Jaipur : ममता सपेरा: खड़ताल और मोरचंग की धुन से रूढ़ियों को तोड़ती राजस्थान की युवा बेटी | TNC |
राजस्थान के पारंपरिक लोक संगीत में पुरुषों के वर्चस्व को तोड़कर ममता सपेरा ने एक नई मिसाल पेश की है। महज 22 साल की उम्र में रूढ़िवादी सोच, समाज और मां के विरोध का सामना करते हुए, उन्होंने अपने पिता के सहयोग से खड़ताल, मोरचंग, भपंग और ढोलक जैसे वाद्य यंत्रों पर महारत हासिल की। देश के बड़े मंचों पर अपनी कला का जादू बिखेरने के बाद अब उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करना है। अपनी संगीत साधना के साथ-साथ ममता अन्य जरूरतमंद बच्चियों की पढ़ाई और हुनर को निखारने में भी आर्थिक मदद कर रही हैं।
