राजस्थान के पैरा निशानेबाज ने 10 मीटर एयर पिस्टल स्टैंडर्ड SH1 स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड के साथ हासिल किया स्वर्ण पदक
जयपुर। राजस्थान के पैरा निशानेबाज राहुल शर्मा ने सर्बिया के नोवी साद में आयोजित World Shooting Para Sport World Cup 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार राहुल ने 10 मीटर एयर पिस्टल स्टैंडर्ड SH1 स्पर्धा में नया विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए पहला स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से राजस्थान के साथ पूरे देश में खुशी का माहौल है।
राहुल शर्मा की सफलता को भारतीय पैरा खेलों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर दबाव के बीच सटीक निशानेबाजी करते हुए भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। उनका प्रदर्शन यह दिखाता है कि बेहतर प्रशिक्षण, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के दम पर भारतीय पैरा खिलाड़ी दुनिया के शीर्ष निशानेबाजों को चुनौती दे रहे हैं।
विश्व रिकॉर्ड के साथ जीता स्वर्ण
रिपोर्टों के मुताबिक राहुल शर्मा ने 10 मीटर एयर पिस्टल स्टैंडर्ड SH1 स्पर्धा में स्वर्ण जीतने के साथ विश्व रिकॉर्ड भी बनाया। हालांकि विश्व शूटिंग पैरा स्पोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रतियोगिता की विस्तृत परिणाम पुस्तिका जांच के समय प्रकाशित नहीं हुई थी, इसलिए उनके अंतिम स्कोर की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।
विश्व शूटिंग पैरा स्पोर्ट के कार्यक्रम में इस स्पर्धा को P5—Mixed 10m Air Pistol Standard SH1 के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। यह स्पर्धा 10 मीटर रेंज पर आयोजित की जाती है और इसमें SH1 वर्ग के पुरुष तथा महिला निशानेबाज भाग ले सकते हैं।
राजस्थान के लिए गौरव का क्षण
Rahul Sharma Gold Medal राजस्थान के खेल जगत के लिए गर्व का विषय है। राष्ट्रीय पैरा शूटिंग चयन ट्रायल के आधिकारिक परिणामों में राहुल शर्मा को राजस्थान के खिलाड़ी के रूप में दर्ज किया गया था। इसके बाद उन्हें भारतीय दल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला।
राहुल की उपलब्धि ने राज्य के उन युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरित किया है, जो शारीरिक चुनौतियों के बावजूद निशानेबाजी या दूसरे खेलों में करियर बनाने का सपना देख रहे हैं। उनकी जीत यह संदेश देती है कि संसाधनों की कमी या शारीरिक बाधाएं मजबूत इच्छाशक्ति और लगातार मेहनत के सामने सफलता का रास्ता नहीं रोक सकतीं।
51 देशों के खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
नोवी साद में आयोजित यह प्रतियोगिता सर्बिया की मेजबानी में होने वाला पहला विश्व शूटिंग पैरा स्पोर्ट वर्ल्ड कप है। प्रतियोगिता 24 से 29 जुलाई तक आयोजित की जा रही है, जिसमें 51 देशों के 291 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें 52 पैरालंपिक पदक विजेता भी शामिल हैं।
यह वर्ल्ड कप सितंबर में दक्षिण कोरिया के चांगवोन में होने वाली विश्व शूटिंग पैरा स्पोर्ट चैंपियनशिप से पहले महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता है। खिलाड़ी यहां 2026 और 2027 विश्व चैंपियनशिप के लिए न्यूनतम क्वालिफिकेशन स्कोर भी हासिल कर सकते हैं।
भारत का नौ सदस्यीय दल
भारत ने नोवी साद वर्ल्ड कप के लिए नौ सदस्यीय दल उतारा है। भारतीय टीम में पैरालंपिक चैंपियन मनीष नरवाल और पदक विजेता मोना अग्रवाल जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी शामिल हैं। ऐसे मजबूत मुकाबले के बीच राहुल शर्मा का स्वर्ण पदक भारतीय पैरा शूटिंग की बढ़ती ताकत का संकेत है।
हाल के वर्षों में भारतीय पैरा निशानेबाजों ने पैरालंपिक, विश्व चैंपियनशिप और वर्ल्ड कप स्तर पर लगातार पदक जीते हैं। राहुल की जीत इस सफल अभियान को आगे बढ़ाती है और आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भारत की उम्मीदों को मजबूत करती है।
लाखों खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा
राहुल शर्मा की सफलता केवल एक पदक तक सीमित नहीं है। यह उन लाखों दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद खेलों में आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं।
उनके साहस, अनुशासन, कठिन परिश्रम और अटूट संकल्प ने साबित किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा फहराकर राहुल ने राजस्थान और भारत दोनों का गौरव बढ़ाया है।
अब भारतीय खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि राहुल आगामी विश्व चैंपियनशिप और दूसरी बड़ी प्रतियोगिताओं में भी इसी लय को बरकरार रखते हुए देश के लिए और पदक जीतेंगे।




