Iran US Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अगर और बढ़ता है तो इसका दायरा मध्य पूर्व से बाहर यूरोप तक पहुंच सकता है। Financial Times की एक ताजा रिपोर्ट में ईरानी शासन के करीबी लोगों के हवाले से दावा किया गया है कि तेहरान के अधिकारियों और सैन्य योजनाकारों ने दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी यूरोप में मौजूद अमेरिकी या सहयोगी सैन्य संपत्तियों को संभावित जवाबी कार्रवाई के विकल्प के रूप में देखा है। इनमें बुल्गारिया और साइप्रस से जुड़ी सैन्य सुविधाओं का भी उल्लेख है।
रिपोर्ट के मुताबिक ये कोई अंतिम attack plan नहीं है। संभावित कार्रवाई का स्वरूप इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आगे ईरान के खिलाफ किस स्तर की सैन्य कार्रवाई करते हैं। अमेरिका और ईरान के बीच जून में हुआ अंतरिम समझौता पहले ही लगभग टूट चुका है और 60 दिनों में अंतिम समझौता करने का लक्ष्य भी पूरा नहीं हुआ।
Iran US Conflict: यूरोप के विकल्पों पर क्यों विचार?
Iran US Conflict में अब तक अधिकांश सैन्य टकराव Middle East, Persian Gulf और Strait of Hormuz के आसपास केंद्रित रहा है। लेकिन FT की रिपोर्ट संकेत देती है कि तेहरान अमेरिकी कार्रवाई की कीमत बढ़ाने के लिए geographic scope बढ़ाने के विकल्पों का अध्ययन कर रहा है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अगर वॉशिंगटन नई और बड़ी सैन्य कार्रवाई करता है तो ईरान जवाबी हमले को मध्य पूर्व के बाहर तक ले जाने पर विचार कर सकता है।
यहां दो बातें महत्वपूर्ण हैं—पहली, इन विकल्पों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी, किसी सैन्य लक्ष्य पर विचार करना और हमला करने का औपचारिक फैसला लेना अलग-अलग स्थितियां हैं।
बुल्गारिया का Bezmer Air Base क्यों चर्चा में?
Iran US Conflict में बुल्गारिया का नाम आने की एक ठोस वजह वहां अमेरिकी military deployment है।
Associated Press के मुताबिक जुलाई में बुल्गारियाई संसद ने Bezmer Air Base पर अधिकतम आठ अमेरिकी KC-135 aerial refuelling aircraft और लगभग 250 अमेरिकी सैन्य कर्मियों की अस्थायी तैनाती को मंजूरी दी थी। यह deployment 1 अक्टूबर 2026 तक अधिकृत है और इसका घोषित उद्देश्य Middle East operations के लिए logistical और air-refuelling support उपलब्ध कराना है।
Iran US Conflict पहले दो KC-135 विमान जुलाई के आखिर में Bezmer पहुंचे थे।
इसके बाद ईरान ने बुल्गारिया के सामने इस deployment को लेकर आपत्ति भी दर्ज कराई थी। वहीं बुल्गारिया ने कहा कि उसकी जमीन से Iran conflict से जुड़ा कोई direct military attack नहीं किया जाएगा और deployment logistical mission के लिए है।
इसी बदलते strategic role के कारण Bezmer जैसे installations ईरानी military calculations में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
Iran US Conflict: Cyprus को लेकर क्या है दावा?
