Delhi Digital Arrest Scam: दिल्ली में साइबर अपराधियों ने जांच एजेंसियों का नाम इस्तेमाल कर 74 वर्षीय रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी और उनकी पत्नी को करीब सात दिनों तक डर के साए में रखा। ठगों ने खुद को NIA, ATS और RBI से जुड़ा अधिकारी बताकर दावा किया कि बुजुर्ग का बैंक अकाउंट नवंबर 2025 में हुए Red Fort blast के आरोपियों की फंडिंग में इस्तेमाल हुआ है। गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनसे दो बार में कुल ₹30 लाख ट्रांसफर करा लिए गए। दिल्ली पुलिस ने मामले में हरियाणा के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है और ₹12 लाख की रकम वापस दिलाने में सफलता मिलने की बात कही है।
मामला अब इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि ठगों ने एक हालिया और गंभीर आतंकी घटना का नाम लेकर पीड़ितों में डर पैदा किया। गृह मंत्रालय पहले भी चेतावनी दे चुका है कि साइबर अपराधी पुलिस, CBI, RBI और दूसरी सरकारी एजेंसियों के अधिकारी बनकर लोगों को कथित “Digital Arrest” में रखने और पैसे ट्रांसफर कराने की कोशिश करते हैं।

Delhi Digital Arrest Scam कैसे शुरू हुआ?
घटना पिछले साल 23 नवंबर की है। दिल्ली के द्वारका में रहने वाले रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी एक रिश्तेदार की शादी में जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान शाम करीब चार बजे उनके पास फोन आया।
कॉल करने वाले ने खुद को NIA अधिकारी बताते हुए कहा कि जांच में उनके बैंक खाते का संबंध Red Fort blast के आरोपियों से सामने आया है और उनके पैसे का इस्तेमाल आतंकियों की फंडिंग के लिए किया गया है। यह कॉल 10 नवंबर के Red Fort blast के कुछ ही दिनों बाद आया था, जिससे बुजुर्ग घबरा गए।
Delhi Digital Arrest Scam, अगले दिन आरोपियों ने वीडियो कॉल शुरू की। दिल्ली पुलिस के अनुसार अलग-अलग लोग खुद को NIA और ATS अधिकारी बताते रहे और बुजुर्ग दंपति को गिरफ्तारी की धमकी दी।
Delhi Digital Arrest Scam: 7 दिन तक वीडियो कॉल पर रखा निगरानी में
Delhi Digital Arrest Scam में ठगों ने दंपति को परिवार से संपर्क तक नहीं करने दिया। पुलिस के मुताबिक उन्हें WhatsApp पर एक फर्जी “Confidentiality Agreement” भेजा गया और किसी को जांच के बारे में न बताने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद करीब सात दिनों तक कॉल और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन पर निगरानी रखी गई। ठगों ने बैंक अकाउंट, Fixed Deposits और दूसरी संपत्तियों की जानकारी हासिल कर ली। DCP Crime Branch Harsh Indora के मुताबिक पीड़ितों को अलग-थलग रहने और लगातार कॉल पर उपलब्ध रहने के लिए मजबूर किया गया।
‘RBI Approved Account’ के नाम पर ₹30 लाख ट्रांसफर
Delhi Digital Arrest Scam, कुछ दिनों बाद आरोपियों ने कहा कि जांच लगभग पूरी हो गई है और अब केवल पीड़ित के पैसे के स्रोत की जांच करनी है।
ठगों ने दावा किया कि रकम को एक “RBI-approved account” में भेजना होगा और verification के बाद पैसा वापस कर दिया जाएगा। पुलिस के मुताबिक बुजुर्ग ने अपनी FD तोड़कर ₹30 लाख निकाले।
3 दिसंबर को उन्होंने ₹15 लाख RTGS से भेजे। अगले दिन उनसे फिर ₹15 लाख मांगे गए और उन्होंने दूसरी रकम भी ट्रांसफर कर दी। इसके बाद उन्हें RBI के नाम और Governor की कथित मुहर वाला एक फर्जी verification letter भेजा गया। फिर आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया।
