंद में चुनाव कार्यक्रम में संशोधन के बाद जिले की 280 ग्राम पंचायतों में मतदान दो चरणों में होगा।
पहले चरण में खमनोर, देलवाड़ा, आमेट, चारभुजा और कुंभलगढ़ की 133 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। यहां जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 22 अक्टूबर और पंच-सरपंच के लिए 24 अक्टूबर को होगा।
दूसरे चरण में भीम, देवगढ़, राजसमंद और रेलमगरा की 147 ग्राम पंचायतों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 28 अक्टूबर तथा पंच-सरपंच के लिए 30 अक्टूबर को वोटिंग होगी।
इस कारण महापंचायत में लिया गया राजनीतिक फैसला अब सीधे आने वाले उम्मीदवार चयन से जुड़ गया है।
Rajasthan Panchayat Election 2026 की बड़ी बातें
- राजसमंद में कुमावत समाज की जिला महापंचायत हुई।
- महापंचायत में पांच प्रमुख राजनीतिक-सामाजिक प्रस्ताव सामने आए।
- BJP और कांग्रेस से दूरी बनाने पर चर्चा हुई।
- किसी राजनीतिक दल से टिकट नहीं लेने का प्रस्ताव रखा गया।
- निर्दलीय उम्मीदवार उतारने की रणनीति पर मंथन हुआ।
- BJP और कांग्रेस से जुड़े कई समाजजनों के इस्तीफे की जानकारी सामने आई।
- 84 गांवों के पंच-पटेल और समाज के वरिष्ठजन महापंचायत में शामिल हुए।
- राजसमंद जिले में 280 सरपंचों के चुनाव होने हैं।
- पंच-सरपंच के लिए जिले में 24 और 30 अक्टूबर को मतदान होगा।
- समाज ने राजनीतिक प्रतिनिधित्व और एकजुटता को प्रमुख मुद्दा बनाया है।
Rajasthan Panchayat Election 2026: BJP-कांग्रेस के लिए बढ़ सकती है चुनौती
कुल मिलाकर Rajasthan Panchayat Election 2026 से ठीक पहले राजसमंद में कुमावत समाज की महापंचायत ने स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में नई चर्चा पैदा कर दी है।
अगर समाज निर्दलीय उम्मीदवारों को उतारने की रणनीति को चुनावी मैदान में लागू करता है तो इसका प्रभाव उन ग्राम पंचायतों और पंचायत समिति क्षेत्रों में ज्यादा दिखाई दे सकता है, जहां कुमावत समाज की संख्या निर्णायक है। हालांकि कितने उम्मीदवार निर्दलीय उतरेंगे और समाज का वोट किस हद तक एकजुट होगा, यह उम्मीदवारों के नाम और स्थानीय समीकरण सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल महापंचायत का मुख्य संदेश यही है कि समाज आगामी चुनावों में अपनी राजनीतिक भागीदारी को लेकर स्वतंत्र रणनीति बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।
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