CBN की Madhya Pradesh Unit ने गया और मसौढ़ी में कार्रवाई कर 21,373 अवैध Buprenorphine Ampoules समेत बड़ी मात्रा में नकली दवाएं जब्त कीं। 22 जुलाई को कथित सरगना की गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क के गोदामों और Manufacturing Unit तक एजेंसियां पहुंचीं।
नई दिल्ली/पटना। Central Bureau of Narcotics यानी CBN ने Operation Vajra के तहत बिहार में चल रहे कथित अंतरराज्यीय नकली और अवैध दवा नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई में गया के अलग-अलग इलाकों में आठ अपंजीकृत गोदामों और पटना जिले के मसौढ़ी के पास एक कथित अवैध Manufacturing Unit का पता लगाया गया। जांच एजेंसी ने इस नेटवर्क के कथित मुख्य आरोपी को 22 जुलाई 2026 को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है।
CBN के अनुसार इन परिसरों का इस्तेमाल Narcotic Drugs, अनधिकृत रूप से बनाई गई दवाओं और नकली Pharmaceutical Products के निर्माण तथा भंडारण के लिए किया जा रहा था। कार्रवाई CBN की Madhya Pradesh Unit के नीमच स्थित Preventive Section ने स्थानीय पुलिस, बिहार के State Drug Administration और Food Department के सहयोग से की।
आठ गोदामों से क्या-क्या मिला?
कथित मुख्य आरोपी से पूछताछ के बाद CBN ने गया के खानजहांपुर क्षेत्र में दो अपंजीकृत गोदामों की तलाशी ली। यहां से 21,373 Buprenorphine Injection Ampoules बरामद किए गए, जिन्हें एजेंसी ने अनधिकृत रूप से निर्मित बताया है।
इन गोदामों से गैर-NDPS श्रेणी की बड़ी मात्रा में कथित नकली और मिलावटी दवाएं भी मिलीं। इनमें लोकप्रिय Brands या उनके नाम से मिलते-जुलते Labels वाले उत्पाद शामिल थे:
- Clavam-625
- PAN-40
- Betadine Ointment
- Azithral
- अन्य Tablets, Injections, Syrups और Pharmaceutical Preparations
अधिकारियों ने अभी सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया है कि असली Manufacturers के नाम और Packaging की कितनी सटीक नकल की गई थी। जब्त नमूनों की गुणवत्ता और Chemical Composition की पुष्टि Laboratory Testing तथा State Drug Administration की जांच के बाद होगी।
छह और गोदामों तक पहुंची टीम
दो शुरुआती गोदामों की तलाशी के बाद स्थानीय पुलिस की सहायता से गया शहर के विभिन्न हिस्सों में छह और अपंजीकृत तथा अनधिकृत गोदामों की पहचान हुई। इस तरह मौजूदा Follow-up Operation में पकड़े गए गोदामों की कुल संख्या आठ हो गई।
इन छह परिसरों से बड़ी मात्रा में गैर-NDPS श्रेणी की कथित नकली और बिना अधिकार भंडारित दवाएं बरामद हुईं। जब्त माल और सील किए गए परिसरों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए Bihar State Drug Administration को सौंप दिया गया।
करीब 4.40 लाख Tablets और Capsules जब्त
CBN से मिली जानकारी पर कार्रवाई करते हुए बिहार के औषधि विभाग ने अवैध गोदामों से निम्न Pharmaceutical Products जब्त किए:
| दवा का प्रकार | जब्त मात्रा |
|---|---|
| Tablets और Capsules | 4,39,774 |
| Injections, Vials और Ampoules | 1,895 |
| Syrups और Bottles | 3,811 |
| Lotions, Tubes, Drops एवं अन्य उत्पाद | 3,490 |
