Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों की ओर से पुलिसकर्मियों पर कथित बदसलूकी और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को घेरते हुए सवाल किया कि गृह मंत्री कहां हैं और क्या वह “भूमिगत” हो गए हैं।
राउत ने साथ ही चुनाव आयोग और हाल के चुनावों की निष्पक्षता पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार और मौजूदा CEC ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में हुए चुनावों को रद्द कर लोकसभा और विधानसभा चुनाव दोबारा कराने की मांग की। ये संजय राउत के राजनीतिक आरोप और मांग हैं; चुनावों में कथित हेरफेर को लेकर ऐसा कोई अंतिम न्यायिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
Jantar Mantar Protest: महिला पत्रकारों ने क्या आरोप लगाए?
3 अक्टूबर को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहा था। प्रदर्शन को कवर कर रहीं तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर sexual harassment और अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए।
एक पत्रकार ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने महिला प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के दौरान महिला पुलिसकर्मियों की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाया तो एक पुलिस अधिकारी ने उनके साथ अनुचित शारीरिक व्यवहार किया और उन्हें पीछे धकेला।
अन्य महिला पत्रकारों ने भी पुलिसकर्मियों के व्यवहार को लेकर अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई हैं। ये शिकायतकर्ताओं के आरोप हैं और अभी जांच में उनकी सत्यता तय होनी है।
Crime Branch करेगी शिकायतों की जांच
दिल्ली पुलिस ने पुष्टि की है कि तीन महिला पत्रकारों की शिकायतें New Delhi district police को मिली हैं।
इसके बाद शिकायतों को Crime Branch को “fair and impartial enquiry” के लिए ट्रांसफर किया गया है। Crime Branch संबंधित पत्रकारों, पुलिस अधिकारियों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज कर सकती है।
इसलिए इस चरण पर किसी पुलिस अधिकारी को दोषी बताना उचित नहीं होगा। मामले में जांच के निष्कर्ष का इंतजार जरूरी है।
‘अमित शाह कहां हैं, क्या भूमिगत हो गए?’
इसी घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा।
राउत ने कहा कि दिल्ली केंद्र शासित क्षेत्र है और दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है। उन्होंने सवाल किया कि इतनी गंभीर शिकायत सामने आने के बाद गृह मंत्री कहां हैं।
राउत ने कहा, “Where is the Home Minister? Has he gone underground?” उन्होंने आरोप लगाया कि महिला पत्रकार के साथ पुलिस ने अपमानजनक व्यवहार किया और सरकार को इस मामले पर जवाब देना चाहिए।
राउत का यह बयान राजनीतिक प्रतिक्रिया है। पुलिस की ओर से शिकायतों को Crime Branch को भेजे जाने की पुष्टि की गई है।
Jantar Mantar Protest: राहुल गांधी ने भी अमित शाह से मांगा जवाब
इस मामले में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी अमित शाह से जवाब मांगा है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर कहा कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है, इसलिए महिला पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित व्यवहार को लेकर गृह मंत्री को जवाब देना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर पत्रकारों को घसीटा गया, कैमरे छीने गए और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार हुआ।
ये आरोप भी जांच और उपलब्ध वीडियो/अन्य साक्ष्यों के परीक्षण के अधीन हैं।
Jantar Mantar Protest: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ क्यों हो रहा प्रदर्शन?
Jantar Mantar Protest की पृष्ठभूमि Election Commission के Special Intensive Revision यानी SIR से जुड़ी है।
प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे हैं कि voter-roll revision के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किए गए और इस प्रक्रिया में राजनीतिक पक्षपात हुआ।
3 अक्टूबर को दूसरे दिन भी प्रदर्शन के दौरान करीब 100 प्रदर्शनकारियों ने barricades हटाए और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। Kapil Sibal, AISA अध्यक्ष Neha Bora, Prashant Bhushan और Yogendra Yadav जैसे नाम भी प्रदर्शन में शामिल रहे।
Reuters के मुताबिक Election Commission का कहना है कि voter-verification exercise का उद्देश्य duplicate, deceased और अन्य ineligible entries को हटाना है। आयोग ने अधिकारियों को eligible नए voters और गलत तरीके से छूटे मतदाताओं को सूची में जोड़ने के निर्देश भी दिए हैं।
Jantar Mantar Protest: संजय राउत ने उठाई दोबारा चुनाव की मांग
संजय राउत ने चुनाव आयोग को लेकर अपनी आलोचना और आगे बढ़ाते हुए पूर्व CEC राजीव कुमार और वर्तमान CEC ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में हुए चुनावों पर सवाल उठाए।
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