भाई की कलाई का प्यार, धरती का श्रृंगार | Jaipur की Eco-Friendly Gomay Rakhi | TNC
जयपुर के आसलपुर स्थित धेनु कृपा गोमय केंद्र में देसी गाय के गोबर, प्राकृतिक रंगों तथा तुलसी, अश्वगंधा और कालमेघ जैसे औषधीय बीजों से खास ईको-फ्रेंडली राखियां तैयार की जा रही हैं। रक्षाबंधन के बाद इन राखियों को मिट्टी में डालने पर पौधा उगने की संभावना है। यह गोमय रक्षा-सूत्र भाई-बहन के प्रेम के साथ गौ-संरक्षण, प्रकृति संरक्षण और ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश देता है। इस पहल से गांव की महिलाओं को सम्मानजनक रोजगार और आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिल रहा है। देखिए आसलपुर से The News Canvas की विशेष रिपोर्ट।