ये आंकड़े 21,373 Buprenorphine Ampoules की CBN द्वारा की गई अलग बरामदगी के अतिरिक्त बताए गए हैं। विभिन्न दवाओं की इकाइयां अलग-अलग होने के कारण उन्हें जोड़कर एक संयुक्त संख्या बताना भ्रामक हो सकता है।
मसौढ़ी के Farmhouse में अवैध Manufacturing Unit
पूछताछ के दौरान संदिग्धों ने कथित रूप से बताया कि पहले गिरफ्तार किया गया उनका एक सहयोगी पटना जिले के मसौढ़ी के पास एक Farmhouse से अवैध दवा Manufacturing Unit चला रहा था।
इस सूचना के आधार पर CBN, स्थानीय पुलिस, State Drug Administration और Food Department की संयुक्त टीम ने Farmhouse की तलाशी ली। वहां से दवा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली Machinery, उपकरण, Chemicals और Artificial Flavouring Agents बरामद किए गए।
एजेंसी का आरोप है कि इस जगह पर Buprenorphine और अन्य Narcotic Drugs को गैरकानूनी तरीके से बनाने की तैयारी या उत्पादन किया जा रहा था। Unit को बंद कर Machinery और संबंधित सामान NDPS Act, 1985 के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया।
अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि Unit कितने समय से काम कर रही थी, उसकी उत्पादन क्षमता कितनी थी और वहां तैयार सामग्री किन राज्यों में भेजी जाती थी। इन पहलुओं की जांच जारी है।
16 से 27 जुलाई तक चला Surveillance Operation
CBN की Neemuch Unit ने 16 से 27 जुलाई 2026 के बीच बिहार में Technical Intelligence, Human Intelligence और Field Surveillance के आधार पर कार्रवाई की। एजेंसी के अनुसार कथित मुख्य आरोपी पहले से फरार था और गया के खानजहांपुर इलाके में दोबारा अवैध गोदाम संचालित करने लगा था।
कई दिनों तक उसकी गतिविधियों पर गुप्त निगरानी रखने के बाद उसे 22 जुलाई को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर ही एजेंसियां आठ गोदामों और मसौढ़ी की कथित अवैध Unit तक पहुंचीं।
आधिकारिक विज्ञप्ति में आरोपी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसलिए जांच पूरी होने और औपचारिक Charge Sheet दाखिल होने से पहले उसकी पहचान को लेकर अपुष्ट दावों से बचना आवश्यक है।
पुराने मामले की बरामदगी को वर्तमान कार्रवाई से न मिलाएं
मूल विवरण में 68,200 Tramadol Tablets, 59,000 अन्य Tablets और Codeine Syrup की 52,542 Bottles को ताजा अभियान की बरामदगी बताया गया है। हालांकि उपलब्ध विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार ये दवाएं मई 2025 में गया के चार अवैध गोदामों पर हुई पिछली कार्रवाई में जब्त की गई थीं। मौजूदा Operation उसी 2025 में दर्ज मामले की Follow-up Investigation है।
वर्तमान कार्रवाई में प्रमुख NDPS बरामदगी 21,373 Buprenorphine Ampoules बताई गई है। इसके अलावा बिहार के औषधि विभाग ने आठ गोदामों से भारी मात्रा में गैर-NDPS श्रेणी की कथित नकली दवाएं जब्त कीं।
इस अंतर को स्पष्ट करना जरूरी है, क्योंकि पुराने और नए Seizure Figures को जोड़कर मौजूदा छापे की बरामदगी बताना तथ्यात्मक रूप से गलत तस्वीर पेश कर सकता है।
कैसे काम करता था कथित नेटवर्क?