FT रिपोर्ट में Cyprus का भी उल्लेख है, लेकिन यहां एक जरूरी distinction है।
Cyprus में मौजूद सबसे चर्चित military installation RAF Akrotiri ब्रिटेन का Sovereign Base Area है, अमेरिकी military base नहीं। मार्च 2026 में इस base पर Iranian-made drone ने हमला किया था। ब्रिटिश सरकार ने उस घटना की आधिकारिक पुष्टि की और कहा था कि हमला RAF Akrotiri को निशाना बनाकर किया गया था।
Reuters के अनुसार अधिकारियों का मानना था कि drone संभवतः Iran-backed Hezbollah की ओर से Lebanon से launch किया गया था। इसमें सीमित नुकसान हुआ और किसी की मौत नहीं हुई।
इसलिए “ईरान अमेरिकी Cyprus base को निशाना बना सकता है” लिखना भ्रामक होगा। बेहतर wording होगी कि FT रिपोर्ट में Cyprus स्थित military assets को संभावित escalation scenarios में शामिल किए जाने की बात कही गई है।

पहले भी Cyprus में military base पर हुआ हमला
Iran US Conflict में Cyprus पहले ही एक sensitive strategic location बन चुका है।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कार्यालय ने 3 मार्च को बताया था कि RAF Akrotiri पर हुए drone attack के बाद UK ने Cyprus और आसपास की सुरक्षा बढ़ाने के लिए counter-drone helicopters और Type 45 air-defence destroyer भेजने की योजना बनाई थी।
Iran US Conflict इसके बाद Britain, France और Greece समेत कई यूरोपीय देशों ने Eastern Mediterranean में अपने defensive military assets बढ़ाए।
हालांकि Britain बाद में यह भी स्पष्ट कर चुका है कि Akrotiri को अमेरिका की Iran-related defensive operations के लिए इस्तेमाल करने वाली उसकी अलग व्यवस्था में शामिल नहीं किया जाएगा।
Strait of Hormuz की subsea cables भी विकल्पों में
Iran US Conflict की FT रिपोर्ट का एक और बड़ा हिस्सा समुद्र के नीचे बिछी fiber-optic cables को लेकर है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Iranian military planners ने Strait of Hormuz में मौजूद subsea fibre-optic infrastructure को बाधित करने के संभावित विकल्पों का भी अध्ययन किया है।
ये submarine cables Middle East और दूसरे क्षेत्रों के international data traffic का हिस्सा संभालती हैं। इसलिए इन पर बड़ी disruption होने की स्थिति में असर केवल सैन्य communications तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि regional internet और digital connectivity भी प्रभावित हो सकती है। मई से ही विशेषज्ञ Hormuz conflict के दौरान subsea cables की vulnerability पर चेतावनी देते रहे हैं।
हालांकि अभी किसी specific cable पर attack का सार्वजनिक रूप से verified Iranian order सामने नहीं आया है।
Trump की infrastructure पर हमले की धमकी भी अहम
Iran US Conflict ईरान की संभावित प्रतिक्रिया को समझने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जुलाई वाली चेतावनी भी महत्वपूर्ण है।
22 जुलाई को Trump ने कहा था कि अगर Iran Strait of Hormuz में किसी जहाज को missile, drone या दूसरे हथियार से निशाना बनाता है तो अमेरिका जवाब में Iran के bridge या power plant पर हमला करेगा।
यही अमेरिकी threat उस पृष्ठभूमि का हिस्सा है जिसमें FT के सूत्रों ने कहा है कि Tehran आगे के escalation scenarios तैयार कर रहा है।
यानी यहां दोनों पक्षों की रणनीति deterrence और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी के इर्द-गिर्द घूम रही है।
Iran US Conflict में Hormuz सबसे बड़ा flashpoint
अमेरिका और ईरान के मौजूदा विवाद का सबसे संवेदनशील केंद्र Strait of Hormuz बना हुआ है।
ईरान के शीर्ष वार्ताकार Mohammad Baqer Qalibaf ने 18 अगस्त को कहा कि Strait तब तक बंद रहेगा जब तक अमेरिका जून में हुए interim agreement की शर्तें पूरी नहीं करता। इनमें Iranian ports पर blockade हटाना, oil sanctions समाप्त करना, frozen assets release करना और सैन्य threats खत्म करना शामिल हैं।
अमेरिका इस interpretation से सहमत नहीं है।
Trump ने 18 अगस्त को दावा किया कि Strait खुला और सुरक्षित है, जबकि Iran ने इस दावे को खारिज किया। Shipping traffic भी pre-war level की तुलना में बेहद कम बना हुआ है।
Islamabad MoU की 60 दिन की समयसीमा का क्या हुआ?
Iran US Conflict को रोकने की सबसे बड़ी diplomatic कोशिश जून का Islamabad Memorandum of Understanding था।
17 जून के दस्तावेज में अमेरिका और ईरान ने अधिकतम 60 दिनों में final deal पर पहुंचने का लक्ष्य तय किया था। इसमें hostilities रोकने, Hormuz shipping, sanctions, frozen Iranian assets और nuclear programme जैसे बड़े मुद्दे शामिल थे।
लेकिन agreement तेजी से कमजोर पड़ गया।
Reuters के मुताबिक Trump ने 7 जुलाई को pact को “over” कहा और लगभग एक सप्ताह बाद Iran के Foreign Ministry ने इसे “suspended” घोषित कर दिया। इसके बावजूद 60-day negotiation window भी बाद में बिना final agreement के खत्म हो गई।
इसलिए यह कहना कि “60 दिन बाद अचानक समझौता विफल हुआ” पूरी तस्वीर नहीं है—असल में pact इससे पहले ही गंभीर रूप से टूट चुका था।
Iran US Conflict: अभी बातचीत हो रही है या नहीं?
