प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट पेपर लीक मामले में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया; किरेन रिजिजू बोले—13 आरोपी गिरफ्तार, विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए कराई गई पुनर्परीक्षा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET Paper Leak मामले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा देते हुए कहा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मामले में जिम्मेदार लोगों को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी की जानकारी केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार, 21 जुलाई को संसद भवन में हुई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी NDA के संसदीय दल की बैठक के बाद दी।
किरण रिजिजू ने संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री ने बैठक में नीट परीक्षा से जुड़ी कथित गड़बड़ियों, सरकार की कार्रवाई और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर विस्तार से चर्चा की।
खबर मिलते ही की गई कार्रवाई
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री के अनुसार प्रधानमंत्री ने कहा कि NEET Paper Leak की सूचना सामने आते ही केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी थी। जांच एजेंसियों ने मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ किसी प्रकार की नरमी नहीं दिखाई जाएगी। दोषियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाना और विद्यार्थियों का भरोसा बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
नीट यूजी-2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 13 आरोपियों की न्यायिक हिरासत अदालत ने 24 जुलाई तक बढ़ाई थी। मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा की जा रही है।
विद्यार्थियों के भविष्य को दी प्राथमिकता
रिजिजू ने बताया कि सरकार के सामने सबसे बड़ी चिंता परीक्षा में शामिल लाखों विद्यार्थियों का भविष्य था। इसी को ध्यान में रखते हुए दोबारा परीक्षा कराने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी गई।
पुनर्परीक्षा आयोजित करने के बाद परिणाम भी बिना अनावश्यक देरी के घोषित किए गए। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार नीट यूजी-2026 का स्कोर कार्ड 16 जुलाई 2026 को जारी किया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक की घटना के कारण ईमानदारी से तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को नुकसान नहीं होना चाहिए। सरकार का प्रयास रहा कि परीक्षा प्रक्रिया को जल्द पूरा कर मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की आगामी प्रक्रिया प्रभावित न हो।
राज्यों और राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि NEET Paper Leak और अन्य परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों को रोकना केवल केंद्र सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। पेपर लीक के खिलाफ प्रभावी लड़ाई के लिए राज्य सरकारों, जांच एजेंसियों और सभी राजनीतिक दलों को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रधानमंत्री के अनुसार राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन विद्यार्थियों के भविष्य और परीक्षाओं की विश्वसनीयता से जुड़े मुद्दों पर सभी पक्षों को एकजुट होना चाहिए।
केंद्र सरकार भविष्य में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में तकनीकी और प्रशासनिक बदलावों पर भी काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया, जिसमें प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने और परीक्षा आयोजित करने की पूरी प्रक्रिया में किसी तरह की कमी की गुंजाइश न रहे।
संसद के मानसून सत्र पर भी हुई चर्चा
NDA संसदीय दल की बैठक में संसद के मानसून सत्र को लेकर भी चर्चा की गई। किरेन रिजिजू ने कहा कि गठबंधन के सभी घटक दल सत्र के दौरान सकारात्मक और जिम्मेदार भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि देशहित से जुड़े विधेयकों और अन्य विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए NDA के सभी दल एकजुट हैं। विपक्षी दलों से भी संसद की कार्यवाही में सहयोग करने और जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने की अपील की गई।
मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष ने नीट पेपर लीक सहित कई मुद्दों को लेकर दोनों सदनों में विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित हुई।
निष्पक्ष जांच और सख्त सजा का भरोसा
प्रधानमंत्री का बयान ऐसे समय सामने आया है, जब NEET Paper Leak को लेकर विद्यार्थियों, अभिभावकों और विपक्षी दलों की ओर से निष्पक्ष जांच तथा जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है।
सरकार का कहना है कि जांच एजेंसियां मामले की सभी कड़ियों की पड़ताल कर रही हैं। पेपर लीक में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने दोषियों को सख्त सजा देने के साथ-साथ भविष्य के लिए ऐसी सुरक्षित परीक्षा व्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया है, जिससे विद्यार्थियों का विश्वास कायम रहे और किसी को उनकी मेहनत तथा भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का अवसर न मिले।




