Rajasthan Panchayat Election: राजस्थान में पंचायती राज चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले ग्रामीण राजनीति की गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार, 2 अक्टूबर को जयपुर में प्रदेशभर के पंचायती राज जनप्रतिनिधियों से संवाद किया। कार्यक्रम में गांवों के विकास, सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर चर्चा हुई।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम जयपुर के जवाहर नगर स्थित माहेश्वरी पब्लिक स्कूल के तक्षशिला ऑडिटोरियम में सुबह 11:30 बजे आयोजित हुआ। कई जिलों में जनप्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम से जुड़े।
पंचायत चुनाव से ठीक पहले हुए इस कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। हालांकि कार्यक्रम का घोषित फोकस ग्रामीण विकास और पंचायती राज प्रतिनिधियों से संवाद था।
Rajasthan Panchayat Election से पहले सरपंचों से सीधा संवाद
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम में कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और मजबूत गांव विकसित राजस्थान तथा विकसित भारत की बुनियाद हैं।
उन्होंने कहा कि गांव में किसी व्यक्ति की समस्या या सरकारी योजना तक पहुंच के लिए सरपंच सबसे महत्वपूर्ण स्थानीय प्रतिनिधियों में से एक होता है। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने पंचायतों में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया।
Rajasthan Panchayat Election: ‘आज भी लोग मुझे सरपंच साहब कहते हैं’
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अपने पुराने सरपंच कार्यकाल का जिक्र भी किया।
भजनलाल शर्मा ने कहा कि जब वे अपने गांव जाते हैं तो आज भी कई लोग उन्हें मुख्यमंत्री के बजाय “सरपंच साहब” कहकर संबोधित करते हैं। उन्होंने इसे स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण समाज के बीच लंबे समय तक बने रहने वाले संबंध का उदाहरण बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरपंच पद केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि गांव के लोगों के साथ सीधे संपर्क और उनकी रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान से जुड़ा दायित्व है।
Rajasthan Panchayat Election: नवाचार करने वाले जनप्रतिनिधियों का सम्मान
Rajasthan Panchayat Election से पहले आयोजित संवाद में अलग-अलग पंचायतों में किए जा रहे नवाचार भी सामने रखे गए।
मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत स्तर पर विकास और विशेष उपलब्धियों के लिए देवलिया की स्वरूप चौधरी, रूण्डल की मोहिनी देवी, बोराज के सुरेंद्र सिंह मीणा, आसलपुर की सरला कुमावत और साईवाड़ के राजेंद्र बुनकर समेत कई जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में अन्य सरपंचों ने भी अपने अनुभव साझा किए। इनमें बालिका शिक्षा, स्वच्छता, पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय सामुदायिक पहल और ग्रामीण सुविधाओं से जुड़े प्रयोग शामिल रहे।
झुंझुनूं क्षेत्र की एक पंचायत में बर्तन बैंक जैसे प्रयोग और आदिवासी क्षेत्र में छात्राओं की शिक्षा से जुड़ी पहल का भी कार्यक्रम में उल्लेख हुआ।
Rajasthan Panchayat Election: कांग्रेस पर ‘होटल में सरकार’ वाला हमला
ग्रामीण विकास के कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी राजनीतिक हमला किया।
उन्होंने बिना किसी नेता का नाम लिए कहा कि “होटलों में बंद रहकर सरकार चलाने वाले” आम लोगों की समस्याओं को कैसे समझ सकते हैं। यह टिप्पणी पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान हुए राजनीतिक संकटों की ओर इशारा मानी गई।
यह मुख्यमंत्री का राजनीतिक आरोप है। कांग्रेस राज्य सरकार की कार्यप्रणाली और पंचायत चुनाव से पहले सरकारी कार्यक्रमों को लेकर अलग राजनीतिक रुख रखती है।
Rajasthan Panchayat Election: रोजगार को लेकर भी सरकार का दावा
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सरकारी भर्तियों का मुद्दा भी उठाया।
2 अक्टूबर की एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार अब तक करीब 1.94 लाख युवाओं को नियुक्तियां दे चुकी है और 1.22 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
हालांकि सरकारी और मीडिया स्रोतों में संख्या को लेकर मामूली अंतर दिखाई देता है। एक दिन पहले, 1 अक्टूबर को राजस्थान CMO की आधिकारिक रिलीज में मुख्यमंत्री के हवाले से 1.89 लाख से अधिक नियुक्तियां और 1.22 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन बताई गई थीं।
इसलिए इन आंकड़ों को मुख्यमंत्री/सरकार के दावे के रूप में लिखना ज्यादा उचित है।
Rajasthan Panchayat Election: गांवों में अटल ज्ञान केंद्रों पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण युवाओं के लिए पंचायत स्तर पर अटल ज्ञान केंद्र स्थापित करने की योजना का भी उल्लेख किया।
इन केंद्रों के जरिए लाइब्रेरी, ई-लाइब्रेरी, ऑनलाइन कोचिंग और ई-मित्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतियोगी परीक्षाओं और डिजिटल सेवाओं तक युवाओं की पहुंच बेहतर होगी।
सरकार ने मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान के जरिए गांवों और वार्डों के लिए विकास रोडमैप तैयार करने की बात भी कही है।
पंचायत प्रतिनिधियों को दिया ‘अंतिम व्यक्ति’ का संदेश
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से कहा कि उनके आसपास रहने वाला कोई भी पात्र नागरिक सरकारी योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों से लगातार गांव के लोगों के बीच रहने, उनकी समस्याओं को सुनने और प्रशासन तक पहुंचाने को कहा। मुख्यमंत्री ने इसे स्थानीय लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक बताया।
उन्होंने सरपंचों और अन्य जनप्रतिनिधियों को सरकार के सेवा संकल्प अभियान से जुड़ने और योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान भी किया।
Rajasthan Panchayat Election: कार्यक्रम में कौन-कौन रहा मौजूद?
कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, पंचायती राज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, जयपुर सांसद मंजू शर्मा और कई विधायक मौजूद रहे।
इसके अलावा प्रदेशभर के निवर्तमान सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद प्रतिनिधि कार्यक्रम में प्रत्यक्ष या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।
पंचायत चुनाव से पहले ग्रामीण राजनीति तेज
Rajasthan Panchayat Election की तारीखों को लेकर राज्य में पहले से राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं।
मुख्यमंत्री पिछले कुछ दिनों में अलग-अलग जिलों में BJP कार्यकर्ताओं से भी पंचायत चुनाव की तैयारियों, बूथ प्रबंधन और ग्रामीण परिवारों से संपर्क बढ़ाने की बात कर चुके हैं। 1 अक्टूबर को फतेहपुर में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से हर बूथ और ग्रामीण परिवार तक पहुंच बढ़ाने का आह्वान किया था।
Rajasthan Panchayat Election,दूसरी ओर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर पंचायत चुनाव से पहले संभावित उम्मीदवारों से जुड़ा डेटा सरकारी मशीनरी के जरिए जुटाने का आरोप लगाया है। सरकार और BJP की ओर से ऐसे आरोपों को स्वीकार नहीं किया गया है।
ऐसे में 2 अक्टूबर का सरपंच संवाद केवल विकास कार्यक्रम तक सीमित रहने के बावजूद पंचायत चुनाव से पहले बढ़ती ग्रामीण राजनीतिक गतिविधियों की पृष्ठभूमि में हुआ।
अब नजर राज्य निर्वाचन आयोग की आगामी घोषणा पर रहेगी, जिसके बाद मतदान की तारीखें, चरण और आदर्श आचार संहिता की स्थिति औपचारिक रूप से स्पष्ट होगी।
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