Rajasthan CM Bhajanlal Sharma ने जयपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग से आने वाले सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम किया। बैठक में पूर्व IAS, IPS, IRS और राज्य सेवा के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के लंबे प्रशासनिक अनुभव को राज्य के विकास और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की सफलता केवल उसके निर्माण से नहीं, बल्कि जमीन पर उसके सही तरीके से लागू होने से तय होती है।

बैठक का मुख्य फोकस सामाजिक न्याय, वंचित वर्गों के विकास, शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और सरकारी योजनाओं के प्रभावी संचालन पर रहा।
सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ने की अपील
मुख्यमंत्री ने सेवानिवृत्त अधिकारियों से कहा कि सरकारी सेवा से रिटायरमेंट के बाद भी सामाजिक जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती। उनके पास वर्षों का प्रशासनिक अनुभव और जमीनी परिस्थितियों की समझ है, जिसका इस्तेमाल समाज और युवा पीढ़ी के मार्गदर्शन में किया जा सकता है।
उन्होंने अधिकारियों से सरकारी योजनाओं को लेकर अपने अनुभव और सुझाव साझा करने का भी आग्रह किया।
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Rajasthan CM Bhajanlal Sharma ने बाबा साहेब के विचारों को बताया आधार
Rajasthan CM Bhajanlal Sharma ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों और सामाजिक न्याय की अवधारणा को राज्य के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला बताया।
मुख्यमंत्री के अनुसार समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर उपलब्ध कराना और कमजोर वर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि विकास का वास्तविक अर्थ तभी है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
Rajasthan CM Bhajanlal Sharma: SC-ST अत्याचार के मामलों पर त्वरित कार्रवाई
बैठक में मौजूद पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों ने SC-ST वर्ग से जुड़े अत्याचार के मामलों में त्वरित जांच और कार्रवाई को लेकर सरकार के प्रयासों पर चर्चा की।
पूर्व अधिकारियों ने सामाजिक न्याय से जुड़े मामलों में प्रशासनिक स्तर पर संवेदनशीलता और प्रभावी कार्रवाई को जरूरी बताया। उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर कई सुझाव भी साझा किए।
छात्रों के मेस भत्ते में बढ़ोतरी
Rajasthan CM Bhajanlal Sharma मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान छात्र कल्याण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि हॉस्टल और आवासीय विद्यालयों में रहने वाले विद्यार्थियों के मासिक मेस भत्ते में वृद्धि की गई है।
- हॉस्टल और आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों का मेस भत्ता ₹2,500 से बढ़ाकर ₹3,250 किया गया।
- स्पोर्ट्स एकेडमी के विद्यार्थियों के लिए मेस भत्ता ₹2,600 से बढ़ाकर ₹4,000 प्रति माह किया गया।
सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनकी पढ़ाई के दौरान आर्थिक दबाव को कम करना है।
लाखों विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ
Rajasthan CM Bhajanlal Sharma ने बताया कि अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए संचालित उत्तर-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को लाभ दिया गया है।
सरकार के अनुसार SC वर्ग के करीब 4.25 लाख और ST वर्ग के लगभग 4.30 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजना का लाभ मिला है।
छात्रवृत्ति का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा जारी रखने में मदद करना है।
SC-ST युवाओं के लिए उद्यमिता पर जोर
Rajasthan CM Bhajanlal Sharma बैठक में रोजगार और स्वरोजगार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। मुख्यमंत्री ने बताया कि डॉ. बी.आर. आंबेडकर राजस्थान दलित, आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना के माध्यम से युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है।
सरकार के मुताबिक इस योजना के तहत अब तक करीब 887 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए जा चुके हैं।
सरकार का फोकस युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने पर भी है।
250 नए मां-बाड़ी केंद्र खोलने की तैयारी
Rajasthan CM Bhajanlal Sharma आदिवासी बहुल क्षेत्रों में बच्चों की शिक्षा और पोषण को बेहतर बनाने के लिए मां-बाड़ी केंद्रों को लेकर भी जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन केंद्रों के मानदेय में लगातार दो वर्षों तक 10-10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसके साथ ही राज्य में 250 नए मां-बाड़ी केंद्र शुरू करने के आदेश दिए गए हैं।
इन केंद्रों के माध्यम से आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों तक शिक्षा और अन्य जरूरी सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
आदर्श ग्राम विकास योजना से बुनियादी सुविधाओं पर फोकस
Rajasthan CM Bhajanlal Sharma ने बाबा साहेब आंबेडकर आदर्श ग्राम विकास योजना का भी उल्लेख किया।
इस योजना के तहत 10 हजार से अधिक आबादी वाले ऐसे गांवों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है, जहां SC-ST वर्ग की आबादी अधिक है।
इन क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वच्छता और कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
PM-JANMAN योजना से जनजातीय परिवारों को आवास
विशेष रूप से पिछड़े जनजातीय समूहों के लिए संचालित PM-JANMAN योजना के तहत भी सरकार ने किए गए कार्यों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री के अनुसार बारां जिले में 14,636 पात्र परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया गया है। योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है, जो लंबे समय से विकास की मुख्यधारा से दूर रहे हैं।
स्थानीय उत्पादों और रोजगार को बढ़ावा
राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने पर भी जोर दे रही है। इसके लिए ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ और ‘पंच गौरव’ जैसी योजनाओं का उल्लेख किया गया।
सरकार का मानना है कि स्थानीय उत्पादों को पहचान और बाजार मिलने से छोटे कारोबार, कारीगरों और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
इसके अलावा बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रोजेक्ट्स के जरिए भी प्रदेश में विकास को गति देने की बात कही गई।
Rajasthan CM Bhajanlal Sharma बैठक में कौन-कौन से रिटायर्ड अधिकारी रहे मौजूद?
मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित संवाद में कई सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इनमें पूर्व IAS अधिकारी डॉ. ललित के. पंवार, पूर्व IPS अधिकारी रवि प्रकाश मेहरड़ा, जे.पी. चंदेलिया, ओम प्रकाश बैरवा और अनिल गोठवाल सहित अन्य पूर्व IAS, IPS और IRS अधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने राज्य में सामाजिक समरसता और विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए अपने अनुभव का इस्तेमाल करने की बात कही।
क्या है इस बैठक का बड़ा संदेश?
Rajasthan CM Bhajanlal Sharma और SC-ST वर्ग के रिटायर्ड अधिकारियों के बीच हुआ यह संवाद केवल एक औपचारिक बैठक तक सीमित नहीं रहा। इसमें सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने, सामाजिक न्याय को मजबूत करने और वंचित वर्गों के युवाओं को शिक्षा व रोजगार के बेहतर अवसर देने पर जोर दिखाई दिया।
सेवानिवृत्त अधिकारियों का अनुभव प्रशासन और समाज के बीच बेहतर फीडबैक सिस्टम तैयार करने में महत्वपूर्ण हो सकता है। आने वाले समय में सरकार इन सुझावों को नीतियों और योजनाओं के क्रियान्वयन में किस तरह इस्तेमाल करती है, यह देखना अहम होगा।




