Rajasthan Politics: दौसा के नांगल प्यारीवास में विश्व आदिवासी दिवस समारोह के दौरान मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मीणा-गुर्जर सामाजिक रिश्तों और पूर्वी राजस्थान के राजनीतिक समीकरणों पर खुलकर बात की। सचिन पायलट और राजेश पायलट का भी जिक्र किया।
दौसा। राजस्थान की राजनीति में पूर्वी राजस्थान का सामाजिक समीकरण हमेशा महत्वपूर्ण रहा है। इसी बीच दौसा जिले के नांगल प्यारीवास में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस समारोह में कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के बयान ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने मीणा और गुर्जर समाज के बीच भाईचारे और सामाजिक एकजुटता पर जोर दिया।
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने अपने संबोधन में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय राजेश पायलट और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों समुदायों के बीच आपसी सहयोग और सामाजिक रिश्तों को मजबूत बनाए रखना जरूरी है। उनके बयान को पूर्वी राजस्थान के राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

Rajasthan Politics: नांगल प्यारीवास में उमड़ा जनसैलाब
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर नांगल प्यारीवास के पंच-अथाई परिसर में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह के दूसरे दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। आयोजन के लिए करीब 125 बीघा क्षेत्र में विशाल डोम तैयार किया गया था, लेकिन भीड़ इतनी अधिक रही कि कई लोगों को डोम के बाहर बैठकर कार्यक्रम देखना पड़ा।
दौसा के अलावा जयपुर, करौली और आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक गतिविधियां दिनभर चलती रहीं।
Rajasthan Politics: सचिन पायलट और राजेश पायलट का किया जिक्र
कार्यक्रम में डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने गुर्जर समाज से जुड़े राजनीतिक इतिहास का उल्लेख करते हुए राजेश पायलट और सचिन पायलट का नाम लिया।
उन्होंने कहा कि दौसा क्षेत्र में मीणा समाज की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अपने संबोधन में उन्होंने गुर्जर समाज को सामाजिक रिश्तों और पुराने राजनीतिक सहयोग की याद दिलाई।
किरोड़ी लाल मीणा ने यह भी कहा कि राजनीतिक पद और सत्ता हासिल करने की इच्छा स्वाभाविक हो सकती है, लेकिन इसके लिए सामाजिक रिश्तों में तनाव पैदा नहीं होना चाहिए।
Rajasthan Politics: ‘मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह जनता और किस्मत तय करती है’
सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चाओं से जोड़कर देखे जा रहे अपने बयान में किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि कौन मुख्यमंत्री बनेगा और कौन प्रधानमंत्री, यह केवल किसी एक व्यक्ति के हाथ में नहीं होता। इसमें जनता का समर्थन और परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के साथ सामाजिक एकता बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। उनके इस बयान को राजस्थान की राजनीति में मीणा और गुर्जर समुदायों के बीच समीकरणों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
‘मीणा-गुर्जर राम-लक्ष्मण की तरह’
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने दोनों समुदायों के बीच भाईचारे की तुलना राम और लक्ष्मण की जोड़ी से की। उन्होंने कहा कि मीणा और गुर्जर समाज मूल रूप से खेती-किसानी से जुड़े हुए हैं और दोनों समुदायों की सामाजिक और आर्थिक चुनौतियां काफी हद तक समान हैं।
उन्होंने लोगों से आपसी विवाद और टकराव से बचने की अपील की। उनका कहना था कि दोनों समाजों के बीच किसी भी तरह का संघर्ष दोनों के लिए नुकसानदायक होगा।
किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि दोनों समुदायों को एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखने के बजाय भाईचारे और सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
बीजेपी को लेकर भी साफ किया अपना रुख
समारोह के दौरान डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने भारतीय जनता पार्टी के साथ अपने राजनीतिक संबंधों और विचारधारा को लेकर भी स्पष्ट बात कही।
उन्होंने एक पुराने प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने उनसे कहा था कि पार्टी गलत है, जबकि वह सही हैं। इसके जवाब में उन्होंने पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की।
किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें राजनीतिक पहचान और विचारधारा दी है। उन्होंने संकेत दिया कि वह पार्टी के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध हैं और इसी विचारधारा के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
Rajasthan Politics: अगले साल मूर्ति स्थापना की घोषणा
कार्यक्रम के दौरान डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने अगले वर्ष होने वाले विश्व आदिवासी दिवस को लेकर भी घोषणा की।
उन्होंने कहा कि 9 अगस्त 2027 को पंच-अथाई परिसर में भगवान और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियों की विधिवत स्थापना की जाएगी। इसके लिए परिसर में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की बात कही गई।
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां की गई थीं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग समारोह में पहुंचे।
Rajasthan Politics: सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
विश्व आदिवासी दिवस समारोह में राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।
स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों ने देशभक्ति एवं पारंपरिक संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। पीएमश्री विद्यालय की छात्राओं ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए, जबकि राजकीय महाविद्यालय की छात्राओं ने मीणा संस्कृति पर आधारित पारंपरिक नृत्य पेश किया।
इसके अलावा लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने भी लोगों का मनोरंजन किया। रेणुका पंवार, रोनी रमन, गौरी नागोरी, अलीत रावज और काजल सहित कलाकारों ने कार्यक्रम में प्रस्तुति दी।
मध्य प्रदेश से आए आदिवासी बच्चों के सांस्कृतिक दल ने भी अपनी कला का प्रदर्शन किया। किरण मीणा एंड टीम के साहसिक कार्यक्रम भी दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहे।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर लाल मीणा के नेतृत्व में पुलिस अधिकारी और जवान कार्यक्रम स्थल तथा आसपास के क्षेत्रों में तैनात रहे। पुलिस की ओर से भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया।
Rajasthan Politics: पूर्वी राजस्थान की राजनीति में बयान के मायने
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का यह बयान ऐसे समय आया है, जब राजस्थान में मीणा और गुर्जर समुदायों के राजनीतिक प्रभाव को लेकर लगातार चर्चा होती रहती है। दौसा, करौली, सवाई माधोपुर, जयपुर ग्रामीण और आसपास के इलाकों में दोनों समुदायों की राजनीतिक भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
ऐसे में सचिन पायलट और राजेश पायलट का उल्लेख करते हुए मीणा-गुर्जर एकता की बात करना राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बन गया है।
हालांकि, किरोड़ी लाल मीणा के बयान को किसी औपचारिक राजनीतिक समर्थन या मुख्यमंत्री पद के लिए घोषणा के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने मुख्य रूप से सामाजिक एकता, पुराने संबंधों और समुदायों के बीच सहयोग पर जोर दिया।




