Jaipur: दक्षिणवर्ती सूंड का गुप्त रहस्य! जानिए क्यों खास हैं 'नहर के गणेश जी'| Rajasthan News | TNC
जयपुर के प्रसिद्ध **नहर के गणेश जी मंदिर** का इतिहास आस्था, तंत्र साधना और अनोखी परंपराओं से जुड़ा है। लगभग पांच पीढ़ी पुराने इस मंदिर में भगवान गणेश की दुर्लभ **दक्षिणवर्ती सूंड वाली प्रतिमा** विराजमान है, जिसे विशेष तांत्रिक विधि से निर्मित माना जाता है। गणेश जन्मोत्सव पर यहां तीन दिवसीय उत्सव होता है, जिसमें सिंजारा, प्रसादी मेहंदी, मोदक झांकी, 56 भोग और राजशाही श्रृंगार प्रमुख आकर्षण रहते हैं। मान्यता है कि यहां श्रद्धा से अर्जी लगाने पर मांगलिक बाधाएं दूर होती हैं और भक्तों को गणपति बप्पा का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
