Pratapgarh Congress Protest के बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के शनिवार को प्रतापगढ़ दौरे के दौरान राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व विधायक रामलाल मीणा, कांग्रेस जिला अध्यक्ष दिग्विजय सिंह सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया और उन्हें छोटीसादड़ी थाने ले जाया गया। कांग्रेस नेता विद्या संबल भर्ती में टीएसपी क्षेत्र के स्थानीय अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने की मांग को लेकर विरोध कर रहे थे।
इससे एक दिन पहले भी पूर्व विधायक रामलाल मीणा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और अभ्यर्थियों ने प्रतापगढ़ में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने मांग रखी थी कि टीएसपी क्षेत्र में विद्या संबल भर्ती के दौरान स्थानीय उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाए और क्षेत्र से जुड़ी आरक्षण व्यवस्था लागू की जाए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता कलेक्टर और एसपी आवास की ओर भी बढ़े थे।
Pratapgarh Congress Protest की वजह क्या है?
Pratapgarh Congress Protest का मुख्य मुद्दा विद्या संबल भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों और कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जनजातीय उपयोजना यानी TSP क्षेत्र में होने वाली भर्ती में स्थानीय युवाओं के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने भर्ती के नियमों में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि क्षेत्र के अभ्यर्थियों के लिए स्थानीय स्तर पर लागू आरक्षण और प्राथमिकता संबंधी व्यवस्था को ध्यान में रखा जाना चाहिए। ये प्रदर्शनकारियों और कांग्रेस नेताओं की मांगें हैं; भर्ती नियमों पर सरकार का विस्तृत जवाब उपलब्ध स्रोतों में स्पष्ट नहीं मिला है।
शुक्रवार को हुए प्रदर्शन के दौरान रामलाल मीणा अपने समर्थकों के साथ धरने पर भी बैठे थे। स्थानीय रिपोर्ट में अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद कांग्रेस प्रतिनिधियों की ओर से मांगों को प्रशासन के सामने रखने की बात कही गई थी।
Pratapgarh Congress Protest: CM के सामने मांग रखने की कही थी बात
रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व विधायक रामलाल मीणा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रतापगढ़ दौरे से पहले अपनी मांग को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की बात कही थी।
उनका कहना था कि विद्या संबल भर्ती में टीएसपी क्षेत्र के स्थानीय युवाओं से जुड़े मुद्दे पर सरकार को फैसला करना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र के अभ्यर्थियों से भी इस मुद्दे को लेकर आवाज उठाने की अपील की थी।
इसके बाद शनिवार को स्थानीय रिपोर्ट में रामलाल मीणा और अन्य कांग्रेस नेताओं को पुलिस हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई। पुलिस की ओर से हिरासत के कारणों पर विस्तृत आधिकारिक बयान मुझे उपलब्ध वेब स्रोतों में नहीं मिला है, इसलिए कार्रवाई के पीछे किसी खास मंशा का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
विद्या संबल भर्ती को लेकर पहले भी हुआ प्रदर्शन
Pratapgarh Congress Protest अचानक शुरू नहीं हुआ। एक दिन पहले प्रतापगढ़ में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और अभ्यर्थी इसी मांग को लेकर प्रदर्शन कर चुके थे।
पूर्व विधायक रामलाल मीणा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने टीएसपी क्षेत्र में स्थानीय अभ्यर्थियों को वरीयता देने की मांग उठाई। रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शनकारी कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक आवास की ओर बढ़े, जिसके बाद वहां पुलिस बल तैनात किया गया था। बाद में अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
कांग्रेस की ओर से मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन जारी रखने की बात भी कही गई थी। यह कांग्रेस और प्रदर्शनकारियों की घोषित स्थिति थी।
Pratapgarh Congress Protest: प्रतापगढ़ दौरे पर CM भजनलाल शर्मा
इसी घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का 26 सितंबर 2026 को प्रतापगढ़ दौरा पहले से निर्धारित था। कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सुबह जयपुर से रवाना होकर उदयपुर पहुंचे और वहां से प्रतापगढ़ के लिए प्रस्थान किया।
दौरे के कार्यक्रम में दोपहर करीब 12:40 बजे दीपेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना शामिल थी। इसके बाद दोपहर 1 बजे दशहरा मैदान में विकास कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण के साथ जनसभा का कार्यक्रम रखा गया था।
इसके बाद मुख्यमंत्री का राजकीय महाविद्यालय ऑडिटोरियम में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कार्यक्रम निर्धारित था। प्रतापगढ़ के बाद मुख्यमंत्री को उदयपुर जाकर एक अन्य कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में शामिल होना था।
Pratapgarh Congress Protest से बढ़ी सियासी हलचल
मुख्यमंत्री के दौरे और Pratapgarh Congress Protest के एक ही दिन होने के कारण जिले में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। कांग्रेस स्थानीय युवाओं को विद्या संबल भर्ती में प्राथमिकता देने का मुद्दा उठा रही है, जबकि मुख्यमंत्री का दौरा विकास परियोजनाओं के लोकार्पण-शिलान्यास और निर्धारित राजनीतिक कार्यक्रमों पर केंद्रित था।
अब इस मामले में नजर इस बात पर रहेगी कि विद्या संबल भर्ती को लेकर प्रदर्शनकारियों की मांग पर राज्य सरकार या संबंधित विभाग की ओर से क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है। साथ ही हिरासत से जुड़े घटनाक्रम पर पुलिस की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।
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