RBI की चेतावनी के अनुसार केंद्रीय बैंक लोगों से किसी कथित verification के लिए पैसे जमा या ट्रांसफर करने को नहीं कहता और व्यक्तियों के लिए ऐसे खाते नहीं खोलता जिनमें उनसे धन जमा कराया जाए।
Delhi Digital Arrest Scam: छह महीने बाद खाते तक पहुंची Crime Branch
शिकायत दर्ज होने के बाद जांच Delhi Police Crime Branch को दी गई। जांच टीम ने बैंक transactions की money trail खंगाली।
पुलिस को पता चला कि ₹15 लाख का एक RTGS transaction Shri Balaji Tractor नाम की फर्म के खाते में गया था। यह खाता हरियाणा के फतेहाबाद निवासी Sunil Singla के नाम पर था। पुलिस का दावा है कि इसी खाते का इस्तेमाल छह से अधिक cyber fraud मामलों में हुआ और करीब ₹1 करोड़ का transaction इससे जुड़ा मिला।
पुलिस ने सिंगला को 11 मई को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी के मुताबिक उसने पूछताछ में बताया कि वह अपने कारोबार के लिए online loan ढूंढ रहा था, तभी एक व्यक्ति ने commission के बदले खाते में बड़ी रकम के transactions की अनुमति देने का प्रस्ताव दिया। ये पुलिस जांच के दावे हैं; मामले में अंतिम दोष न्यायिक प्रक्रिया से तय होगा।
Delhi Digital Arrest Scam: ₹15 लाख में से ₹12 लाख बचाए
पुलिस के अनुसार आरोपी के खाते में गए ₹15 लाख में से सिर्फ ₹3 लाख आगे transfer हो पाए थे। बाकी ₹12 लाख freeze कराकर पीड़ित को वापस कराए गए। कुल ₹30 लाख की ठगी में बाकी रकम की जांच जारी है।
Delhi Digital Arrest Scam से कैसे बचें?
ऐसी किसी कॉल में सबसे पहले यह याद रखें कि “Digital Arrest” नाम की कोई वैध प्रक्रिया फोन या वीडियो कॉल पर पैसे ट्रांसफर कराने के लिए इस्तेमाल नहीं की जाती। गृह मंत्रालय ने लोगों से पुलिस, CBI, NIA, RBI या दूसरी एजेंसियों का नाम लेकर आने वाली धमकी भरी कॉल पर सतर्क रहने को कहा है।
सरकारी अधिकारी अगर “safe account”, “RBI account”, “verification account” या जांच के नाम पर पैसे मांगें तो कोई रकम न भेजें। कॉल काटकर संबंधित एजेंसी के आधिकारिक नंबर से independently verify करें। Financial cyber fraud होने पर जितनी जल्दी हो सके 1930 पर शिकायत करें और National Cyber Crime Reporting Portal पर रिपोर्ट दर्ज करें।
Delhi Digital Arrest Scam की बड़ी बातें
- 74 वर्षीय रिटायर्ड Railway कर्मचारी और उनकी पत्नी बने निशाना
- Fake NIA और ATS officers बनकर किया संपर्क
- Red Fort blast की फंडिंग का लगाया झूठा आरोप
- करीब 7 दिन तक कथित digital arrest
- WhatsApp पर भेजा fake confidentiality agreement
- दो बार में ₹30 लाख ट्रांसफर कराए
- RBI के नाम पर fake verification letter भेजा गया
- आरोपी Sunil Singla को पुलिस ने गिरफ्तार किया
- पुलिस ने ₹12 लाख recover कर वापस दिलाए
पुलिस जांच अभी जारी
Delhi Digital Arrest Scam ने एक बार फिर दिखाया है कि साइबर अपराधी लोगों को डराने के लिए चर्चित आपराधिक घटनाओं और सरकारी एजेंसियों के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस मामले में Red Fort blast को बहाना बनाकर बुजुर्ग दंपति को आतंकवाद की जांच में फंसाने की धमकी दी गई।
ऐसी स्थिति में घबराकर रकम ट्रांसफर करने के बजाय कॉल काटना, परिवार को बताना और तुरंत पुलिस से संपर्क करना सबसे जरूरी कदम है। दिल्ली मामले में एक आरोपी गिरफ्तार हुआ है, जबकि पूरे नेटवर्क और बाकी रकम की जांच जारी है।
आधिकारिक साइबर फ्रॉड शिकायत के लिए National Cyber Crime Reporting Portal और जागरूकता संबंधी जानकारी के लिए RBI Official Website देखें।
The News Canvas की अन्य राष्ट्रीय खबरों के लिए पढ़ें।