जांच में सामने आए कथित Modus Operandi के अनुसार नेटवर्क से जुड़े लोग कम आय वाले इलाकों में मकान या कमरे किराये पर लेते थे। औपचारिक Rent Agreement नहीं बनाया जाता था और भुगतान नकद में किया जाता था, ताकि Banking या Digital Transaction का रिकॉर्ड न बने।
संदिग्धों पर जाली Identity Documents के आधार पर Mobile Connections लेने का भी आरोप है। जांच एजेंसी के अनुसार ऐसा Law Enforcement Agencies की निगरानी और आरोपियों की पहचान से बचने के लिए किया गया।
गोदाम अलग-अलग जगहों पर बनाए जाने से पूरा Stock एक परिसर में नहीं रहता था। इससे किसी एक जगह छापा पड़ने पर पूरे नेटवर्क की Supply Chain सामने आने का खतरा कम किया जा सकता था। यह जांच एजेंसी के आरोपों पर आधारित संभावित व्याख्या है; अंतिम निष्कर्ष अदालत में पेश साक्ष्यों पर निर्भर करेगा।
नकली दवाओं से कितना बड़ा खतरा?
नकली या मिलावटी दवाओं में घोषित Active Ingredient कम, अधिक या पूरी तरह अनुपस्थित हो सकता है। कुछ मामलों में गलत Chemicals या दूषित सामग्री मिलने का जोखिम भी रहता है। ऐसे Products बीमारी का प्रभावी उपचार नहीं कर पाते और मरीज की स्थिति बिगड़ सकती है।
Buprenorphine, Tramadol और Codeine जैसे Pharmaceutical Substances का वैध चिकित्सीय उपयोग है, लेकिन अनधिकृत निर्माण, बिना Prescription वितरण या गैर-चिकित्सीय इस्तेमाल गंभीर स्वास्थ्य जोखिम और नशे की समस्या पैदा कर सकता है।
इस मामले में जब्त Products की वास्तविक संरचना और नकली होने की अंतिम पुष्टि Forensic तथा Drug Laboratory Reports से होगी। केवल Packaging या Brand Name के आधार पर किसी Batch की Chemical Quality का अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
Operation Vajra क्या है?
Operation Vajra के तहत CBN हाल के महीनों में Synthetic Drugs, Controlled Medicines और अवैध Pharmaceutical Supply Chains के खिलाफ कई राज्यों में अभियान चला चुका है।
जुलाई 2026 में CBN ने इसी Operation के तहत दिल्ली के एक Warehouse से 12 करोड़ High-Strength Tramadol Tablets की कथित अंतरराष्ट्रीय Diversion को रोका था और बेंगलुरु तथा कोच्चि से तीन प्रमुख संदिग्ध गिरफ्तार किए थे।
इससे पहले CBN की Madhya Pradesh Unit ने पुणे में कथित Mephedrone Manufacturing Laboratory का भंडाफोड़ कर उज्जैन और जोधपुर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। वहां से Machinery, Laboratory Equipment और Precursor Chemicals जब्त किए गए थे।
CBN Department of Revenue और Ministry of Finance के अंतर्गत काम करने वाली Regulatory तथा Drug Enforcement Agency है। यह Narcotic Drugs और Psychotropic Substances के वैध इस्तेमाल की निगरानी के साथ अवैध निर्माण, Diversion और Trafficking के मामलों की जांच करती है।
अभी किन सवालों के जवाब बाकी?
कार्रवाई के बाद जांच एजेंसियों के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं:
- कथित नकली दवाएं किन राज्यों और बाजारों में भेजी जा रही थीं?
- Packaging Material और Raw Chemicals कहां से खरीदे गए?
- क्या वैध Wholesale या Retail Drug Licences का दुरुपयोग किया गया?
- नेटवर्क से किन Transporters, Distributors और Medical Stores के संबंध थे?
- क्या जब्त दवाओं का कोई हिस्सा पहले ही मरीजों तक पहुंच चुका था?
- Manufacturing और Distribution से होने वाली आय का इस्तेमाल कहां किया गया?
CBN ने जांच जारी रहने की बात कही है। गिरफ्तार आरोपी और अन्य संदिग्ध कानून की नजर में तब तक दोषी नहीं हैं, जब तक अदालत आरोपों को साक्ष्यों के आधार पर सिद्ध नहीं कर देती।