18 अगस्त को Trump ने कहा कि अमेरिका और Iran के बीच फिलहाल कोई talks नहीं चल रही हैं और कोई बातचीत scheduled भी नहीं है।
Iran की ओर से भी permanent settlement के लिए अमेरिकी policies में बदलाव की मांग की जा रही है।
इस बीच एक senior Iranian official ने Reuters से कहा कि stalled diplomacy के कारण Iran अब “fully offensive” posture की तरफ बढ़ेगा।
यह बयान FT की Europe-related रिपोर्ट को और महत्वपूर्ण बनाता है, लेकिन “fully offensive” का मतलब अपने-आप European attack का फैसला नहीं है।
Iran US Conflict: यूरोप पर हमला कितना आसान होगा?
Iran US Conflict का यूरोप तक फैलना सैन्य रूप से भी आसान scenario नहीं होगा।
FT के मुताबिक विशेषज्ञों का मानना है कि Iran ने अपनी strike capabilities में सुधार किया है, लेकिन बहुत लंबी दूरी के targets पर reliability और accuracy को लेकर अभी सवाल हैं। इसी कारण Tehran direct missile strikes के अलावा proxies या दूसरे asymmetric options पर भी निर्भर कर सकता है।
दक्षिण-पूर्वी यूरोप पर किसी Iranian attack की स्थिति NATO security implications भी पैदा कर सकती हैं, इसलिए ऐसी कार्रवाई का geopolitical cost बेहद बड़ा होगा।
फिलहाल ऐसा कोई हमला घोषित या confirmed नहीं है।
Iran US Conflict की बड़ी बातें
- FT के मुताबिक Iran ने escalation की स्थिति में Europe में military targets के विकल्पों का अध्ययन किया है।
- Bulgaria और Cyprus का नाम रिपोर्ट में सामने आया है।
- यह final Iranian attack order नहीं, बल्कि reported contingency planning है।
- Bulgaria के Bezmer Air Base पर अधिकतम 8 अमेरिकी KC-135 tankers और 250 personnel की अनुमति दी गई है।
- Bulgaria ने कहा है कि उसके क्षेत्र से Iran के खिलाफ direct attack नहीं होगा।
- Cyprus का RAF Akrotiri ब्रिटिश base है, अमेरिकी base नहीं।
- Akrotiri पर मार्च में Iranian-made drone ने हमला किया था।
- FT के मुताबिक Iran ने Hormuz की subsea fibre cables को बाधित करने के options भी examine किए हैं।
- Trump ने जुलाई में Iranian ship attacks के जवाब में bridges और power plants पर strikes की चेतावनी दी थी।
- 17 जून के Islamabad MoU में final deal के लिए अधिकतम 60 दिन तय किए गए थे।
- pact जुलाई में ही unravel हो गया था और final agreement नहीं बन पाया।
- 18 अगस्त तक Trump ने कहा कि Iran के साथ कोई talks scheduled नहीं हैं।
क्या Middle East से Europe तक फैल सकता है युद्ध?
कुल मिलाकर Iran US Conflict में Financial Times की ताजा रिपोर्ट एक नए और गंभीर risk की ओर इशारा करती है। Tehran से जुड़े insiders के अनुसार अगर Trump administration नई बड़ी military escalation करती है तो Iran जवाबी कार्रवाई के लिए Europe में अमेरिकी या allied military assets समेत कई विकल्पों पर विचार कर रहा है।
लेकिन फिलहाल इसे संभावित military planning के रूप में ही देखना चाहिए। Iran ने Bulgaria या Cyprus पर attack करने का कोई सार्वजनिक आदेश जारी नहीं किया है।
सबसे immediate flashpoint अभी भी Strait of Hormuz है, जहां अमेरिका और Iran दोनों control को लेकर विरोधाभासी दावे कर रहे हैं और commercial shipping बाधित है। इसी क्षेत्र में आगे कोई बड़ा military incident व्यापक escalation का कारण बन सकता है।
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