Smit Machchhar: फ्लायदुबई की फ्लाइट FZ1073 में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी अब राजनीतिक मुद्दा भी बन गई है। BJP के कई नेताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की ओर से कैप्टन मच्छार को लेकर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आने का आरोप लगाते हुए सवाल उठाए हैं।
BJP प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश-दुनिया के कई लोग कैप्टन मच्छार के साहस की प्रशंसा कर रहे हैं, तब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की कथित चुप्पी सवाल खड़े करती है। इसी तरह प्रदीप भंडारी और केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने भी राहुल गांधी तथा गांधी परिवार पर निशाना साधा है। यह BJP नेताओं की राजनीतिक आलोचना है; केवल किसी नेता की ओर से सार्वजनिक पोस्ट न करने के आधार पर उनकी मंशा के बारे में निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
Smit Machchhar पर राहुल गांधी की ‘चुप्पी’ को लेकर क्या बोली BJP?
गौरव भाटिया ने सवाल किया कि जब कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी पर पूरा देश गर्व कर रहा है, तब राहुल गांधी उनके सम्मान में कोई बयान या सोशल मीडिया पोस्ट क्यों नहीं कर सकते।
उन्होंने सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा का भी नाम लेते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व ने इस घटना पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया नहीं दी। भाटिया ने इसे कांग्रेस की कथित तुष्टीकरण की राजनीति से जोड़ने की कोशिश की।
इसी तरह BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि राहुल गांधी विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर नियमित रूप से सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हैं, लेकिन कैप्टन मच्छार या उनके परिवार के लिए कोई संदेश नहीं दिया।
भंडारी ने इस कथित चुप्पी को “vote-bank politics” से जोड़ते हुए कांग्रेस पर हमला किया। यह BJP नेता का आरोप है, कोई स्थापित तथ्य नहीं।
Smit Machchhar: किशन रेड्डी ने भी गांधी परिवार को घेरा
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने भी राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि दुनियाभर में कैप्टन मच्छार की बहादुरी की चर्चा हो रही है, लेकिन कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने उनकी वीरता की सार्वजनिक रूप से सराहना नहीं की।
रेड्डी ने कहा कि राहुल गांधी कई दूसरे मुद्दों पर सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं, इसलिए कैप्टन मच्छार के मामले में उनकी कथित चुप्पी पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
हालांकि किसी नेता की सोशल मीडिया activity या उसके अभाव को सीधे किसी खास राजनीतिक या धार्मिक मंशा से जोड़ना राजनीतिक व्याख्या है।
Smit Machchhar: पीएम मोदी ने वीडियो कॉल पर की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर को अस्पताल में इलाज करा रहे कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर बातचीत की।
प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक मोदी ने कैप्टन के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनकी बहादुरी, धैर्य तथा संकट के दौरान तेजी से लिए गए फैसलों की प्रशंसा की।
मोदी ने कहा कि गंभीर चोटों के बावजूद स्मित ने अपनी सुरक्षा से पहले यात्रियों की जान बचाने को प्राथमिकता दी।
बातचीत के दौरान स्मित ने प्रधानमंत्री को बताया कि गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी उन्हें विमान में मौजूद लोगों को बचाने की चिंता थी। उन्होंने संकट के दौरान हनुमान चालीसा पढ़ने का भी जिक्र किया।
Smit Machchhar: नेतन्याहू ने बताया ‘हीरो’
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रशंसा की है।
उन्होंने कैप्टन से वीडियो कॉल पर बातचीत करते हुए उन्हें इजरायल, भारत और दुनिया का हीरो बताया। बाद में नेतन्याहू ने स्मित और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल के Independence Day समारोह में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत अन्य नेताओं की ओर से भी उनकी बहादुरी की प्रशंसा किए जाने की रिपोर्ट सामने आई है।
Smit Machchhar: Flydubai FZ1073 में क्या हुआ था?
30 सितंबर को Flydubai की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी।
Reuters के मुताबिक उड़ान के दौरान co-pilot ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया। इस दौरान विमान करीब 14 हजार फीट बेहद तेजी से नीचे आया।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित cockpit door खोलने में सफल रहे, जिससे बाहर मौजूद passengers और crew अंदर पहुंच सके और हमलावर को controls से दूर करने में मदद मिली।
विमान में मौजूद दूसरे trained pilots ने इसके बाद कमान संभाली और flight को Saudi Arabia के Tabuk में सुरक्षित उतारा।
विमान में 174 यात्री सवार थे और सभी सुरक्षित रहे।
Smit Machchhar: हमले का मकसद अभी जांच में
Smit Machchhar से जुड़ी राजनीतिक बयानबाजी के बीच एक अहम तथ्य यह भी है कि cockpit attack का मकसद अभी जांच के अधीन है।
इजरायली अधिकारियों और प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने co-pilot के radicalisation और विमान crash करने के इरादे से जुड़े दावे किए हैं। हालांकि UAE ने औपचारिक जांच शुरू की है और अभी अंतिम रूप से यह स्थापित नहीं हुआ है कि घटना किसी संगठित terrorist organisation से जुड़ी थी या हमलावर ने अकेले काम किया।
इसलिए BJP नेताओं की ओर से इसे terrorism और Congress की कथित “soft approach” से जोड़ना राजनीतिक आरोप के रूप में ही लिखा जाना चाहिए।
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